मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद
Chief Minister and Council of Ministers
झारखंड में वास्तविक कार्यपालिका शक्ति मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के पास है, जो सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी हैं। राज्यपाल उनकी सलाह पर कार्य करते हैं, सिवाय उन मामलों के जहां संविधान विवेकाधिकार देता है।
वास्तविक कार्यपालिका — मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद | उत्तरदायी — विधानसभा के प्रति
नियुक्ति और उत्तरदायित्व
- राज्यपाल नियुक्त करते हैं मुख्यमंत्री को, सामान्यतः बहुमत दल के नेता को
- अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करते हैं
- मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है
- मंत्री का विधानमंडल का सदस्य होना आवश्यक है, या छह माह में बनना पड़ता है
- मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की संख्या से जुड़ी संवैधानिक सीमा से बंधा है
- सदन में विश्वास मत हारने पर सरकार गिर जाती है
मुख्यमंत्री की शक्तियां और कार्य
- मंत्रिपरिषद का नेतृत्व और विभागों का बंटवारा
- राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच मुख्य संवाद माध्यम
- विधानसभा आहूत करने और विघटन पर राज्यपाल को सलाह
- झारखंड में जनजातीय सलाहकार परिषद की अध्यक्षता
- नीति की दिशा तय करना और राज्य मंत्रिमंडल की अध्यक्षता
- केंद्र सरकार से संबंधों में राज्य का राजनीतिक चेहरा
राज्य का प्रशासनिक तंत्र
| पद | भूमिका |
|---|---|
| मुख्यमंत्री | राज्य सरकार के प्रमुख |
| मंत्रिपरिषद | नीति निर्माण, विधानसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायी |
| मुख्य सचिव | वरिष्ठतम सिविल सेवक, राज्य सेवाओं के प्रमुख |
| प्रधान सचिव या सचिव | किसी विभाग के प्रमुख |
| निदेशक या आयुक्त | विभाग के क्षेत्रीय संगठन के प्रमुख |
| प्रमंडलीय आयुक्त | प्रमंडल के प्रमुख |
| उपायुक्त | जिले के प्रमुख |
संक्षेप में राजनीतिक इतिहास
- प्रथम मुख्यमंत्री — बाबूलाल मरांडी, शपथ 15 नवंबर 2000 को
- राज्य ने बार-बार सरकार बदलते और कई गठबंधन देखे हैं
- वर्ष 2000 के बाद एक से अधिक बार राष्ट्रपति शासन लगा है
- गठबंधन राजनीति विधानसभा की बिखरी दलीय व्यवस्था को दिखाती है
- जनजातीय नेतृत्व और राज्य आंदोलन राज्य की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं
पूछे जाने वाले बिंदु
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है — राज्यपालबार-बार पूछा जाता है
- मंत्रिपरिषद किसके प्रति उत्तरदायी है — विधानसभा
- झारखंड में TAC के अध्यक्ष कौन — मुख्यमंत्री
- राज्य सिविल सेवाओं के प्रमुख — मुख्य सचिव
- राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री — बाबूलाल मरांडी
मंत्रिपरिषद से जुड़े व्यावहारिक बिंदु
- मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री दोनों हो सकते हैं
- मंत्रिमंडल की बैठक में नीति, अध्यादेश और बड़े व्यय के प्रस्ताव तय होते हैं
- मंत्री अपने विभाग के कार्यों के लिए विधानसभा में व्यक्तिगत रूप से भी उत्तरदायी होते हैं
- मुख्यमंत्री के इस्तीफे या मृत्यु पर पूरी मंत्रिपरिषद भंग मानी जाती है
- विभागों का बंटवारा और फेरबदल मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार में आता है
- अनुसूचित क्षेत्रों से जुड़े निर्णयों में राज्यपाल की भूमिका अलग से बनी रहती है
याद रखने की ट्रिक — दो रेखाएं याद रखें — राज्यपाल नाममात्र प्रमुख, मुख्यमंत्री असली प्रमुख। और एक झारखंड-विशेष बात — TAC के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं।
यहां लोग गलती करते हैं — राज्यपाल और मुख्यमंत्री की भूमिका उलटी याद रहती है।
✗ राज्यपाल रोजमर्रा की सरकार चलाते हैं | ✓ राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख हैं; सरकार मुख्यमंत्री चलाते हैं
✗ मंत्रिपरिषद राज्यपाल के प्रति जवाबदेह है | ✓ मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से जवाबदेह है
एग्जाम पॉइंटर — JPSC में इस टॉपिक का वैचारिक रूप आता है — राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के संबंध पर। JSSC CGL, JKCE और JTET में सीधा — प्रथम मुख्यमंत्री कौन, मुख्य सचिव का काम क्या। करेंट अफेयर्स में वर्तमान मुख्यमंत्री और मंत्रियों के विभाग भी पूछे जाते हैं।
एक नजर में
- वास्तविक कार्यपालिका — मंत्रिपरिषद
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति — राज्यपाल
- मंत्रियों की नियुक्ति — मुख्यमंत्री की सलाह पर
- विधानसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व
- मुख्यमंत्री विभाग बांटते और मंत्रिमंडल का नेतृत्व करते हैं
- झारखंड में TAC की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं
- मुख्य सचिव राज्य सिविल सेवाओं के प्रमुख
- जिले के प्रमुख — उपायुक्त
- प्रथम मुख्यमंत्री — बाबूलाल मरांडी
- राज्य में बार-बार गठबंधन और राष्ट्रपति शासन
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