स्थिति और विस्तार
स्थिति और विस्तार
झारखंड पूर्वी भारत का स्थलरुद्ध पठारी राज्य है जिसका क्षेत्रफल लगभग 79,716 वर्ग किलोमीटर है। यह पूरी तरह छोटानागपुर पठार पर स्थित है, इससे होकर कर्क रेखा गुजरती है, और इसकी सीमा पांच राज्यों से लगती है।
क्षेत्रफल — लगभग 79,716 वर्ग किमी | भारत का लगभग 2.4 प्रतिशत | स्थलरुद्ध | राजधानी रांची
मानचित्र पर स्थिति
- पूर्वी भारत में, पूरी तरह छोटानागपुर पठार पर स्थित
- अनुमानित अक्षांश — लगभग 22 से 25 डिग्री उत्तर
- अनुमानित देशांतर — लगभग 83 से 88 डिग्री पूर्व
- कर्क रेखा राज्य से होकर गुजरती है और रांची के पास से निकलती हैबार-बार पूछा जाता है
- स्थलरुद्ध — न समुद्र तट, न कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा
- राज्य का आकार लंबा-पतला नहीं, सघन है, जिससे प्रशासन में सुविधा रहती है
आकार और स्थान
- क्षेत्रफल — लगभग 79,716 वर्ग किलोमीटर
- भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 2.4 प्रतिशत
- भारतीय राज्यों में क्षेत्रफल की दृष्टि से लगभग पंद्रहवां स्थान
- जनगणना 2011 के अनुसार जनसंख्या — लगभग 3.30 करोड़
- राज्य क्षेत्रफल में छोटा पर संसाधनों में सघन है, जो पूरी अर्थव्यवस्था तय करता है
दिशा के अनुसार पड़ोसी
| दिशा | राज्य |
|---|---|
| उत्तर | बिहार |
| पूर्व | पश्चिम बंगाल |
| दक्षिण | ओडिशा |
| पश्चिम | छत्तीसगढ़ |
| उत्तर-पश्चिम | उत्तर प्रदेश |
ऊंचाई और धरातल संक्षेप में
- राज्य का अधिकांश भाग समुद्र तल से 300 से 900 मीटर के बीच है
- सर्वोच्च बिंदु — गिरिडीह जिले की पारसनाथ पहाड़ी, 1,365 मीटर
- सर्वोच्च पठारी सतह — नेतरहाट के आसपास का पाट क्षेत्र
- निम्नतम भाग — पूर्व और उत्तर-पूर्व में राजमहल तथा नदी मैदान
- पठार होने के कारण राज्य उसी अक्षांश के बिहार मैदान से ठंडा रहता है
स्थिति क्यों महत्वपूर्ण है
- पठारी ऊंचाई से जलवायु मृदु होती है और नेतरहाट जैसे स्थल संभव हुए
- स्थलरुद्ध होने से निर्यात के लिए राज्य ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बंदरगाहों पर निर्भर है
- गंगा मैदान और प्रायद्वीप के बीच होने से यह पारगमन गलियारा है
- दामोदर और स्वर्णरेखा बेसिन पड़ोसी राज्यों के साथ साझा हैं
- खनिज पट्टियां सीमा पार तक जाती हैं, इसलिए खनन नीति का अंतरराज्यीय पहलू है
इस अध्याय में मिलने वाले स्थानीय शब्द
- पाट — पश्चिम की ऊंची, सपाट शीर्ष वाली पठारी सतह, नेतरहाट के आसपास
- टांड़ — पठार का कम उपजाऊ ऊपरी खेत
- दोन — अधिक उपजाऊ निचला खेत जहां पानी ठहरता है
- बुरू — पहाड़ी, जैसे डोंबारी बुरू और दलमा बुरू
- ट्रफ — दामोदर घाटी की दरार जैसी निचली पट्टी
- दामिन — पहाड़ का दामन, जैसे दामिन-ए-कोह
राज्य एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्रफल | लगभग 79,716 वर्ग किमी |
| राजधानी | रांची |
| उप-राजधानी | दुमका |
| जिले और प्रमंडल | 5 प्रमंडलों में 24 जिले |
| सर्वोच्च बिंदु | पारसनाथ, 1,365 मीटर |
| पड़ोसी राज्य | पांच |
याद रखने की ट्रिक — तीन चीजें याद रखें — पठार, कर्क रेखा, स्थलरुद्ध। यही तीन झारखंड के भूगोल का पूरा परिचय हैं। क्षेत्रफल का जोड़ — 79,716 यानी लगभग 80 हजार वर्ग किमी।
यहां लोग गलती करते हैं — सर्वोच्च बिंदु और सर्वोच्च पठारी सतह अलग हैं।
✗ नेतरहाट झारखंड का सर्वोच्च बिंदु है | ✓ सर्वोच्च बिंदु पारसनाथ 1,365 मीटर; नेतरहाट सर्वोच्च पठारी सतह यानी पाट क्षेत्र है
✗ झारखंड की एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है | ✓ झारखंड स्थलरुद्ध है, कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं
एग्जाम पॉइंटर — JSSC CGL, JKCE और JTET में क्षेत्रफल, कर्क रेखा और पड़ोसी राज्यों की संख्या सीधे पूछे जाते हैं। JPSC में मानचित्र और कथन आधारित प्रश्न आते हैं, जैसे 'कर्क रेखा किन जिलों से गुजरती है'। भूगोल अध्याय का यह सबसे आसान भाग है, इसलिए यहां पूरा अंक बनता है।
एक नजर में
- क्षेत्रफल — लगभग 79,716 वर्ग किमी, भारत का लगभग 2.4 प्रतिशत
- क्षेत्रफल में लगभग पंद्रहवां बड़ा राज्य
- जनसंख्या 2011 — लगभग 3.30 करोड़
- पूरी तरह छोटानागपुर पठार पर स्थित
- कर्क रेखा राज्य से गुजरती है
- स्थलरुद्ध — न तट, न अंतरराष्ट्रीय सीमा
- पड़ोसी — बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश
- सर्वोच्च बिंदु — पारसनाथ, 1,365 मीटर, गिरिडीह
- सर्वोच्च पठारी सतह — पाट क्षेत्र, नेतरहाट
- अधिकांश भाग 300 से 900 मीटर के बीच
