
BPSC TRE 4.0 का 40% डोमिसाइल नियम: बिहार से पढ़े अभ्यर्थियों के पद
BPSC TRE 4.0 का 40% डोमिसाइल नियम: बिहार से पढ़े अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित पद
शिक्षा विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 2128, दिनांक 05.08.2025 के आलोक में BPSC TRE 4.0 के कुल रिक्त पदों का 40% उन अभ्यर्थियों से भरा जाएगा जिन्होंने बिहार राज्य के अंदर अवस्थित शैक्षणिक संस्थान से मैट्रिक अथवा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया है।
32,388 पदों पर यह करीब 12,955 पद बनता है, जो इस बात से बंधे हैं कि आपने पढ़ाई कहां की, न कि आप पैदा कहां हुए। यह इस विज्ञापन के सबसे कम चर्चा वाले नियमों में से है और सबसे असरदार में से भी।
नियम असल में क्या कहता है
- कुल रिक्त पदों का 40% उन अभ्यर्थियों से भरा जाएगा जिन्होंने बिहार में स्थित शैक्षणिक संस्थान से मैट्रिक या इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया है।
- अविभाजित बिहार से मैट्रिक या इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी इस नियम के लिए बिहार से उत्तीर्ण माने जाएंगे।
- उस 40% के विरुद्ध योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध न होने पर शेष रिक्तियां 60% वाली रिक्तियों के लिए अर्हता प्राप्त कोटि के योग्य अभ्यर्थियों से भरी जा सकेंगी।
दूसरा बिंदु ध्यान से पढ़िए। अविभाजित बिहार में वह क्षेत्र भी आता है जो 2000 में झारखंड बना, इसलिए विभाजन से पहले उस इलाके के स्कूल से मैट्रिक करने वाला अभ्यर्थी यहां बिहार से उत्तीर्ण गिना जाएगा।
40% और 60% का बंटवारा कैसे बैठता है
ये प्रकाशित कुल संख्याओं पर हमारा गणित है, विज्ञापन में लेवलवार छपे आंकड़े नहीं। नोटिफिकेशन 40% का नियम कुल रिक्तियों के सामने बताता है, और आधिकारिक जिलावार, विषयवार तथा कोटिवार ब्योरा bpsc.bihar.gov.in पर प्रकाशित होता है।
मूल निवास और पढ़ाई, दो अलग जांच हैं
सबसे ज्यादा भ्रम यहीं है। TRE 4.0 में दो अलग शर्तें चलती हैं, जिन्हें लोग आदतन एक मान लेते हैं।
यानी कोई अभ्यर्थी बिहार की मूल निवासी होकर भी 40% वाले हिस्से से बाहर रह सकती है, अगर उसने मैट्रिक और इंटरमीडिएट दिल्ली या कोलकाता के स्कूल से किया हो। और जिसने पढ़ाई बिहार में की पर वह राज्य का मूल निवासी नहीं है, उसे पढ़ाई वाला लाभ मिलेगा, आरक्षण वाला नहीं।
हमारा ईमानदार पढ़ना यह है कि यह नियम पढ़ाई के इतिहास को इनाम देता है, पहचान को नहीं, और अभ्यर्थियों को अपनी धारणा नहीं, अपने प्रमाणपत्र देखने चाहिए।
यह किसे मदद करता है और किसे नहीं
तीसरी पंक्ति वाले अभ्यर्थी बाहर नहीं हुए। वे शेष 60% हिस्से में मुकाबला करेंगे, जो करीब 19,433 पदों के साथ बहाली का बड़ा हिस्सा है।
यह नियम आया कहां से, और अभी क्यों मायने रखता है
बिहार की बहालियों में निवास की शर्तें वर्षों से रही हैं, पर यह वाली विशिष्ट और नई है। ज्ञापांक 2128, दिनांक 05.08.2025 शिक्षा विभाग ने निर्गत किया, और विज्ञापन 15/2026 इसे TRE 4.0 में ले आया।
इसका व्यावहारिक असर यह है कि देशभर के अभ्यर्थियों के लिए खुली बहाली में शिक्षण पदों का एक हिस्सा उन लोगों के लिए सुरक्षित हो जाता है जिन्होंने राज्य में पढ़ाई की। यह उचित है या नहीं, यह नीति का सवाल है जिसे यह पेज तय नहीं करता। आपके आवेदन के लिए मायने यह रखता है कि शर्त लागू है और उसी दस्तावेज से जांची जाएगी जो आपके पास पहले से है।
उसी नियम में बैठा संतुलन भी याद रखिए: 40% के विरुद्ध योग्य अभ्यर्थी न मिलें तो वे पद वापस 60% वाले सामान्य पूल में चले जाते हैं। यह हिस्सा बिहार से पढ़े अभ्यर्थियों के लिए फर्श है, बाकी सबके लिए छत नहीं।
निवास से जुड़ी एक और शर्त जो छूट जाती है
इस बहाली में मूल निवास से सिर्फ आरक्षण नहीं बंधा है। महिलाओं की 32% अर्हतांक छूट, महिला क्षितिज आरक्षण, दिव्यांगों का 4% क्षितिज आरक्षण और ट्रांसजेंडर आरक्षण, ये सब बिहार के मूल निवासियों तक सीमित हैं।
महिलाओं के लिए संकल्प 12575, दिनांक 09.07.2025, बेंचमार्क दिव्यांगजन के लिए संकल्प 8962, दिनांक 21.05.2025, और पिछड़े वर्गों की सूची के क्रमांक 47 पर दर्ज ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए पत्रांक 10579, दिनांक 15.06.2026। स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों को अपने गृह जिला के जिला पदाधिकारी के हस्ताक्षर से निर्गत विहित प्रपत्र चाहिए, और उत्तराधिकारी होने का परिचय पत्र मान्य नहीं है।
यानी एक ही अभ्यर्थी की फाइल में तीन अलग भूगोल आ सकते हैं: पढ़ाई कहां की, स्थायी निवास कहां है, और अभी रहते-काम करते कहां हैं। यहां फैसला सिर्फ पहले दो करते हैं।
राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए जरूरी बातें
बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों पर तीन नियम लागू होते हैं, और वे आपस में जुड़ जाते हैं।
- आरक्षण सिर्फ बिहार के मूल निवासियों को। बाहर का अभ्यर्थी अपने राज्य की कोटि चाहे जो हो, अनारक्षित कोटि में ही आवेदन करेगा।
- राज्य के बाहर के सभी महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों के लिए CTET का न्यूनतम अंक सामान्य कोटि वाला 60% होगा, 55% या 50% वाली छूट नहीं।
- EWS का दावा अधिसूचना 2622, दिनांक 26.02.2019 एवं पत्रांक 12123, दिनांक 23.06.2023 के तहत राज्य के बाहर के अभ्यर्थी नहीं कर सकते।
इसके ऊपर 40% वाला पढ़ाई का नियम जोड़ दीजिए तो मैदान और संकरा हो जाता है। यही ईमानदार स्थिति है, और इसे शुल्क भरने से पहले जान लेना बेहतर है, क्योंकि कैंसिल किया गया भुगतान कभी वापस नहीं होता।
कौन सा दावा किस प्रमाणपत्र से सिद्ध होगा
पढ़ाई वाली शर्त आपके मैट्रिक और इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र से सिद्ध होगी, जो आपको वैसे भी देने हैं। मैट्रिक का प्रमाणपत्र इस बहाली में जन्मतिथि के साक्ष्य का काम भी करता है।
निवास से जुड़े दावों के लिए अलग दस्तावेज चाहिए, जो अंचल पदाधिकारी या सक्षम प्राधिकारी से निर्गत हों।
- SC और ST अभ्यर्थी: जाति प्रमाणपत्र और स्थायी निवास प्रमाणपत्र।
- BC और EBC अभ्यर्थी: अपने स्थायी निवास के अंचल के राजस्व या अंचल पदाधिकारी से क्रीमीलेयर रहित प्रमाणपत्र।
- EWS अभ्यर्थी: प्रपत्र-I में आय एवं परिसंपत्ति प्रमाणपत्र, निर्गत होने से एक वर्ष तक मान्य।
- विवाहित महिलाएं: जाति, निवास और क्रीमीलेयर रहित प्रमाणपत्र पिता के नाम और पिता के स्थायी पते से, पति के नहीं।
- ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी: मूल निवासी प्रमाणपत्र और सक्षम प्राधिकारी का ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र।
इनमें से हर प्रमाणपत्र 26 अक्टूबर 2026 तक निर्गत होना चाहिए, और दावा ऑनलाइन फॉर्म के अंदर ही करना होगा। फॉर्म में न किया गया दावा बाद में नहीं जोड़ा जा सकता।
यह नियम क्या नहीं बदलता
40% वाला हिस्सा यह तय करता है कि आपका आवेदन किस पूल में लड़ेगा। यह न पेपर को छूता है, न सीमा को।
परीक्षा वही एक लिखित वस्तुनिष्ठ पेपर है, 150 प्रश्न और 150 अंक, 2 घंटे 30 मिनट में, हर प्रश्न पर पांच विकल्प, और गलत उत्तर, विकल्प E भरने तथा प्रश्न खाली छोड़ने, तीनों पर 1/3 की कटौती। अर्हतांक भी वही हैं: सामान्य 40%, BC 36.5%, EBC 34% और SC, ST, महिला एवं दिव्यांग के लिए 32%।
EBC वाला आंकड़ा नोट कीजिए। विज्ञापन 15/2026 में वह 34% है, हालांकि कई वेबसाइटें BC और EBC दोनों को 36.5% पर छाप रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
BPSC TRE 4.0 का 40% नियम क्या है?
अधिसूचना 2128, दिनांक 05.08.2025 के तहत कुल रिक्तियों का 40% उन अभ्यर्थियों को जाएगा जिन्होंने बिहार में स्थित संस्थान से मैट्रिक या इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया है।
क्या अविभाजित बिहार से उत्तीर्ण होना गिना जाएगा?
हां। अविभाजित बिहार से मैट्रिक या इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थी इस नियम के लिए बिहार से उत्तीर्ण माने जाएंगे।
मैं बिहार का मूल निवासी हूं पर पढ़ाई बाहर से की, क्या आवेदन कर सकता हूं?
हां। आप शेष 60% हिस्से में मुकाबला करेंगे, और बिहार के मूल निवासी के रूप में वैध प्रमाणपत्र होने पर आरक्षण का लाभ भी मिलेगा।
40% वाले पद न भर पाएं तो क्या होगा?
शेष रिक्तियां 60% वाले हिस्से के लिए अर्हता प्राप्त कोटि के योग्य अभ्यर्थियों से भरी जा सकेंगी।
क्या राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को आरक्षण मिलेगा?
नहीं। आरक्षण सिर्फ बिहार के मूल निवासियों को है, और बाहर के अभ्यर्थियों के लिए CTET का न्यूनतम अंक भी सामान्य कोटि वाला 60% रहेगा।
पढ़ाई वाली शर्त कौन सा प्रमाणपत्र सिद्ध करेगा?
आपके मैट्रिक और इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र, जो सत्यापन के लिए वैसे भी जरूरी हैं।
यह याददाश्त से नहीं, मार्कशीट से जांचिए
अपने मैट्रिक और इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र निकालिए और उन पर छपा संस्थान तथा बोर्ड देखिए। वही एक लाइन तय करती है कि आप दो में से किस पूल में लड़ रहे हैं, और यह ऐसी चीज नहीं जिस पर फॉर्म बाद में बहस करने दे।
उसके बाद भुगतान से पहले अपना कोटि दावा और उसका प्रमाणपत्र पक्का कर लीजिए, क्योंकि आरक्षण सिर्फ फॉर्म में किए गए दावे पर मिलता है। पूरे नियम हमारे विज्ञापन 15/2026 पेज पर हैं, और योग्यता की शर्तें पात्रता पेज पर।
