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आधुनिक भारत - सम्पूर्ण नोट्स | SSC CGL सामान्य जागरूकता

Complete Modern India notes for SSC CGL GK - Plassey, Buxar, Anglo wars, 1857 revolt, tribal revolts, reform movements & Governors-General. Bilingual with PYQs.

ExamAtlasEditorial team

Published 2 Jul 2026

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आधुनिक भारत — SSC CGL सामान्य जागरूकता के सम्पूर्ण नोट्स

संक्षिप्त उत्तर: आधुनिक भारत में यूरोपीय लोगों का आगमन, भारत पर ब्रिटिश विजय (प्लासी एवं बक्सर), आंग्ल युद्ध, ब्रिटिश आर्थिक एवं भू-राजस्व नीतियां, किसान-आदिवासी विद्रोह, सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन, शिक्षा एवं प्रेस का विकास, और 1857 का विद्रोह शामिल हैं। SSC CGL के लिए आधुनिक इतिहास से Tier-1 सामान्य जागरूकता में लगभग 2-4 प्रश्न आते हैं और यह सबसे अधिक अंक दिलाने वाला इतिहास भाग है।

यह अध्याय 1858 तक ब्रिटिश शासन की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण को कवर करता है; संगठित स्वतंत्रता संग्राम (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, गांधीवादी आंदोलन) अगले अध्याय में है। पूरा अध्याय एक बार पढ़ें, फिर परीक्षा से पहले गवर्नर-जनरल तालिका, त्वरित संशोधन तालिका और FAQ का उपयोग करें।


1. यूरोपीय लोगों का आगमन

भारत आने वाले पहले यूरोपीय कौन थे? समुद्री मार्ग से भारत पहुंचने वाले पहले यूरोपीय पुर्तगाली थे, जब 1498 में वास्को डी गामा कालीकट पहुंचा। उनके बाद डच, अंग्रेज, डेनिश और फ्रांसीसी व्यापारिक कंपनियां आईं, जो भारत के लाभदायक मसाला एवं वस्त्र व्यापार में हिस्सा चाहती थीं।

यूरोपीय व्यापारिक कंपनियां

कंपनीस्थापनापहला / प्रमुख व्यक्तिमुख्य केंद्र
पुर्तगाली (एस्तादो द इंडिया)आगमन 1498वास्को डी गामा; अल्फांसो द अल्बुकर्क (गोवा जीता, 1510)गोवा
अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी1600महारानी एलिजाबेथ प्रथम का चार्टर; पहली फैक्टरी सूरत (1613)कलकत्ता
डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC)1602मसाला द्वीपों पर केंद्रित; अंग्रेजों ने भारत से खदेड़ापुलिकट
डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी1616छोटा खिलाड़ी; बस्तियां अंग्रेजों को बेचींट्रांकेबार / सेरामपुर
फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी1664कोल्बेर के अधीन स्थापित; डूप्ले सबसे योग्य गवर्नरपांडिचेरी

कर्नाटक युद्ध (1746-1763)

  • दक्षिण भारत में प्रभुत्व के लिए अंग्रेजों एवं फ्रांसीसियों के बीच तीन युद्ध।
  • वांडीवाश का युद्ध (1760) निर्णायक था: अंग्रेजों (सर आयरकूट) ने फ्रांसीसियों को कुचल दिया।
  • पेरिस की संधि (1763) ने भारत में फ्रांसीसी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का अंत किया; अंग्रेज सबसे शक्तिशाली यूरोपीय शक्ति बने।

2. बंगाल पर ब्रिटिश विजय

कौन-सा युद्ध भारत में ब्रिटिश शासन की शुरुआत का प्रतीक है? प्लासी का युद्ध (1757) भारत में ब्रिटिश राजनीतिक शक्ति की शुरुआत का प्रतीक है। रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को नवाब के सेनापति मीर जाफर के विश्वासघात की सहायता से हराया, जिससे ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल की संपत्ति पर नियंत्रण मिला।

प्लासी बनाम बक्सर — दो निर्णायक युद्ध

आधारप्लासी का युद्ध (1757)बक्सर का युद्ध (1764)
ब्रिटिश सेनापतिरॉबर्ट क्लाइवहेक्टर मुनरो
पराजितसिराजुद्दौला (बंगाल का नवाब)मीर कासिम, शुजाउद्दौला (अवध) एवं शाह आलम द्वितीय (मुगल सम्राट) की संयुक्त सेना
महत्वब्रिटिश राजनीतिक शक्ति की शुरुआतअंग्रेजों को भारत का वास्तविक शासक स्थापित किया
परिणाममीर जाफर कठपुतली नवाब बनाइलाहाबाद की संधि (1765); कंपनी को बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा की दीवानी मिली

1765 में दीवानी का अनुदान (शाह आलम द्वितीय द्वारा क्लाइव को) ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा के राजस्व पर कंपनी शासन को कानूनी रूप से स्थापित किया — भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव। इससे बंगाल में द्वैध शासन (1765-72) शुरू हुआ, जिसे वॉरेन हेस्टिंग्स ने समाप्त किया।


3. ब्रिटिश शक्ति का विस्तार

अंग्रेजों ने पूरे भारत में विस्तार कैसे किया? अंग्रेजों ने मराठों, मैसूर, और सिखों के विरुद्ध युद्धों की श्रृंखला के माध्यम से, तथा दो प्रमुख नीतियों — लॉर्ड वेलेजली की सहायक संधि और लॉर्ड डलहौजी के व्यपगत सिद्धांत — के माध्यम से विस्तार किया, जिन्होंने भारतीय राज्यों को एक-एक कर हड़प लिया।

विस्तार नीतियां

  • सहायक संधि — लॉर्ड वेलेजली (1798) द्वारा प्रस्तुत। इसे स्वीकार करने वाला पहला शासक हैदराबाद का निजाम था। राज्यों को ब्रिटिश सेना रखनी पड़ती थी और वे ब्रिटिश सहमति के बिना गठबंधन नहीं कर सकते थे।
  • व्यपगत सिद्धांत — लॉर्ड डलहौजी द्वारा प्रयुक्त। प्राकृतिक पुरुष उत्तराधिकारी रहित राज्य अंग्रेजों को "व्यपगत" हो जाते थे। सतारा (पहला), झांसी, नागपुर, संबलपुर, और जैतपुर इसी तरह हड़पे गए।

आंग्ल-मैसूर युद्ध (हैदर अली एवं टीपू सुल्तान के विरुद्ध)

युद्धकालपरिणाम / संधि
प्रथम1767-69हैदर अली जीता; मद्रास की संधि
द्वितीय1780-84हैदर अली की मृत्यु (1782); मैंगलोर की संधि
तृतीय1790-92टीपू ने आधा क्षेत्र खोया; श्रीरंगपट्टनम की संधि
चतुर्थ1799टीपू सुल्तान श्रीरंगपट्टनम की रक्षा करते हुए मारा गया; ब्रिटिश विजय

आंग्ल-मराठा एवं आंग्ल-सिख युद्ध

युद्धकालपरिणाम / संधि
प्रथम आंग्ल-मराठा1775-82सालबाई की संधि (यथास्थिति)
द्वितीय आंग्ल-मराठा1803-05अंग्रेजों को बड़ा क्षेत्र मिला (बेसिन की संधि, 1802 के बाद)
तृतीय आंग्ल-मराठा1817-18मराठा शक्ति कुचली गई; पेशवा पद समाप्त
प्रथम आंग्ल-सिख1845-46लाहौर की संधि
द्वितीय आंग्ल-सिख1848-49डलहौजी द्वारा पंजाब हड़पा गया

4. ब्रिटिश आर्थिक नीतियां एवं धन की निकासी

"धन की निकासी" सिद्धांत क्या था? धन की निकासी (Drain of Wealth) सिद्धांत के अनुसार ब्रिटेन बिना किसी आर्थिक प्रतिफल के भारत की संपत्ति एवं संसाधनों को लगातार इंग्लैंड ले जा रहा था, जिससे भारत गरीब बना रहा। इसे सबसे पहले दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक "Poverty and Un-British Rule in India" में समझाया।

मुख्य बिंदु

  • दादाभाई नौरोजी, "भारत के वयोवृद्ध पुरुष", ने धन की निकासी सिद्धांत दिया; आर.सी. दत्त ने इसे अपनी "Economic History of India" में वर्णित किया।
  • औद्योगीकरण का ह्रास: ब्रिटिश नीतियों ने भारत के हस्तशिल्प एवं वस्त्र उद्योग को बर्बाद कर दिया, भारत को कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता एवं ब्रिटिश माल का बाजार बना दिया।
  • कृषि का व्यापारीकरण: किसानों को खाद्यान्न के बजाय नकदी फसलें (नील, कपास, अफीम) उगाने को मजबूर किया गया, जिससे अकाल बढ़े।
  • अकाल: 1876-78 के महान अकाल में लाखों मारे गए। पहला अकाल आयोग (1880) लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में रिचर्ड स्ट्रैची के अधीन बना।

5. ब्रिटिश भू-राजस्व व्यवस्थाएं

ब्रिटिश शासन के अंतर्गत तीन भू-राजस्व व्यवस्थाएं क्या थीं? अंग्रेजों ने तीन भू-राजस्व व्यवस्थाएं शुरू कीं: स्थायी बंदोबस्त (जमींदारों के साथ), रैयतवाड़ी व्यवस्था (सीधे किसानों के साथ), और महालवाड़ी व्यवस्था (ग्राम समुदायों के साथ)। तीनों ने मिलकर लगभग पूरे ब्रिटिश भारत को कवर किया और किसानों पर भारी कर लगाया।

भू-राजस्व व्यवस्थाओं की तुलना

व्यवस्थाप्रस्तुतकर्तावर्षक्षेत्रराजस्व देने वाले
स्थायी बंदोबस्तलॉर्ड कॉर्नवालिस1793बंगाल, बिहार, उड़ीसाजमींदार (भूस्वामी बनाए गए)
रैयतवाड़ी व्यवस्थाथॉमस मुनरो एवं अलेक्जेंडर रीड1820मद्रास एवं बॉम्बेरैयत (सीधे किसान)
महालवाड़ी व्यवस्थाहोल्ट मैकेंजी1822उत्तर-पश्चिम प्रांत, पंजाबगांव / महाल (संयुक्त रूप से)
याद रखने की ट्रिक: स्थायी-कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी-मुनरो, महालवाड़ी-मैकेंजी। तीनों ने कर बढ़ाया और किसानों को गरीब बनाया।

6. किसान, आदिवासी एवं नागरिक विद्रोह

ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रमुख आदिवासी एवं किसान विद्रोह कौन-से थे? 1857 से पहले और बाद में, कई किसान एवं आदिवासी समूहों ने ब्रिटिश भू-नीतियों, ऊंचे करों, और हस्तक्षेप के विरुद्ध विद्रोह किया। प्रमुख उदाहरणों में संथाल विद्रोह, बिरसा मुंडा का मुंडा विद्रोह, नील विद्रोह, और दक्कन दंगे शामिल हैं।

प्रमुख विद्रोह

विद्रोहवर्षक्षेत्र / नेता
संन्यासी विद्रोह1770 का दशकबंगाल
कोल विद्रोह1831-32छोटानागपुर (बिहार/झारखंड)
संथाल विद्रोह1855-56बिहार/झारखंड — सिद्धू एवं कान्हू
नील विद्रोह1859-60बंगाल — नील बागान मालिकों के विरुद्ध
दक्कन दंगे1875महाराष्ट्र — साहूकारों के विरुद्ध
मुंडा विद्रोह (उलगुलान)1899-1900छोटानागपुर — बिरसा मुंडा

बिरसा मुंडा, मुंडा "उलगुलान" (महान विद्रोह) के नेता, एक आदिवासी प्रतीक एवं स्वतंत्रता सेनानी के रूप में याद किए जाते हैं।


7. सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन

19वीं सदी के सुधार आंदोलनों का उद्देश्य क्या था? 19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों का उद्देश्य सती, बाल विवाह, और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करना, तथा महिला शिक्षा एवं तर्कसंगत सोच को बढ़ावा देना था। ये आधुनिक भारतीय सामाजिक जागृति या "पुनर्जागरण" का आधार हैं।

प्रमुख सुधार आंदोलन एवं सुधारक

आंदोलन / संस्थासंस्थापकवर्ष
ब्रह्म समाजराजा राम मोहन राय1828
यंग बंगाल आंदोलनहेनरी विवियन डेरोजियो1820 का दशक
प्रार्थना समाजआत्माराम पांडुरंग1867
सत्यशोधक समाजज्योतिबा फुले1873
आर्य समाजस्वामी दयानंद सरस्वती1875
अलीगढ़ आंदोलनसर सैयद अहमद खान1875 (MAO कॉलेज)
देवबंद आंदोलनमुहम्मद कासिम ननौतवी1866
रामकृष्ण मिशनस्वामी विवेकानंद1897

प्रमुख सुधारक — अवश्य याद करें

  • राजा राम मोहन राय — "आधुनिक भारत के जनक"; ब्रह्म समाज की स्थापना की; उनके प्रयासों से 1829 में सती प्रथा समाप्त हुई (लॉर्ड विलियम बेंटिक द्वारा); संबाद कौमुदी प्रकाशित की।
  • ईश्वर चंद्र विद्यासागर — विधवा पुनर्विवाह के समर्थक; उनके प्रयासों से विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) पारित हुआ।
  • स्वामी दयानंद सरस्वती — आर्य समाज की स्थापना की; "वेदों की ओर लौटो" का नारा दिया; सत्यार्थ प्रकाश लिखी।
  • स्वामी विवेकानंद — रामकृष्ण परमहंस के शिष्य; उनके 1893 के शिकागो भाषण ने भारतीय अध्यात्म को पश्चिम से परिचित कराया।
  • ज्योतिबा फुले — निम्न जातियों एवं महिला शिक्षा के लिए संघर्ष किया; गुलामगिरी लिखी।

8. शिक्षा एवं प्रेस का विकास

ब्रिटिश काल में आधुनिक शिक्षा कैसे विकसित हुई? आधुनिक अंग्रेजी शिक्षा मैकाले के 1835 के मिनट के माध्यम से विकसित हुई, जिसने अंग्रेजी को उच्च शिक्षा का माध्यम बनाया, और 1854 के वुड डिस्पैच के माध्यम से, जिसे "भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा" कहा जाता है, जिसने एक संगठित शिक्षा प्रणाली एवं विश्वविद्यालय स्थापित किए।

शिक्षा के मील के पत्थर

  • चार्टर एक्ट 1813 — भारत में शिक्षा के लिए पहली बार धन (₹1 लाख) आवंटित किया।
  • मैकाले का मिनट (1835) — अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया; "अधोमुखी निस्यंदन सिद्धांत"।
  • वुड डिस्पैच (1854) — "अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा"; इससे कलकत्ता, बॉम्बे, और मद्रास विश्वविद्यालय (1857) बने।
  • हंटर आयोग (1882) — प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा पर केंद्रित (लॉर्ड रिपन के अधीन)।

प्रेस का विकास

  • भारत का पहला समाचार पत्र बंगाल गजट (1780) था, जेम्स ऑगस्टस हिक्की द्वारा।
  • मेटकाफ को "भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता" कहा जाता है (1835)।
  • वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) लॉर्ड लिटन द्वारा भारतीय-भाषा समाचार पत्रों पर अंकुश हेतु पारित किया गया; इसे लॉर्ड रिपन ने निरस्त किया।

9. 1857 का विद्रोह

1857 के विद्रोह का कारण क्या था? 1857 का विद्रोह, जिसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भी कहा जाता है, राजनीतिक विलय, आर्थिक शोषण, और सामाजिक-धार्मिक हस्तक्षेप के कारण हुआ। इसका तात्कालिक कारण चर्बी लगे कारतूसों वाली एनफील्ड राइफल का प्रयोग था (जिनमें गाय एवं सूअर की चर्बी की अफवाह थी), जिसने हिंदू एवं मुस्लिम दोनों सैनिकों को आहत किया।

मुख्य तथ्य

  • यह 10 मई 1857 को मेरठ में शुरू हुआ; इससे पहले मंगल पांडे ने बैरकपुर में विद्रोह किया था (29 मार्च 1857)।
  • विद्रोहियों ने मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अपना प्रतीकात्मक नेता घोषित किया।

विद्रोह के केंद्र एवं नेता

केंद्रनेता
दिल्लीबहादुर शाह जफर (जनरल बख्त खान)
कानपुरनाना साहब (तांत्या टोपे के साथ)
लखनऊबेगम हजरत महल
झांसीरानी लक्ष्मीबाई
बिहार (आरा)कुंवर सिंह
बरेलीखान बहादुर खान
फैजाबादमौलवी अहमदुल्लाह

विद्रोह के परिणाम

  • विद्रोह विफल रहा, पर इसने ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत कर दिया।
  • भारत सरकार अधिनियम 1858 द्वारा सत्ता ब्रिटिश ताज को हस्तांतरित हुई; महारानी विक्टोरिया की घोषणा जारी हुई।
  • मुगल वंश औपचारिक रूप से समाप्त हुआ; बहादुर शाह जफर को रंगून निर्वासित किया गया।

10. गवर्नर-जनरल एवं वायसराय

भारत के पहले गवर्नर-जनरल और पहले वायसराय कौन थे? लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत के पहले गवर्नर-जनरल (1833) थे, जबकि लॉर्ड कैनिंग भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल और पहले वायसराय (1858) थे। प्रत्येक प्रशासक विशिष्ट सुधारों एवं घटनाओं के लिए याद किया जाता है।

प्रमुख प्रशासक एवं उनके कार्य

प्रशासकप्रमुख कार्य
वॉरेन हेस्टिंग्सबंगाल के पहले गवर्नर-जनरल (1773); द्वैध शासन समाप्त; रेगुलेटिंग एक्ट ढांचा
लॉर्ड कॉर्नवालिसस्थायी बंदोबस्त (1793); "भारत में सिविल सेवा के जनक"
लॉर्ड वेलेजलीसहायक संधि (1798)
लॉर्ड विलियम बेंटिकभारत के पहले गवर्नर-जनरल; सती प्रथा समाप्त (1829); ठगी का दमन
लॉर्ड डलहौजीव्यपगत सिद्धांत; पहली रेलवे (1853); टेलीग्राफ; वुड डिस्पैच (1854)
लॉर्ड कैनिंगअंतिम गवर्नर-जनरल एवं पहले वायसराय; 1857 का विद्रोह; विश्वविद्यालय अधिनियम (1857)
लॉर्ड मेयोपहली जनगणना (1872); कार्यालय में मृत्यु (अंडमान में हत्या)
लॉर्ड लिटनवर्नाक्युलर प्रेस एक्ट एवं आर्म्स एक्ट (1878); दिल्ली दरबार (1877)
लॉर्ड रिपन"स्थानीय स्वशासन के जनक" (1882); पहला कारखाना अधिनियम (1881); इल्बर्ट बिल; हंटर आयोग
लॉर्ड डफरिनभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885)
लॉर्ड कर्जनबंगाल विभाजन (1905); विश्वविद्यालय अधिनियम (1904); ASI का पुनरुद्धार
लॉर्ड हार्डिंग द्वितीयराजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित (1911); बंगाल विभाजन रद्द
याद रखने की ट्रिक: बेंटिक = "सती समाप्त"; डलहौजी = "रेलवे एवं व्यपगत"; कैनिंग = "1857 एवं पहला वायसराय"; रिपन = "स्थानीय स्वशासन"; कर्जन = "बंगाल विभाजन"; हार्डिंग द्वितीय = "राजधानी दिल्ली"।

11. ब्रिटिश काल के प्रमुख अधिनियम

अधिनियमवर्षप्रमुख प्रावधान
रेगुलेटिंग एक्ट1773कंपनी को नियंत्रित करने का ब्रिटिश संसद का पहला कदम; बंगाल का गवर्नर-जनरल बना
पिट्स इंडिया एक्ट1784बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना; द्वैध शासन
चार्टर एक्ट1813कंपनी का व्यापार एकाधिकार समाप्त (चाय एवं चीन को छोड़कर); शिक्षा हेतु धन
चार्टर एक्ट1833भारत का गवर्नर-जनरल बना; कंपनी विशुद्ध प्रशासनिक बनी
चार्टर एक्ट1853सिविल सेवा के लिए खुली प्रतियोगिता
भारत सरकार अधिनियम1858ताज का शासन शुरू; भारत सचिव का पद बना
भारतीय परिषद अधिनियम1861बॉम्बे एवं मद्रास को विधायी शक्तियां लौटाईं; पोर्टफोलियो प्रणाली
भारतीय परिषद अधिनियम1909मॉर्ले-मिंटो सुधार; पृथक निर्वाचन प्रस्तुत किया

पिछले वर्षों के पैटर्न पर आधारित MCQ (अभ्यास सेट)

इन 20 SSC-CGL-पैटर्न प्रश्नों को हल करें, फिर नीचे उत्तर कुंजी देखें।

Q1. प्लासी का युद्ध (1757) अंग्रेजों और किसके बीच हुआ?
(a) मीर कासिम
(b) सिराजुद्दौला
(c) शाह आलम द्वितीय
(d) टीपू सुल्तान
Q2. समुद्री मार्ग से भारत पहुंचने वाला पहला यूरोपीय कौन था?
(a) क्रिस्टोफर कोलंबस
(b) वास्को डी गामा
(c) अल्फांसो द अल्बुकर्क
(d) डूप्ले
Q3. सहायक संधि किसने प्रस्तुत की?
(a) लॉर्ड डलहौजी
(b) लॉर्ड वेलेजली
(c) लॉर्ड कॉर्नवालिस
(d) वॉरेन हेस्टिंग्स
Q4. 1793 का स्थायी बंदोबस्त किसने प्रस्तुत किया?
(a) लॉर्ड वेलेजली
(b) थॉमस मुनरो
(c) लॉर्ड कॉर्नवालिस
(d) लॉर्ड रिपन
Q5. ब्रह्म समाज की स्थापना किसने की?
(a) दयानंद सरस्वती
(b) राजा राम मोहन राय
(c) विवेकानंद
(d) ज्योतिबा फुले
Q6. 1857 का विद्रोह कहां से शुरू हुआ?
(a) दिल्ली
(b) मेरठ
(c) कानपुर
(d) झांसी
Q7. व्यपगत सिद्धांत किससे संबंधित था?
(a) लॉर्ड कैनिंग
(b) लॉर्ड डलहौजी
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लॉर्ड रिपन
Q8. 1829 में सती प्रथा किसके समय समाप्त हुई?
(a) लॉर्ड रिपन
(b) लॉर्ड विलियम बेंटिक
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लॉर्ड वेलेजली
Q9. "वेदों की ओर लौटो" का नारा किसने दिया?
(a) राजा राम मोहन राय
(b) स्वामी विवेकानंद
(c) दयानंद सरस्वती
(d) सर सैयद अहमद खान
Q10. बक्सर का युद्ध (1764) किसने जीता?
(a) मराठों ने
(b) अंग्रेजों ने
(c) मुगलों ने
(d) फ्रांसीसियों ने
Q11. भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल एवं पहले वायसराय कौन थे?
(a) लॉर्ड डलहौजी
(b) लॉर्ड कैनिंग
(c) लॉर्ड रिपन
(d) वॉरेन हेस्टिंग्स
Q12. कानपुर में 1857 विद्रोह का नेता कौन था?
(a) रानी लक्ष्मीबाई
(b) नाना साहब
(c) कुंवर सिंह
(d) बेगम हजरत महल
Q13. रामकृष्ण मिशन की स्थापना किसने की?
(a) रामकृष्ण परमहंस
(b) स्वामी विवेकानंद
(c) केशव चंद्र सेन
(d) एनी बेसेंट
Q14. "धन की निकासी" सिद्धांत किसने दिया?
(a) आर.सी. दत्त
(b) दादाभाई नौरोजी
(c) एम.जी. रानाडे
(d) जी.के. गोखले
Q15. टीपू सुल्तान किस आंग्ल-मैसूर युद्ध में मारा गया?
(a) प्रथम
(b) द्वितीय
(c) तृतीय
(d) चतुर्थ
Q16. मुंडा विद्रोह (उलगुलान) का नेता कौन था?
(a) सिद्धू मुर्मू
(b) बिरसा मुंडा
(c) कान्हू
(d) तिलका मांझी
Q17. 1854 का वुड डिस्पैच किस नाम से जाना जाता है?
(a) अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा
(b) स्वतंत्रता का चार्टर
(c) श्वेत पत्र
(d) ब्लू वॉटर नीति
Q18. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) किसने पारित किया?
(a) लॉर्ड रिपन
(b) लॉर्ड लिटन
(c) लॉर्ड कर्जन
(d) लॉर्ड कैनिंग
Q19. भारत का पहला समाचार पत्र, बंगाल गजट, किसने शुरू किया?
(a) राजा राम मोहन राय
(b) जेम्स ऑगस्टस हिक्की
(c) बाल गंगाधर तिलक
(d) रॉबर्ट क्लाइव
Q20. ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली कब स्थानांतरित हुई?
(a) 1905
(b) 1911
(c) 1919
(d) 1935

उत्तर कुंजी

Answer Key
1-b    2-b    3-b    4-c    5-b    6-b    7-b    8-b    9-c    10-b    11-b    12-b    13-b    14-b    15-d    16-b    17-a    18-b    19-b    20-b

त्वरित संशोधन तालिका — SSC CGL में सर्वाधिक पूछे जाने वाले

तथ्यउत्तर
भारत पहुंचने वाला पहला यूरोपीय (समुद्री)वास्को डी गामा (1498, कालीकट)
गोवा जीता (1510)अल्फांसो द अल्बुकर्क
अंग्रेजी EIC का चार्टर1600 (महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा)
निर्णायक आंग्ल-फ्रांसीसी युद्धवांडीवाश का युद्ध (1760)
प्लासी का युद्ध1757 (क्लाइव बनाम सिराजुद्दौला)
बक्सर का युद्ध1764 (अंग्रेज बनाम मीर कासिम + सहयोगी)
बंगाल की दीवानी मिली1765 (इलाहाबाद की संधि)
सहायक संधिलॉर्ड वेलेजली (1798)
व्यपगत सिद्धांतलॉर्ड डलहौजी
टीपू सुल्तान की मृत्यु1799 (चौथा आंग्ल-मैसूर युद्ध)
तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (परिणाम)1817-18; पेशवा पद समाप्त
पंजाब हड़पा गया1849 (द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध के बाद)
स्थायी बंदोबस्तलॉर्ड कॉर्नवालिस (1793)
रैयतवाड़ी व्यवस्थाथॉमस मुनरो (मद्रास/बॉम्बे)
महालवाड़ी व्यवस्थाहोल्ट मैकेंजी (1822)
धन की निकासी सिद्धांतदादाभाई नौरोजी
संथाल विद्रोह के नेतासिद्धू एवं कान्हू (1855-56)
मुंडा विद्रोह (उलगुलान) नेताबिरसा मुंडा (1899-1900)
ब्रह्म समाज के संस्थापकराजा राम मोहन राय (1828)
सती प्रथा समाप्त1829 (लॉर्ड विलियम बेंटिक)
विधवा पुनर्विवाह अधिनियम1856 (ई.सी. विद्यासागर)
आर्य समाज के संस्थापकदयानंद सरस्वती (1875)
"अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा"वुड डिस्पैच (1854)
भारत का पहला समाचार पत्रबंगाल गजट (1780, हिक्की)
वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट1878 (लॉर्ड लिटन)
1857 का विद्रोह शुरू हुआमेरठ (10 मई 1857)
पहली गोली चलाई (बैरकपुर)मंगल पांडे
कंपनी शासन समाप्त हुआभारत सरकार अधिनियम 1858
भारत के पहले गवर्नर-जनरललॉर्ड विलियम बेंटिक (1833)
अंतिम गवर्नर-जनरल / पहले वायसरायलॉर्ड कैनिंग
भारत की पहली जनगणना1872 (लॉर्ड मेयो)
बंगाल विभाजनलॉर्ड कर्जन (1905)
राजधानी दिल्ली स्थानांतरित1911 (लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

SSC CGL में आधुनिक इतिहास से कितने प्रश्न आते हैं?

आधुनिक इतिहास से SSC CGL Tier-1 सामान्य जागरूकता खंड में सामान्यतः लगभग 2-4 प्रश्न आते हैं, जो इसे सबसे अधिक भार वाला इतिहास भाग बनाता है। 1857 का विद्रोह, गवर्नर-जनरल, आदिवासी विद्रोह, और सुधार आंदोलन जैसे विषय लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं।

कौन-सा युद्ध भारत में ब्रिटिश शासन की शुरुआत का प्रतीक है?

प्लासी का युद्ध (1757) भारत में ब्रिटिश राजनीतिक शक्ति की शुरुआत का प्रतीक है, जहां रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराया। इसके बाद बक्सर के युद्ध (1764) ने अंग्रेजों को पूर्वी भारत का वास्तविक शासक स्थापित किया।

प्लासी और बक्सर के युद्ध में क्या अंतर है?

प्लासी (1757) में अंग्रेजों ने केवल बंगाल के नवाब को हराया, अधिकतर विश्वासघात के माध्यम से, जबकि बक्सर (1764) में उन्होंने अवध के नवाब, मुगल सम्राट, और मीर कासिम की संयुक्त सेना को हराया। बक्सर सैन्य रूप से अधिक निर्णायक था और उसने अंग्रेजों को बंगाल की दीवानी दिलाई।

धन की निकासी सिद्धांत क्या था?

दादाभाई नौरोजी द्वारा दिया गया धन की निकासी सिद्धांत यह तर्क देता है कि ब्रिटेन बिना आर्थिक प्रतिफल के भारत की संपत्ति लगातार इंग्लैंड ले जा रहा था, जिससे भारत गरीब बना रहा। उन्होंने इसे अपनी पुस्तक "Poverty and Un-British Rule in India" में समझाया।

बिरसा मुंडा कौन थे?

बिरसा मुंडा छोटानागपुर क्षेत्र के एक आदिवासी नेता थे जिन्होंने 1899-1900 में ब्रिटिश भू-नीतियों के विरुद्ध मुंडा विद्रोह, जिसे "उलगुलान" (महान विद्रोह) कहा जाता है, का नेतृत्व किया। आज उन्हें एक आदिवासी प्रतीक एवं स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सम्मानित किया जाता है।

1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?

1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण एनफील्ड राइफल का प्रयोग था, जिसके कारतूसों में गाय एवं सूअर की चर्बी लगे होने की अफवाह थी। चूंकि सैनिकों को कारतूस दांत से काटने पड़ते थे, इसने हिंदू एवं मुस्लिम दोनों सैनिकों को आहत किया और मेरठ में विद्रोह भड़का।

भारत के पहले वायसराय कौन थे?

लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले वायसराय थे, जिन्हें 1858 में भारत सरकार अधिनियम द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश ताज को सत्ता हस्तांतरित होने के बाद नियुक्त किया गया। वे भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल भी थे।

SSC CGL के लिए आधुनिक भारत की तैयारी की सर्वोत्तम रणनीति क्या है?

गवर्नर-जनरल एवं उनके सुधारों, प्रमुख युद्धों एवं आंग्ल युद्धों, सुधार आंदोलनों एवं आदिवासी विद्रोहों, और 1857 के विद्रोह पर ध्यान दें। त्वरित संशोधन तालिका का साप्ताहिक संशोधन करें और दोहराए जाने वाले तथ्यों को पक्का करने के लिए पिछले वर्षों के MCQ हल करें।


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