Topic 10.39 min read

उद्योग और औद्योगिक क्षेत्र

Industry and Industrial Areas

WhatsApp

झारखंड का उद्योग वहीं बढ़ा जहां खनिज थे। जमशेदपुर की टाटा स्टील, बोकारो, सिंदरी और रांची के सार्वजनिक संयंत्र, तथा धनबाद की कोयला पट्टी ने मिलकर इसे पूर्वी भारत का औद्योगिक हृदय बनाया।

जमशेदपुर — टाटा स्टील, 1907 | बोकारो इस्पात — 1964 | HEC रांची — 1958 | सिंदरी — 1951

प्रमुख औद्योगिक केंद्र

केंद्रउद्योगटिप्पणी
जमशेदपुरलोहा-इस्पात, वाहनटाटा स्टील और टाटा मोटर्स; भारत का पहला नियोजित औद्योगिक नगर
बोकारोलोहा-इस्पातबोकारो इस्पात संयंत्र, सार्वजनिक क्षेत्र, सोवियत सहयोग से
रांचीभारी इंजीनियरिंगहैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC)
सिंदरीउर्वरकभारत के आरंभिक बड़े उर्वरक संयंत्रों में से एक
धनबादकोयला और कोयला आधारित उद्योगभारत की कोयला राजधानी
आदित्यपुरवाहन कलपुर्जे और इंजीनियरिंगजमशेदपुर के पास बड़ा औद्योगिक क्षेत्र
रामगढ़ और चांडिलस्पंज आयरन और लघु उद्योगकोयला पट्टी पर क्लस्टर विकास

स्थापना की कहानियां

  • टाटा स्टील की स्थापना 1907 में हुई और वह नगर जमशेदपुर बनाबार-बार पूछा जाता है
  • जमशेदपुर को प्रायः भारत का पहला नियोजित औद्योगिक नगर कहा जाता है
  • 1951 में स्थापित सिंदरी उर्वरक संयंत्र प्रारंभिक नियोजन का प्रमुख उदाहरण था
  • HEC रांची की स्थापना 1958 में हुई, ताकि अन्य संयंत्रों के लिए मशीनें बनें
  • बोकारो इस्पात 1964 में सोवियत तकनीकी सहयोग से शुरू हुआ
  • चारों को कोयला, लौह अयस्क या दोनों के पास रखा गया

उद्योग यहीं क्यों जुटा

  • कोकिंग कोल, लौह अयस्क और चूना पत्थर कम दूरी पर उपलब्ध हैं
  • दामोदर घाटी ने कोयला और बाद में बिजली दोनों दिए
  • कोलकाता बंदरगाह तक रेल संपर्क ने कच्चा माल और तैयार माल ढोया
  • स्वर्णरेखा और दामोदर का जल भारी संयंत्रों के लिए पर्याप्त था
  • पहले संयंत्र आने के बाद सहायक इकाइयां आईं और क्लस्टर बने

वर्तमान औद्योगिक स्वरूप

  • लोहा-इस्पात आज भी राज्य का अग्रणी उद्योग है
  • उसके बाद स्पंज आयरन, सीमेंट, एल्युमीनियम फैब्रिकेशन और इंजीनियरिंग आते हैं
  • लघु और मध्यम इकाइयां आदित्यपुर, बोकारो और रांची औद्योगिक क्षेत्रों में हैं
  • खाद्य प्रसंस्करण तथा तसर और लाह प्रसंस्करण नए क्षेत्र के रूप में बढ़ाए जा रहे हैं
  • औद्योगिक नीति का जोर कच्चे अयस्क के निर्यात के बजाय राज्य के भीतर मूल्य संवर्धन पर है
  • कमजोर बिजली आपूर्ति, भूमि अधिग्रहण विवाद और कौशल की कमी नए निवेश को सीमित करते हैं

पारंपरिक और लघु उद्योग

  • सरायकेला के कुचाई और भागलपुर की ओर के जिलों में तसर रेशम बुनाई
  • खूंटी और रांची के आसपास लाह प्रसंस्करण इकाइयां
  • वन जिलों में बांस और बेंत शिल्प
  • राजमहल और पाकुड़ पट्टी में पत्थर तोड़ाई और खनन
  • छोटे पर विशिष्ट ग्रामोद्योग — हथकरघा और ढोकरा धातु शिल्प
  • ये प्रति रुपया निवेश पर भारी उद्योग से कहीं अधिक श्रमिक खपाते हैं

औद्योगिक कहानी का अधूरापन

  • बहुत सा अयस्क तैयार उत्पाद के बजाय कच्चे माल के रूप में राज्य से बाहर जाता है
  • भारी उद्योग पूंजी प्रधान है और प्रत्यक्ष रोजगार सीमित देता है
  • औद्योगिक नगर समृद्ध हुए जबकि आसपास के ग्रामीण प्रखंड गरीब बने रहे
  • कौशल प्रशिक्षण और लघु उद्यम को सहयोग ही घोषित नीतिगत उत्तर है

याद रखने की ट्रिक — चार स्थापना, चार वर्ष — टाटा 1907, सिंदरी 1951, HEC 1958, बोकारो 1964। क्रम में बढ़ते वर्ष, याद रखना आसान।

यहां लोग गलती करते हैं — दोनों इस्पात संयंत्र अलग क्षेत्र के हैं।

✗ बोकारो इस्पात निजी क्षेत्र का संयंत्र है  |  ✓ जमशेदपुर की टाटा स्टील निजी है; बोकारो इस्पात सार्वजनिक क्षेत्र का है

✗ HEC जमशेदपुर में है  |  ✓ HEC रांची में है

एग्जाम पॉइंटर — JSSC CGL, JTGLCCE और JKCE में उद्योग-नगर मिलान और स्थापना वर्ष सीधे आते हैं। JPSC में 'खनिज होने पर भी औद्योगीकरण सीमित क्यों' मुख्य परीक्षा का प्रश्न बनता है — उत्तर में मूल्य संवर्धन, बिजली और भूमि तीनों लिखें।

एक नजर में

  • टाटा स्टील, जमशेदपुर — 1907, निजी क्षेत्र
  • जमशेदपुर — भारत का पहला नियोजित औद्योगिक नगर
  • सिंदरी उर्वरक संयंत्र — 1951
  • HEC रांची — 1958, भारी इंजीनियरिंग
  • बोकारो इस्पात संयंत्र — 1964, सोवियत सहयोग
  • धनबाद — भारत की कोयला राजधानी
  • आदित्यपुर — वाहन और इंजीनियरिंग क्लस्टर
  • अग्रणी उद्योग — लोहा-इस्पात
  • स्थान का चयन कोयला, लौह अयस्क और जल से तय
  • बाधाएं — बिजली, भूमि अधिग्रहण और कौशल

Checking your account…

It takes a minute with your WhatsApp number. Reading is free.

Done with this topic?

Lock it in with a quick Practice Set, then move on.