अम्ल, क्षारक और सूचक
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Acids Bases and Salts" | NCERT कक्षा 7 • Science • अध्याय "Acids Bases and Salts"
अम्ल, क्षारक और सूचक
अम्ल जल में हाइड्रोजन आयन देता है जबकि क्षारक हाइड्रॉक्साइड आयन देता है। जल में घुलने वाला क्षारक क्षार कहलाता है। इनका व्यवहार सूचकों से जांचा जाता है, जो ऐसे पदार्थ हैं जिनका रंग विलयन के अम्लीय या क्षारीय होने पर बदल जाता है।
गुण और सूचक
- अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं, नीले लिटमस को लाल करते हैं, और सांद्र रूप में संक्षारक हैं।
- क्षारक स्वाद में कड़वे होते हैं, छूने पर साबुन जैसे लगते हैं, और लाल लिटमस को नीला करते हैं।
- प्राकृतिक सूचकों में लिटमस, हल्दी, गुड़हल और लाल पत्तागोभी का सत् आते हैं।
- संश्लेषित सूचकों में मेथिल ऑरेंज और फिनॉल्फ्थेलिन आते हैं, जो अम्ल में रंगहीन और क्षारक में गुलाबी रहती है।
- गंधीय सूचक जैसे प्याज और वैनिला अम्लीय और क्षारीय माध्यम में अपनी गंध बदल देते हैं।
- सामान्य अम्ल हाइड्रोक्लोरिक, सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल हैं; सामान्य क्षारक सोडियम हाइड्रॉक्साइड, कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और अमोनियम हाइड्रॉक्साइड हैं।
- कार्बनिक अम्ल जैसे नींबू का सिट्रिक अम्ल, सिरके का एसीटिक अम्ल और दही का लैक्टिक अम्ल खनिज अम्लों से दुर्बल हैं।
अम्ल और क्षारक की अभिक्रियाएं
- अम्ल धातु से क्रिया कर लवण और हाइड्रोजन गैस देता है, जो पॉप ध्वनि के साथ जलती है।
- अम्ल धातु कार्बोनेट या बाइकार्बोनेट से क्रिया कर लवण, जल और कार्बन डाइऑक्साइड देता है, जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है।
- अम्ल धातु ऑक्साइड से क्रिया कर लवण और जल देता है, जो दिखाता है कि धातु ऑक्साइड क्षारीय हैं।
- क्षारक अधातु ऑक्साइड से क्रिया कर लवण और जल देता है, जो दिखाता है कि अधातु ऑक्साइड अम्लीय हैं।
- उदासीनीकरण अम्ल और क्षारक की वह अभिक्रिया है जो लवण और जल देती है।
- अम्ल और क्षारक विलयन में विद्युत चालन करते हैं क्योंकि वे मुक्त आयन देते हैं।
- अम्ल अपना अम्लीय व्यवहार केवल जल की उपस्थिति में दिखाते हैं, क्योंकि जल ही हाइड्रोजन आयन मुक्त होने देता है।
| अभिक्रिया | उत्पाद | परीक्षण |
|---|---|---|
| अम्ल जोड़ धातु | लवण और हाइड्रोजन | जलती तीली से पॉप ध्वनि |
| अम्ल जोड़ कार्बोनेट | लवण, जल, कार्बन डाइऑक्साइड | चूने का पानी दूधिया |
| अम्ल जोड़ क्षारक | लवण और जल | उदासीनीकरण |
उदासीनीकरण — अम्ल और क्षारक के बीच वह अभिक्रिया जो लवण और जल उत्पन्न करती है।
Exam me kaise aata hai
- अम्ल और धातु की क्रिया से कौन सी गैस निकलती है — हाइड्रोजन
- चूने के पानी को दूधिया करने वाली गैस — कार्बन डाइऑक्साइड
- क्षारीय विलयन में फिनॉल्फ्थेलिन का रंग — गुलाबी
- जल में घुलनशील क्षारक कहलाता है — क्षार
UPSC/State PSC ke liye
- अम्ल केवल जल में अम्ल जैसा व्यवहार करता है, क्योंकि हाइड्रोजन आयन का मुक्त और जलयोजित होना आवश्यक है, इसीलिए शुष्क हाइड्रोजन क्लोराइड गैस लिटमस को लाल नहीं करती।
- अम्ल को जल में डालना चाहिए, जल को अम्ल में कभी नहीं, क्योंकि अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है और सांद्र अम्ल छलक सकता है।
Yahan confuse hote hain
✗ सभी क्षारक क्षार होते हैं | केवल जल में घुलनशील क्षारक ही क्षार हैं | ✓
✗ अम्ल लाल लिटमस को नीला करते हैं | अम्ल नीले लिटमस को लाल करते हैं | ✓
✗ सांद्र अम्ल में जल डाला जा सकता है | अम्ल को धीरे-धीरे जल में डालना चाहिए | ✓
Ek nazar me
- अम्ल हाइड्रोजन आयन; क्षारक हाइड्रॉक्साइड आयन देते हैं; घुलनशील क्षारक क्षार हैं।
- लिटमस, हल्दी, मेथिल ऑरेंज और फिनॉल्फ्थेलिन सूचक हैं।
- अम्ल और धातु से हाइड्रोजन; कार्बोनेट से कार्बन डाइऑक्साइड।
- अम्ल और क्षारक का उदासीनीकरण लवण और जल देता है।
