जिला प्रशासन
जिला प्रशासन
जिला वही स्तर है जहां राज्य की नीति नागरिक तक पहुंचती है। झारखंड में जिले के प्रमुख उपायुक्त होते हैं, हर अनुमंडल का प्रमुख SDO, प्रखंड का प्रमुख BDO, और भूमि अभिलेख तथा राजस्व अंचल अधिकारी संभालते हैं।
जिला प्रमुख — उपायुक्त | 24 जिले | 45 अनुमंडल
जिले के प्रमुख
- उपायुक्त (DC) जिला प्रशासन के प्रमुख होते हैं
- वही अधिकारी जिला दंडाधिकारी और समाहर्ता के रूप में भी काम करते हैं
- उपायुक्त के रूप में वे विकास योजनाओं और विभागों में समन्वय करते हैं
- जिला दंडाधिकारी के रूप में वे विधि-व्यवस्था और दंडाधिकारी कार्य देखते हैं
- समाहर्ता के रूप में वे भू-राजस्व और अभिलेख के लिए उत्तरदायी हैं
- उपायुक्त जिला खनिज फाउंडेशन और आपदा प्रबंधन समितियों की अध्यक्षता भी करते हैं
जिले के नीचे की श्रृंखला
| इकाई | अधिकारी | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| अनुमंडल | अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) | जिले के नीचे विधि-व्यवस्था और दंडाधिकारी कार्य |
| प्रखंड | प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) | ग्रामीण विकास और योजना क्रियान्वयन |
| अंचल | अंचल अधिकारी (CO) | भूमि अभिलेख, दाखिल-खारिज, राजस्व |
| थाना | थाना प्रभारी | स्थानीय पुलिस व्यवस्था |
| पंचायत | मुखिया और पंचायत सचिव | ग्राम स्तर पर स्वशासन |
पुलिस और राजस्व की कड़ियां
- राज्य पुलिस के प्रमुख पुलिस महानिदेशक (DGP) होते हैं
- जिलों के प्रमुख SP होते हैं, बड़े जिलों में SSP
- जिले पुलिस रेंज और जोन में बंटे होते हैं, जिनके प्रमुख DIG और IG होते हैं
- राजस्व की कड़ी DC, SDO, CO और हल्का स्तर के कर्मचारियों तक जाती है
- न्यायिक दंडाधिकारी व्यवस्था अलग है और जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अधीन चलती है
- रांची स्थित झारखंड उच्च न्यायालय राज्य का सर्वोच्च न्यायालय है
झारखंड की विशेष बातें
- अनुसूचित क्षेत्रों में प्रशासन पांचवीं अनुसूची और PESA के तहत भी चलता है
- उपायुक्त भूमि हस्तांतरण पर CNT और SPT अधिनियम की रोक लागू कराते हैं
- मानकी-मुंडा और मांझी-परगना जैसी पारंपरिक संस्थाएं औपचारिक तंत्र के साथ चलती हैं
- कोल्हान क्षेत्र में विल्किंसन नियम की विरासत आज भी स्थानीय विवाद निपटारे को आकार देती है
- खनन जिलों में राजस्व, विस्थापन और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त निकाय होते हैं
पूछे जाने वाले बिंदु
- जिले के प्रमुख — उपायुक्तबार-बार पूछा जाता है
- दाखिल-खारिज करने वाला अधिकारी — अंचल अधिकारी
- प्रखंड स्तर पर ग्रामीण विकास का अधिकारी — BDO
- प्रमंडल के प्रमुख — प्रमंडलीय आयुक्त
- राज्य का सर्वोच्च न्यायालय — झारखंड उच्च न्यायालय
राजस्व पेपर में मिलने वाले शब्द
- हल्का — सबसे छोटी राजस्व इकाई, जिसे राजस्व कर्मचारी देखते हैं
- जमाबंदी — काश्तकारों और उनकी जोत का अभिलेख
- दाखिल-खारिज — म्यूटेशन, अभिलेख में नए धारक की प्रविष्टि
- खतियान — सर्वे और बंदोबस्त के समय बना अधिकार अभिलेख
- लगान — राज्य को देय भूमि किराया
- राज्य के अधिकांश भूमि विवाद खतियान और जमाबंदी की प्रविष्टियों पर ही टिकते हैं
याद रखने की ट्रिक — नीचे से ऊपर का क्रम — CO → BDO → SDO → DC → आयुक्त। और एक लाइन — जमीन CO की, विकास BDO का, कानून SDO का।
यहां लोग गलती करते हैं — BDO और CO के काम अलग हैं।
✗ दाखिल-खारिज BDO करते हैं | ✓ दाखिल-खारिज और भूमि अभिलेख अंचल अधिकारी देखते हैं; BDO विकास देखते हैं
✗ SDO और DC एक ही पद हैं | ✓ SDO अनुमंडल के प्रमुख हैं, DC पूरे जिले के
एग्जाम पॉइंटर — JSSC CGL, JTGLCCE, JKCE और JTET में पद-कार्य मिलान सीधा आता है — DC, SDO, BDO, CO। JPSC में अनुसूचित क्षेत्र में प्रशासन और PESA का संबंध मुख्य परीक्षा में आता है। यह टॉपिक रटने वाला अधिक है, समझने वाला कम।
एक नजर में
- उपायुक्त जिले के प्रमुख
- वही जिला दंडाधिकारी और समाहर्ता भी
- SDO अनुमंडल के, BDO प्रखंड के प्रमुख
- अंचल अधिकारी भूमि अभिलेख और दाखिल-खारिज
- जिला पुलिस प्रमुख — SP या SSP; राज्य प्रमुख — DGP
- प्रमंडल प्रमुख — प्रमंडलीय आयुक्त
- रांची का झारखंड उच्च न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय
- अनुसूचित क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची और PESA भी लागू
- उपायुक्त CNT और SPT की भूमि रोक लागू कराते हैं
- पारंपरिक मानकी-मुंडा संस्थाएं साथ चलती हैं
