जिले और उनकी विशेषताएं
जिले और उनकी विशेषताएं
झारखंड में 24 जिले हैं। वर्ष 2000 में राज्य 18 जिलों के साथ बना, 2001 में चार जिले जुड़े और अंतिम दो — खूंटी और रामगढ़ — 12 सितंबर 2007 को बने। उसके बाद कोई नया जिला नहीं बना है।
24 जिले | सबसे नए — खूंटी और रामगढ़, 12 सितंबर 2007
जिलों की संख्या 24 तक कैसे पहुंची
- 2000 — बिहार से मिले 18 जिलों के साथ राज्य गठन
- 2001 — चार नए जिले बने, संख्या 22 हुई
- 12 सितंबर 2007 — रांची से खूंटी और हजारीबाग से रामगढ़ अलग हुएबार-बार पूछा जाता है
- तब से संख्या 24 पर स्थिर है, इसीलिए यह सुरक्षित तथ्यात्मक प्रश्न है
- हर जिला 5 प्रमंडलों में से किसी एक में आता है
जिलों के रिकॉर्ड जो रटने पड़ेंगे
| रिकॉर्ड | जिला | आंकड़ा |
|---|---|---|
| क्षेत्रफल में सबसे बड़ा | पश्चिमी सिंहभूम | लगभग 7,224 वर्ग किमी |
| क्षेत्रफल में सबसे छोटा | रामगढ़ | लगभग 1,341 वर्ग किमी |
| सर्वाधिक जनसंख्या (2011) | रांची | 29,14,253 |
| न्यूनतम जनसंख्या (2011) | लोहरदगा | 4,61,790 |
| सर्वाधिक घनत्व (2011) | धनबाद | 1,316 प्रति वर्ग किमी |
| न्यूनतम घनत्व (2011) | सिमडेगा | 159 प्रति वर्ग किमी |
| सर्वाधिक साक्षरता (2011) | रांची | 76.06 प्रतिशत |
| न्यूनतम साक्षरता (2011) | पाकुड़ | 48.82 प्रतिशत |
किस जिले की क्या पहचान
- धनबाद — भारत की कोयला राजधानी, झरिया कोयला क्षेत्र, IIT (ISM)
- पूर्वी सिंहभूम — जमशेदपुर, टाटा स्टील के इर्द-गिर्द बसा इस्पात नगर
- बोकारो — बोकारो इस्पात संयंत्र, सार्वजनिक क्षेत्र का इस्पात टाउनशिप
- देवघर — बैद्यनाथ धाम मंदिर और श्रावणी मेला
- साहिबगंज — गंगा नदी बंदरगाह, राजमहल पहाड़ी और जीवाश्म पार्क
- लातेहार — नेतरहाट पठार और लोध जलप्रपात
- खूंटी — उलिहातू, बिरसा मुंडा की जन्मस्थली
- कोडरमा — भारत की अभ्रक (mica) पट्टी के रूप में प्रसिद्ध
जिलों के पीछे का जनसांख्यिकीय पैटर्न
- जनजातीय हिस्सेदारी दक्षिणी छोटानागपुर और कोल्हान पट्टी में सर्वाधिक है
- खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में अनुसूचित जनजाति का अनुपात बहुत ऊंचा है
- संथाल परगना के जिलों में राज्य की सबसे कम साक्षरता दिखती है
- औद्योगिक जिले — धनबाद, बोकारो और पूर्वी सिंहभूम — सबसे अधिक शहरीकृत हैं
- रांची में सर्वाधिक जनसंख्या और सर्वाधिक साक्षरता दोनों हैं, जो असामान्य संयोग है
क्षेत्रीय नाम जो जानने चाहिए
- कोयलांचल — धनबाद और बोकारो की कोयला पट्टी
- दामिन-ए-कोह — राजमहल पहाड़ी का ऐतिहासिक संथाल बसाव क्षेत्र
- कोल्हान — सिंहभूम जिलों का हो-बहुल भूभाग
- नेतरहाट — छोटानागपुर की रानी, लातेहार जिले में
- पतरातू और पंचेत — उत्तर-पूर्वी पट्टी के बिजली और बांध स्थल
जिला मुख्यालय जहां लोग फंसते हैं
| जिला | मुख्यालय |
|---|---|
| पश्चिमी सिंहभूम | चाईबासा |
| पूर्वी सिंहभूम | जमशेदपुर |
| सरायकेला-खरसावां | सरायकेला |
| पलामू | मेदिनीनगर (डालटनगंज) |
| बोकारो | बोकारो स्टील सिटी |
- कई जिलों का नाम उनके मुख्यालय से अलग है, और पेपर इसी अंतर का लाभ उठाते हैं
- चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम का जिला मुख्यालय और कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय दोनों है
- जमशेदपुर राज्य का सबसे बड़ा शहर है पर प्रमंडल मुख्यालय नहीं है
- रांची एक साथ जिला मुख्यालय, प्रमंडल मुख्यालय और राज्य की राजधानी है
याद रखने की ट्रिक — 2007 वाले दो जिले याद रखें — खू-रा: खूंटी (रांची से), रामगढ़ (हजारीबाग से)। रिकॉर्ड का जोड़ — बड़ा पश्चिमी सिंहभूम, छोटा रामगढ़, घना धनबाद, विरल सिमडेगा।
यहां लोग गलती करते हैं — क्षेत्रफल और जनसंख्या के रिकॉर्ड अलग जिलों के हैं।
✗ सबसे बड़ा जिला — रांची | ✓ क्षेत्रफल में सबसे बड़ा — पश्चिमी सिंहभूम; जनसंख्या में — रांची
✗ सबसे कम साक्षरता — साहिबगंज | ✓ सबसे कम साक्षरता — पाकुड़
एग्जाम पॉइंटर — JSSC CGL, JKCE और झारखंड पुलिस में जिलों के रिकॉर्ड सीधे पूछे जाते हैं — सबसे बड़ा, सबसे छोटा, सबसे घना। JPSC इन्हीं आंकड़ों को जनगणना और विकास सूचकांक से जोड़कर कथन रूप में पूछता है। दो से तीन प्रश्न का पक्का दायरा है।
एक नजर में
- 24 जिले; 2000 में 18, 2001 में 22, 2007 से 24
- सबसे नए — खूंटी और रामगढ़, 12 सितंबर 2007
- क्षेत्रफल में सबसे बड़ा — पश्चिमी सिंहभूम
- क्षेत्रफल में सबसे छोटा — रामगढ़
- सर्वाधिक जनसंख्या — रांची; न्यूनतम — लोहरदगा
- सर्वाधिक घनत्व — धनबाद; न्यूनतम — सिमडेगा
- सर्वाधिक साक्षरता — रांची; न्यूनतम — पाकुड़
- कोयला — धनबाद; इस्पात — जमशेदपुर और बोकारो; अभ्रक — कोडरमा
- बिरसा मुंडा का उलिहातू खूंटी में है
- नेतरहाट और लोध जलप्रपात लातेहार में हैं
