
SSC CGL Exam Pattern 2026: Tier-1, Tier-2, Sectional Timing और Negative Marking की पूरी जानकारी
SSC CGL Exam Pattern 2026: Tier-1, Tier-2, Sectional Timing और Negative Marking की पूरी जानकारी
13 सितंबर 2026 तक की स्थिति यह है: SSC CGL 2026 का आवेदन बंद हो चुका है और दोबारा खुली हुई विंडो 25 जून 2026 को समाप्त हो गई थी। SSC ने Tier-1 का शेड्यूल नोटिस 12 सितंबर 2026 को जारी किया, और Tier-1 की Computer Based Examination 30 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक कई दिनों और कई शिफ्टों में चलेगी। Admit Card अभी जारी नहीं हुआ है।
इस बार 12,256 अनुमानित Vacancy के मुकाबले 28.5 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। इतनी भीड़ में जो लोग Tier-1 निकालते हैं और जो दो नंबर से रह जाते हैं, उनके बीच अंतर आमतौर पर जानकारी का नहीं होता। अंतर समय संभालने का होता है, और इस साल का Pattern आपको अपना समय अपनी मर्जी से संभालने ही नहीं देता।
SSC CGL 2026 का Pattern एक नजर में
चयन दो स्टेज में होता है। Tier-1 सिर्फ छंटनी करने वाला पेपर है। असली फैसला Tier-2 में होता है, क्योंकि फाइनल merit list सिर्फ Tier-2 के नंबरों से बनती है।
Notification के मुताबिक Tier-2 दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है। SSC ने Tier-2 की तारीख का अलग नोटिस अभी तक नहीं निकाला है, इसलिए दिसंबर को तब तक tentative ही मानिए।
SSC CGL Tier-1 Exam Pattern 2026 पूरा विवरण
चार सेक्शन, हर सेक्शन में 25 प्रश्न, हर प्रश्न 2 अंक का। इस बँटवारे में सालों से कोई बदलाव नहीं हुआ है और यहाँ किसी को चौंकने की जरूरत नहीं।
सभी प्रश्न objective type के होते हैं। English Comprehension को छोड़कर बाकी पेपर द्विभाषी रहता है। जिन उम्मीदवारों को scribe की सुविधा मिलती है, उन्हें SSC के नियमों के अनुसार compensatory time दिया जाता है, और उसका सही आंकड़ा Notification में लिखा होता है, किसी prep ब्लॉग में नहीं, इस ब्लॉग में भी नहीं।
Tier-1 सिर्फ qualifying है। आप 190 लाएँ या Cut-off से एक नंबर ऊपर रुककर निकलें, Tier-2 की लिस्ट में आने के बाद आप दोनों शून्य से शुरू करते हैं। यह एक लाइन पूरी तैयारी की रणनीति बदल देती है, और आगे हम इसी पर लौटेंगे।
15 मिनट का Sectional Timer: यही वह हिस्सा है जो लोग अब भी गलत समझते हैं
2026 में असली बदलाव यही है। Tier-1 अब आपको 60 मिनट खुले हाथ में नहीं देता। चारों सेक्शन का अपना अलग 15 मिनट का टाइमर है। चार सेक्शन, हर एक 15 मिनट, कुल 60 मिनट।
इसका व्यावहारिक मतलब सीधे शब्दों में:
- पहला सेक्शन 15 मिनट की घड़ी के साथ खुलता है। घड़ी शून्य पर पहुँचते ही वह सेक्शन खुद बंद हो जाता है।
- बंद हुए सेक्शन में आप वापस नहीं जा सकते। न दोबारा देखने के लिए, न जवाब बदलने के लिए, न उन दो प्रश्नों के लिए जिन्हें आपने mark करके छोड़ा था।
- बचा हुआ समय आगे नहीं ले जा सकते। General Awareness 7 मिनट में खत्म कर दिया तो बाकी 8 मिनट बस गायब हो जाएँगे। वे Quantitative Aptitude में नहीं जुड़ते।
- सेक्शन किस क्रम में आएँगे, यह सिस्टम तय करता है। आप अपनी सबसे मजबूत सेक्शन से शुरुआत नहीं चुन सकते।
पुराने free-navigation पैटर्न पर तैयारी करने वालों ने एक आदत बनाई थी: कठिन प्रश्न छोड़ते जाओ, आसान समेटो, और 45वें मिनट पर लौटकर बाकी निपटाओ। वह आदत अब काम नहीं करेगी। Sectional Timing में आप जो प्रश्न सेक्शन के अंदर छोड़ते हैं, उस पर फैसला उन्हीं 15 मिनट के भीतर दोबारा लेना पड़ता है, वरना वह हमेशा के लिए चला जाता है।
सबसे ज्यादा मार Quantitative Aptitude पर पड़ती है। 15 मिनट में 25 प्रश्न यानी हर प्रश्न पर 36 सेकंड, और इसी 36 सेकंड में प्रश्न पढ़ना भी शामिल है। 25 quant प्रश्न ईमानदारी से 15 मिनट में कोई नहीं कर पाता। Sectional Timing वाले quant पेपर में अच्छा attempt पूरे 25 से काफी नीचे बैठता है, और निकलते वही हैं जो यह बात जल्दी मान लेते हैं और अपने 15 मिनट उन प्रश्नों पर लगाते हैं जिन्हें वे पूरा कर सकते हैं, उन पर नहीं जो उन्हें दिलचस्प लगते हैं।
General Awareness में तर्क उल्टा है। GA याददाश्त का खेल है, आपको या तो 8 सेकंड में आता है या बिल्कुल नहीं आता। किसी GA प्रश्न पर 40 सेकंड टकटकी लगाकर यह उम्मीद करना कि जवाब दिमाग में उभर आएगा, इस पेपर की सबसे महँगी आदत है, क्योंकि GA में बचा समय वैसे भी quant में जाता नहीं है। तेज जवाब दीजिए, जो सचमुच नहीं आता उसे छोड़िए, आगे बढ़िए।
Reasoning और English वे सेक्शन हैं जहाँ टाइमर झेला जा सकता है। दोनों में प्रश्नों का एक बड़ा हिस्सा तैयार उम्मीदवार 25 सेकंड से कम में निपटा देता है, और ठीक इसी वजह से इन्हें हल्के में लेना गलत है। यहाँ साफ-सुथरा खत्म करके मानसिक बढ़त बनाइए, ताकि quant में घुसते समय पता हो कि बाकी सेक्शनों की accuracy आपको पहले ही आगे रख चुकी है।
एक ईमानदार बात source को लेकर। चारों सेक्शन में 15-15 मिनट वाला विभाजन तमाम prep पोर्टल लगातार बता रहे हैं और practice प्लेटफॉर्म उसी पर चल रहे हैं। फिर भी परीक्षा से पहले ssc.gov.in पर Scheme of Examination के annexure में इसे खुद पढ़ लेना चाहिए, क्योंकि Pattern से जुड़ा बदलाव अक्सर नोटिस से आता है, हेडलाइन से नहीं।
टाइमर को पढ़ने की बजाय महसूस करना हो तो सेक्शन घड़ी चालू रखकर एक पूरा पेपर ExamAtlas के SSC CGL Tier-1 Mock Test पर दे दीजिए। दो attempt में ही आपकी आदतें रीसेट होने लगेंगी।
Tier-1 में Negative Marking
Tier-1 में हर गलत जवाब पर 0.50 अंक कटते हैं। न किया गया प्रश्न छोड़ने पर कोई कटौती नहीं है।
गणित एक बार कर लीजिए, फिर यह बात अमूर्त नहीं रहेगी। चार गलत जवाब यानी 2 अंक का नुकसान, यानी एक सही जवाब फेंक देना। 2 अंक प्रति सही और 0.5 प्रति गलत के हिसाब से आपका break-even accuracy 80 प्रतिशत बैठता है। पूरे पेपर में इससे नीचे की दर पर तुक्का लगाएँगे तो अपना ही स्कोर गिराएँगे।
इसका मतलब यह नहीं कि कभी तुक्का मत लगाइए। चार में से दो विकल्प हटाकर लगाया गया अनुमान अच्छा सौदा है। चारों विकल्प जिंदा रहते हुए लगाया गया अनुमान नहीं है, और 15 मिनट के सेक्शन टाइमर में आखिरी 30 सेकंड पर आँख मूँदकर जवाब भरने का लालच सचमुच आता है। अपना नियम परीक्षा से पहले तय कर लीजिए, क्योंकि 880वें सेकंड पर आप ठंडे दिमाग से फैसले नहीं ले रहे होंगे।
SSC CGL Tier-2 Pattern: आपको कौन-कौन से पेपर देने हैं
Tier-2 एक परीक्षा नहीं है। यह पेपरों का सेट है, और कौन सा पेपर आप देंगे यह इस पर निर्भर करता है कि आपने किन पदों के लिए आवेदन किया था।
Paper-1 सबके लिए अनिवार्य है। Paper-2 और Paper-3 पद-विशेष हैं, यानी वही देंगे जिन्होंने उन पदों के लिए आवेदन किया है और जो उनके लिए पात्र हैं। JSO की पात्रता सामान्य डिग्री शर्त से ज्यादा सँकरी है। पे लेवल की बात करें तो AAO Pay Level-8 पर है, जबकि CSS का Assistant Section Officer Pay Level-7 पर, Level-8 पर नहीं। पूरी पद और वेतन तस्वीर SSC CGL Salary और Pay Level गाइड में देख लीजिए।
Tier-2 Paper-1 के अंदर: सेशन और Modules
Paper-1 एक ही दिन दो सेशन में होता है। Session-I में अंक देने वाले objective modules आते हैं। Session-II में Data Entry Speed Test होता है।
इनमें से हर module के प्रश्नों की संख्या और अंकों का बँटवारा आधिकारिक Notification के साथ लगे Scheme of Examination annexure में दिया गया है। हम यहाँ कोई ऐसा आंकड़ा नहीं छाप रहे जिसे उस annexure से जोड़कर न दिखाया जा सके, क्योंकि Tier-2 का मार्क्स विभाजन गलत बताना उसे न बताने से ज्यादा नुकसानदेह है। ssc.gov.in की PDF देखिए और उसे हमारी SSC CGL Tier-2 गाइड के साथ मिलाकर पढ़िए।
Tier-2 की Negative Marking हर जगह एक जैसी नहीं है
यहाँ वे उम्मीदवार फँसते हैं जो मान लेते हैं कि Tier-1 का नियम आगे भी चलेगा। नहीं चलता।
पूरा एक अंक कटना उतनी हल्की बात नहीं जितनी ज्यादातर उम्मीदवार मान लेते हैं। Tier-1 में एक गलत जवाब आपको एक सही जवाब का चौथाई हिस्सा देता है। Paper-1 के अंक वाले सेक्शन में वह पूरा एक जवाब खा जाता है। और चूँकि merit list Tier-2 से बनती है, Paper-1 में ढीली तुक्केबाजी Tier-1 की तुलना में कई गुना ज्यादा नुकसान करती है।
DEST और Computer Knowledge: qualifying हैं, पर हल्के में मत लीजिए
Data Entry Speed Test और Computer Knowledge module दोनों qualifying प्रकृति के हैं। इनके अंक आपकी merit में नहीं जुड़ते। लेकिन इनमें फेल होने पर जिन पदों के लिए ये लागू हैं, उनसे आप बाहर हो जाते हैं।
"qualifying" शब्द सुनते ही लोग ढीले पड़ जाते हैं, और हर साल कुछ ऐसे उम्मीदवार मिलते हैं जिनका Paper-1 शानदार था लेकिन पद एक टाइपिंग टेस्ट की वजह से हाथ से निकल गया, जिसे उन्होंने मान लिया था कि अपने आप हो जाएगा। DEST मशीनी कौशल है। दो हफ्ते की रोज की प्रैक्टिस उसे संभाल लेती है और शून्य प्रैक्टिस उसे बिगाड़ देती है, उँगलियों की याददाश्त का कोई शॉर्टकट नहीं है।
Computer Knowledge छोटा सिलेबस है जिस पर असली penalty लगी है, क्योंकि इसमें 0.50 की Negative Marking चलती है। सच कहें तो यह सबसे सस्ता module है, टॉपिक लिस्ट सीमित है और प्रश्न गहराई में नहीं जाते। तीन दिन की केंद्रित पढ़ाई में यह बंद हो जाता है। इसे टिक-मार्क समझकर छोड़ दिया तो यही वह एक चीज बन जाती है जो आपको उस पद से रोक देती है जिसे आप बाकी सब में कमा चुके थे।
Tier-2 की Sectional Timing: SSC ने क्या कहा है और क्या नहीं कहा
यहाँ सीधी और ईमानदार स्थिति यह है, और इस विषय पर ज्यादातर पन्नों पर आपको यह इतनी सावधानी से लिखा नहीं मिलेगा।
SSC ने Tier-2 में भी Sectional Timing लागू की है। इतनी बात तय है। जो तय नहीं है वह है हर सेक्शन को कितने मिनट मिलेंगे। Tier-2 के किस सेक्शन या module को कितने मिनट दिए गए हैं, यह किसी ऐसे source से पुष्ट नहीं है जिस पर हम अपनी जिम्मेदारी ले सकें।
इसलिए हम कोई आंकड़ा नहीं छाप रहे। अगर कहीं आपको Tier-2 की Sectional Timing की साफ-सुथरी टेबल दिखे जिसमें हर module के आगे आत्मविश्वास से मिनट लिखे हों, तो खुद से पूछिए कि वह आँकड़ा आया कहाँ से, क्योंकि वह किसी ऐसी जगह से नहीं आया जिसे जाँचा जा सके। Tier-2 का per-section समय ssc.gov.in के आधिकारिक नोटिस में, Scheme of Examination annexure में पढ़िए।
तब तक आप आंकड़े की नहीं, सिद्धांत की तैयारी कर सकते हैं। Sectional Timing के मिनट चाहे जो निकलें, उसका असर हमेशा तीन ही होता है: पीछे लौटने की सुविधा नहीं, सेक्शनों के बीच समय का ट्रांसफर नहीं, और सेक्शन का क्रम तय। अपनी Tier-2 प्रैक्टिस इन्हीं तीन शर्तों पर बनाइए, फिर मिनट का आंकड़ा एक छोटी सी जानकारी रह जाएगा, परीक्षा हॉल में लगने वाला झटका नहीं।
SSC CGL में Qualifying Marks
Qualifying Marks फर्श हैं। यह वह न्यूनतम प्रतिशत है जो किसी पेपर में लाना जरूरी है ताकि वह पेपर गिना ही जाए।
ये प्रतिशत SSC पहले से तय कर देता है। ये प्रतियोगिता के साथ घटते-बढ़ते नहीं, आवेदकों की संख्या से नहीं बदलते, और 12 लाख लोग परीक्षा दें या 28 लाख, ये वही रहते हैं।
SSC CGL का Cut-off
Cut-off बिल्कुल दूसरी चीज है। यह उस आखिरी उम्मीदवार का स्कोर है जो किसी लिस्ट में जगह बना पाया, और यह परीक्षा के बाद बनता है, यह देखकर कि सीटों की संख्या के मुकाबले सबका प्रदर्शन कैसा रहा।
SSC तीन अलग-अलग Tier-1 लिस्टें निकालता है, इसलिए कोई एक "Tier-1 Cut-off" होता ही नहीं। List-1 Junior Statistical Officer की है, List-2 Statistical Investigator Grade-II की, और List-3 बाकी सभी पदों की, जो सबसे बड़ा समूह है और जिसका आंकड़ा लोग "Cut-off" कहते समय असल में मतलब रखते हैं।
2025 में List-3 से 1,31,027 उम्मीदवार Tier-1 पास हुए, जबकि 2024 में यह संख्या 1,65,240 थी। एक आम गलती पर ध्यान दीजिए: कई बड़ी साइटें JSO की List-1 के आंकड़ों को ही सामान्य Tier-1 Cut-off बताकर छाप देती हैं। 2025 में List-1 का UR आंकड़ा 153.46 था, और वह सामान्य Cut-off नहीं है। सामान्य आंकड़ा 136.40215 है। तीनों लिस्टों के साल-दर-साल आंकड़े हमारे verified SSC CGL Tier-1 Cut-off टूल पर मिलेंगे।
ये पाँच दशमलव सजावट नहीं हैं। ये इसलिए हैं क्योंकि SSC शिफ्टों के बीच normalisation करता है, और 2026 में Tier-1 पूरे महीने कई दैनिक शिफ्टों में चलेगा, तो normalisation तय है। यह कैसे काम करता है, यह SSC CGL Normalisation की व्याख्या में समझाया गया है।
Qualifying Marks कोई Cut-off नहीं है, टेबल पर भरोसा करने से पहले यह पढ़िए
यह भ्रम इतना आम है कि लोग अपनी असली स्थिति का अंदाजा ही गलत लगा बैठते हैं, इसलिए बात सीधी करनी पड़ेगी।
कई बड़ी prep साइटें "Gen 54, OBC 45, SC 36" जैसी पंक्तियाँ Tier-2 Cut-off शीर्षक के नीचे छापती हैं। वे Cut-off नहीं हैं। वे पेपर के कुल अंकों का 30 प्रतिशत, 25 प्रतिशत और 20 प्रतिशत हैं, यानी Qualifying Marks, जिन्हें प्रतिशत से संख्या में बदलकर रख दिया गया है।
दोनों के बीच का फासला बहुत बड़ा है। असली Tier-2 Cut-off सैकड़ों में जाता है। 2024 में CSS के ASO का Cut-off UR के लिए 533.2468 था, जबकि JSO और SI Grade-II के लिए UR का आंकड़ा 438.6747 रहा। 2023 में सभी पदों का Tier-2 Cut-off General के लिए 287 था। अब इसे 54 के किसी "qualifying mark" से मिलाकर देखिए और साफ हो जाएगा कि दोनों को एक मान लेने से आपका आत्ममूल्यांकन कितना बिगड़ जाता है।
पहचान का आसान तरीका। अगर कोई संख्या परीक्षा से पहले घोषित किया गया तय प्रतिशत है, तो वह Qualifying Mark है। अगर वह दशमलव वाला कोई विशेष स्कोर है जो Result के बाद छपा है, तो वह Cut-off है। Qualifying Mark पार करने का मतलब है आपका पेपर गिना जाएगा। Cut-off पार करने का मतलब है आप चुन लिए गए। ये दोनों एक चीज नहीं हैं, और किसी टेबल में इन्हें मिलाया नहीं जाना चाहिए।
फाइनल चयन असल में कैसे होता है
यह क्रम इतना छोटा है कि याद रखा जा सकता है, और इसे जान लेने भर से आपके पढ़ाई के घंटे कहाँ जाएँगे यह बदल जाता है।
- आप Tier-1 देते हैं। यह छँटनी का पेपर है।
- अपनी श्रेणी और लिस्ट का Tier-1 Cut-off पार करते हैं और Tier-2 के लिए शॉर्टलिस्ट होते हैं।
- इसके बाद आपके Tier-1 के अंक अलग रख दिए जाते हैं। वे फाइनल merit में बिल्कुल नहीं जुड़ते।
- आप Tier-2 Paper-1 देते हैं, और अगर आपका पद माँगता है तो Paper-2 या Paper-3 भी।
- जहाँ लागू हो वहाँ DEST और Computer Knowledge module qualify करते हैं।
- फाइनल merit list Tier-2 के अंकों से बनती है, और पद merit, श्रेणी तथा आपकी post preference के आधार पर मिलते हैं।
इसका व्यावहारिक नतीजा वही है जिसे ज्यादातर उम्मीदवार कम आँकते हैं। Tier-1 एक नंबर से निकालने वाला और Tier-1 में टॉप करने वाला, दोनों Tier-2 में बराबरी पर खड़े होते हैं। इसलिए Tier-2 की तैयारी की कीमत पर Tier-1 का शानदार स्कोर पीछा करना घाटे का सौदा है। Tier-1 सुरक्षित अंतर से निकालिए, फिर Tier-2 को ही असली परीक्षा मानिए, क्योंकि वही है। दोनों स्टेज का टॉपिक weightage SSC CGL Syllabus गाइड में खुला है, और पद तथा पात्रता की जानकारी SSC CGL 2026 Notification सारांश में है।
अगले दो हफ्तों में इस Pattern का क्या करें
Tier-1 30 सितंबर से शुरू है। आज से यह दो हफ्ते से थोड़ा ज्यादा बनता है, और Pattern खुद बता देता है कि ये दिन कहाँ लगाने हैं।
बिना समय के sectional प्रैक्टिस अब बंद कर दीजिए। यहाँ से हर Mock Test सेक्शन घड़ी चालू रखकर, तय क्रम में, पीछे लौटने की सुविधा के बिना दीजिए, क्योंकि जिस चीज की कमी है वह content नहीं है, बंद होती घड़ी के नीचे काम करने की क्षमता है। quant का attempt लक्ष्य एक यथार्थवादी संख्या पर तय कीजिए और उससे आगे मत जाइए। GA को सोच-विचार का काम मानने की जगह rapid-fire drill बना दीजिए। पिछले सालों के पेपरों से टॉपिक का मिजाज भी साथ-साथ पकड़ते रहिए।
इसके बाद ssc.gov.in पर दो चीजों पर नजर रखिए: city intimation slip और Admit Card, जिनमें से किसी की भी पक्की तारीख SSC ने अभी नहीं दी है। दोनों को हम SSC CGL Admit Card पेज पर SSC के जारी करते ही अपडेट करते हैं।
आखिर में एक बात, जो शायद कहीं और नहीं लिखी मिलेगी। यह Pattern यह जाँचने के लिए नहीं बना कि आपको कितना आता है। 15-15 मिनट की चार खिड़कियाँ और 0.50 की कटौती मिलकर यह जाँचती हैं कि आप यह फैसला कितनी तेजी से ले सकते हैं कि किस प्रश्न को छोड़ देना है। जो लोग दूसरी चीज की तैयारी करते हैं वे निकल जाते हैं। जो सिर्फ पहली की करते हैं वे अक्सर नहीं निकलते, और अगला पूरा साल यह सोचते हुए बिताते हैं कि गलती कहाँ हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SSC CGL Tier-1 का Exam Pattern 2026 में क्या है?
चार सेक्शन, हर एक में 25 प्रश्न: General Intelligence and Reasoning, General Awareness, Quantitative Aptitude और English Comprehension। हर सेक्शन 50 अंक का, यानी कुल 100 प्रश्न और 200 अंक। कुल समय 60 मिनट, जो चारों सेक्शन के लिए अलग-अलग 15 मिनट में बँटा है। हर गलत जवाब पर 0.50 अंक की Negative Marking है।
क्या SSC CGL Tier-1 में Sectional Timing है?
हाँ। चारों सेक्शन का अपना 15 मिनट का टाइमर है। सेक्शन का समय खत्म होते ही वह बंद हो जाता है और आप उसमें वापस नहीं जा सकते। एक सेक्शन का बचा हुआ समय अगले में नहीं जुड़ता, इसलिए General Awareness जल्दी खत्म करने से Quantitative Aptitude में एक मिनट भी अतिरिक्त नहीं मिलता। मौजूदा विभाजन ssc.gov.in के Scheme of Examination annexure में जाँच लीजिए।
Tier-2 के हर सेक्शन को कितने मिनट मिलते हैं?
SSC ने Tier-2 में भी Sectional Timing लागू की है, लेकिन हर सेक्शन के सही मिनट किसी भरोसेमंद source से पुष्ट नहीं हैं। हम अंदाजे का आंकड़ा नहीं देंगे। per-section समय ssc.gov.in पर आधिकारिक Scheme of Examination annexure से पढ़िए। जो साइट इस समय आत्मविश्वास से Tier-2 के मिनट बता रही है, वह खाली जगह भर रही है, खबर नहीं दे रही।
क्या Tier-1 के अंक फाइनल merit list में जुड़ते हैं?
नहीं। Tier-1 सिर्फ qualifying है। शॉर्टलिस्ट होने के बाद आपका Tier-1 स्कोर अलग रख दिया जाता है और फाइनल merit पूरी तरह Tier-2 के अंकों से बनती है। एक नंबर से Tier-1 निकालने वाला और Tier-1 टॉपर, दोनों Tier-2 में ठीक एक जैसी स्थिति से शुरू करते हैं।
SSC CGL Tier-2 में Negative Marking कितनी है?
यह हिस्से के हिसाब से बदलती है। Paper-1 के Section-I और Section-II में हर गलत जवाब पर 1 अंक कटता है। Computer Knowledge module में 0.50 कटता है। यह Tier-1 से भारी है, जहाँ पूरे पेपर में कटौती 0.50 ही रहती है, इसलिए तुक्केबाजी की आदत Tier-2 में ज्यादा महँगी पड़ती है।
क्या Qualifying Marks और Cut-off एक ही चीज हैं?
नहीं, और prep साइटों पर यह गलती आम है। Qualifying Marks पहले से घोषित तय प्रतिशत हैं: UR के लिए 30%, OBC और EWS के लिए 25%, बाकी सभी श्रेणियों के लिए 20%। Cut-off उस आखिरी उम्मीदवार का स्कोर है जो लिस्ट में आया, और वह Result के बाद छपता है। 2025 का Tier-1 List-3 UR Cut-off 136.40215 था, जबकि Qualifying Mark सिर्फ पेपर का 30% है।
मुझे Tier-2 के कौन से पेपर देने होंगे?
Paper-1 Tier-1 से शॉर्टलिस्ट हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य है। Paper-2 सिर्फ उन्हीं के लिए है जिन्होंने Junior Statistical Officer के लिए आवेदन किया, और Paper-3 सिर्फ Assistant Accounts Officer के लिए। इनके साथ Data Entry Speed Test और Computer Knowledge module qualifying हिस्से हैं, यानी इनके अंक merit में नहीं जुड़ते लेकिन इनमें फेल होने पर आप उन पदों से बाहर हो जाते हैं।
