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चेरो, रक्सेल और रामगढ़ राज

By ExamAtlas · 19/9/2026

चेरो, रक्सेल और रामगढ़ राज

नागवंशियों के साथ तीन अन्य घरानों ने मध्यकालीन झारखंड को आकार दिया — पलामू में पहले रक्सेल फिर चेरो, और हजारीबाग पट्टी में रामगढ़ राज। इनमें पलामू के मेदिनी राय सबसे अधिक पूछा जाने वाला नाम हैं।

पलामू — पहले रक्सेल फिर चेरो | हजारीबाग पट्टी — रामगढ़ राज, स्थापना 1368

पलामू के रक्सेल

  • रक्सेल वंश ने चेरो से पहले पलामू क्षेत्र पर शासन किया
  • परंपरा इन्हें पठार के सरगुजा वाले हिस्से से जोड़ती है
  • लगभग सोलहवीं शताब्दी में चेरो ने इन्हें हटा दिया
  • पलामू के लिए 'इससे पहले कौन' वाला मानक प्रश्न रक्सेल शासन से ही बनता है

पलामू के चेरो

  • चेरो वंश ने पलामू में अपना शासन जमाया और बार-बार के मुगल दबाव के बावजूद बनाए रखा
  • मेदिनी राय सबसे प्रसिद्ध शासक हैं, शासनकाल 1658 से 1674बार-बार पूछा जाता है
  • उन्होंने पुराने पलामू किले का पुनर्निर्माण कराया और 1673 में नया किला शुरू किया
  • उन्होंने चेरो सत्ता का विस्तार किया और कृषि तथा समृद्धि बढ़ाने के लिए याद किए जाते हैं
  • औरंगजेब के समय दाउद खान ने 1660 में पलामू पर आक्रमण कर किले ले लिए
  • मेदिनी राय ने बाद में राज्य वापस पा लिया और मुगल उसे दोबारा नहीं ले सके
  • पलामू के दोनों किले आज लातेहार जिले में बेतला वन क्षेत्र के भीतर हैं

रामगढ़ राज

विषयविवरण
संस्थापकबाघदेव सिंह
स्थापना वर्ष1368
राजधानी क्रमउरदा, बादम, रामगढ़, इचाक, पद्मा
रामगढ़ ले जाने वाले शासकदलेल सिंह
1772 में कंपनी का विरोध करने वालेमुकुंद सिंह

रामगढ़ राज विस्तार से

  • स्थापना 1368 में बाघदेव सिंह द्वारा
  • दलेल सिंह ने रक्षात्मक महल बनवाया और राजधानी बादम से रामगढ़ ले गए
  • मुकुंद सिंह ने 1772 में ईस्ट इंडिया कंपनी के कर का विरोध किया और मराठा सहायता चाही
  • मराठों का समर्थन टिका नहीं और कंपनी ने अपना मनोनीत शासक बैठा दिया
  • यह रियासत करदाता जमींदारी के रूप में बनी रही और 1950 के दशक में भारत में विलीन हुई
  • बाद के शासक कामाख्या नारायण सिंह क्षेत्र की बड़ी राजनीतिक हस्ती रहे

तीनों घरानों की तुलना

घरानामुख्य क्षेत्रप्रमुख नामअंत
नागवंशीछोटानागपुर / कोकरहदुर्जन साल, रघुनाथ शाहजमींदारी उन्मूलन 1952
चेरोपलामूमेदिनी रायअंग्रेजों द्वारा पलामू पर अधिकार
रामगढ़ राजहजारीबाग और रामगढ़ पट्टीदलेल सिंह, मुकुंद सिंह1950 के दशक में भारत में विलय

अन्य स्थानीय घराने जिनका एक उल्लेख जरूरी है

  • गिरिडीह पट्टी का खड़गडीहा राज, उत्तरी छोटानागपुर की पुरानी सरदारी
  • पोड़ाहाट का सिंहभूम का सिंह वंश, जिसका सीधा संबंध हो क्षेत्र से रहा
  • बंगाल की ओर पूर्वी किनारे पर मानभूम और धालभूम के सरदार
  • इनमें से अधिकांश घराने 1765 के बाद ब्रिटिश सर्वोच्चता में जमींदारी के रूप में बने रहे
  • इन सबकी साझी विशेषता — बड़ी सत्ता को कर, पर भीतरी जनजातीय व्यवस्था यथावत

याद रखने की ट्रिक — पलामू का क्रम — पहले रक्सेल, बाद में चेरो। तीन घराने तीन इलाके — नागवंशी = रांची-गुमला, चेरो = पलामू, रामगढ़ राज = हजारीबाग। एक लाइन में पूरा मध्यकालीन झारखंड।

यहां लोग गलती करते हैं — पलामू किला और पलामू जिला अलग हैं।

पलामू के किले पलामू जिले में हैं  |   पलामू के दोनों किले आज लातेहार जिले में हैं

मेदिनी राय नागवंशी शासक थे  |   मेदिनी राय पलामू के चेरो शासक थे

एग्जाम पॉइंटर — JPSC में मेदिनी राय और दाउद खान का प्रकरण कथन रूप में आता है, तथा रामगढ़ राज के राजधानी क्रम पर मिलान। JSSC और JKCE में सीधा — रामगढ़ राज कब बना, पलामू किले किस जिले में। दो प्रश्न तक का दायरा है, इसलिए तीनों घरानों की तालिका रटना फायदेमंद है।

एक नजर में

  • पलामू का क्रम — पहले रक्सेल, फिर चेरो
  • मेदिनी राय — चेरो शासक, 1658 से 1674
  • पुराने किले का पुनर्निर्माण, 1673 में नया किला शुरू
  • औरंगजेब के समय दाउद खान का आक्रमण 1660
  • पलामू के दोनों किले आज लातेहार जिले में
  • रामगढ़ राज की स्थापना 1368, बाघदेव सिंह द्वारा
  • राजधानियां — उरदा, बादम, रामगढ़, इचाक, पद्मा
  • दलेल सिंह ने राजधानी रामगढ़ की
  • मुकुंद सिंह ने 1772 में कंपनी का विरोध किया
  • तीन घराने — नागवंशी, चेरो, रामगढ़ राज

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