खनिज संपदा का वितरण
खनिज संपदा का वितरण
झारखंड के पास भारत के लगभग 40 प्रतिशत खनिज भंडार हैं, वह भी देश के 2.5 प्रतिशत से कम क्षेत्रफल में। यह देश में सर्वाधिक कोयला भंडार वाला राज्य है और एकमात्र राज्य है जो कोकिंग कोल, यूरेनियम तथा पाइराइट का उत्पादन करता है।
भारत के लगभग 40 प्रतिशत खनिज भंडार | कोयला लगभग 27.3 प्रतिशत | लौह अयस्क (हेमेटाइट) लगभग 26 प्रतिशत
यहां खनिज क्यों हैं
- पठार प्राचीन प्री-कैंब्रियन क्रिस्टलीय चट्टान से बना है जो धात्विक खनिजों से समृद्ध है
- गोंडवाना अवसादों से भरी दरार घाटियों में कोयला है
- मानसूनी वर्षा में लंबे अपक्षय से लैटेराइट और उससे बॉक्साइट बना
- सिंहभूम पट्टी भारत के प्राचीनतम धातु-वाहक क्षेत्रों में है
- तीन भूवैज्ञानिक कहानियां — क्रिस्टलीय, गोंडवाना और लैटेराइट — पूरा नक्शा समझा देती हैं
भारत के भंडार में हिस्सेदारी
| खनिज | भारत में अनुमानित हिस्सा | टिप्पणी |
|---|---|---|
| कोयला | लगभग 27.3 प्रतिशत | राज्यों में सर्वाधिक |
| लौह अयस्क (हेमेटाइट) | लगभग 26 प्रतिशत | राज्यों में दूसरा स्थान |
| तांबा अयस्क | लगभग 18.5 प्रतिशत | सिंहभूम पट्टी |
| कुल खनिज भंडार | लगभग 40 प्रतिशत | भारत का सर्वाधिक खनिज-समृद्ध राज्य |
राज्य की खनिज पट्टियां
| पट्टी | जिले | मुख्य खनिज |
|---|---|---|
| दामोदर घाटी पट्टी | धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग | कोयला, कोकिंग कोल सहित |
| सिंहभूम पट्टी | पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला | लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, क्यानाइट |
| पाट और लैटेराइट पट्टी | लोहरदगा, गुमला, लातेहार | बॉक्साइट |
| अभ्रक पट्टी | कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग | अभ्रक |
| राजमहल पट्टी | साहिबगंज, पाकुड़ | पत्थर, चीनी मिट्टी और किनारे पर कोयला |
झारखंड की विशिष्टता
- कोकिंग कोल, यूरेनियम और पाइराइट का उत्पादन करने वाला एकमात्र राज्यबार-बार पूछा जाता है
- कोकिंग कोल इस्पात निर्माण के लिए आवश्यक है, इसलिए राज्य भारत के इस्पात उद्योग का आधार है
- जादूगोड़ा का यूरेनियम खनन देश के परमाणु कार्यक्रम को सहारा देता है
- इसी खनिज आधार पर जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद औद्योगिक नगर बने
- यही आधार बताता है कि राज्य की राजनीति में खनन, भूमि और विस्थापन क्यों हावी रहते हैं
पूछे जाने वाले बिंदु
- भारत के खनिज भंडार में हिस्सा — लगभग 40 प्रतिशत
- कोयला हिस्सा — लगभग 27.3 प्रतिशत, राज्यों में सर्वाधिक
- लौह अयस्क हिस्सा — लगभग 26 प्रतिशत, राज्यों में दूसरा
- कोकिंग कोल, यूरेनियम और पाइराइट का एकमात्र उत्पादक राज्य
- तांबा पट्टी — सिंहभूम
खनिज और जिला, एक नजर में
- कोयला — धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, गोड्डा
- लौह अयस्क — पश्चिमी सिंहभूम, मुख्यतः नोआमुंडी, गुआ और किरीबुरू
- तांबा — पूर्वी सिंहभूम, मुख्यतः घाटशिला और मोसाबनी
- यूरेनियम — पूर्वी सिंहभूम, मुख्यतः जादूगोड़ा
- बॉक्साइट — लोहरदगा, गुमला और लातेहार
- अभ्रक — कोडरमा और गिरिडीह
- चूना पत्थर — पलामू, हजारीबाग और सिंहभूम की ओर
याद रखने की ट्रिक — तीन चट्टान, तीन खनिज — क्रिस्टलीय = लोहा-तांबा, गोंडवाना = कोयला, लैटेराइट = बॉक्साइट। और एक लाइन — 40 प्रतिशत खनिज, 2.4 प्रतिशत क्षेत्रफल।
यहां लोग गलती करते हैं — भंडार और उत्पादन अलग चीजें हैं, और रैंक भी अलग होती है।
✗ झारखंड लौह अयस्क भंडार में भारत में प्रथम है | ✓ कोयला भंडार में प्रथम है और लौह अयस्क भंडार में लगभग दूसरा
✗ झारखंड के सभी खनिज एक ही चट्टान में मिलते हैं | ✓ कोयला गोंडवाना में, लोहा-तांबा क्रिस्टलीय में, बॉक्साइट लैटेराइट में
एग्जाम पॉइंटर — JPSC में खनिज का भूगोल अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों से जुड़ता है — प्रारंभिक में प्रतिशत और जिला, मुख्य में खनन नीति। JSSC CGL, JTGLCCE और JKCE में सीधा मिलान — कौन-सा खनिज किस जिले में। पूरे झारखंड GK में सर्वाधिक अंक देने वाला अध्याय यही है।
एक नजर में
- भारत के लगभग 40 प्रतिशत खनिज भंडार
- कोयला — लगभग 27.3 प्रतिशत, राज्यों में सर्वाधिक
- लौह अयस्क (हेमेटाइट) — लगभग 26 प्रतिशत
- तांबा अयस्क — लगभग 18.5 प्रतिशत
- कोकिंग कोल, यूरेनियम और पाइराइट का एकमात्र उत्पादक
- कोयला पट्टी — दामोदर घाटी
- लोहा, तांबा और यूरेनियम — सिंहभूम पट्टी
- बॉक्साइट — लोहरदगा, गुमला, लातेहार
- अभ्रक — कोडरमा और गिरिडीह
- तीन भूविज्ञान — क्रिस्टलीय, गोंडवाना, लैटेराइट
