प्रमुख व्यक्तित्व और पुरस्कार
प्रमुख व्यक्तित्व और पुरस्कार
झारखंड से पूछे जाने वाले नाम तीन समूहों में आते हैं: जनजातीय विद्रोहों के नेता, राज्य आंदोलन के निर्माता, और कला, पर्यावरण तथा खेल में पद्म पुरस्कार पाने वाले आधुनिक व्यक्तित्व।
आंदोलन के नाम — बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, तिल्का मांझी | आधुनिक — कला, पर्यावरण और खेल के पद्म पुरस्कार विजेता
विद्रोहों के नेता
| नाम | किससे जुड़े |
|---|---|
| तिल्का मांझी | सबसे पहला जनजातीय प्रतिरोध, 1784 से 1785 |
| बुधु भगत | कोल विद्रोह, 1831 से 1832 |
| गंगा नारायण सिंह | भूमिज विद्रोह, 1832 से 1833 |
| सिदो और कान्हू मुर्मू | संथाल हूल, 1855 |
| फूलो और झानो मुर्मू | हूल में लड़ने वाली बहनें |
| भगीरथ मांझी | खेरवार और सफा होड़ आंदोलन, 1870 का दशक |
| बिरसा मुंडा | उलगुलान, 1899 से 1900 |
| जतरा भगत | ताना भगत आंदोलन, 1914 |
राज्य के निर्माता
- जयपाल सिंह मुंडा — मरांग गोमके, संविधान सभा सदस्य और झारखंड पार्टी नेता
- बिनोद बिहारी महतो — JMM संस्थापक, जो सदान और कुड़मी आधार लाए
- शिबू सोरेन — आंदोलन के JMM चरण के जननेता
- ए. के. राय — वामपंथी नेता, जिन्होंने खनन मजदूरों को राज्य की मांग से जोड़ा
- निर्मल महतो — 1980 के दशक के चरण के प्रमुख नेता
- राम दयाल मुंडा — विद्वान और संगीतज्ञ, जिन्होंने आंदोलन के संगठनों को जोड़ा
पद्म पुरस्कार और आधुनिक व्यक्तित्व
- राम दयाल मुंडा — जनजातीय संगीत और विद्वत्ता के लिए सम्मानित
- साइमन उरांव — ग्रामीण जल संरक्षण के लिए झारखंड के जलपुरुष कहलाए
- मुकुंद नायक — नागपुरी लोक गायक और सांस्कृतिक व्यक्तित्व
- चामी मुर्मू — पर्यावरणकर्मी, 2024 में पद्मश्रीबार-बार पूछा जाता है
- पूर्णिमा महतो — तीरंदाजी प्रशिक्षक, 2024 में पद्मश्री
- बुलु इमाम — सोहराय और खोवर कला के दस्तावेजीकरण और संरक्षण के लिए ज्ञात
अन्य जानने योग्य नाम
- बाबूलाल मरांडी — राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री
- प्रभात कुमार — राज्य के प्रथम राज्यपाल
- द्रौपदी मुर्मू — भारत की राष्ट्रपति बनने से पहले झारखंड की राज्यपाल रहीं
- पंडित रघुनाथ मुर्मू — ओल चिकी लिपि के निर्माता
- एस. सी. राय — मुंडा और उरांव समाज के अध्येता
- दीपिका कुमारी और एम. एस. धोनी — राज्य के सर्वाधिक प्रसिद्ध खिलाड़ी
इन नामों को कैसे व्यवस्थित करें
- पहले आंदोलन के अनुसार समूह बनाएं — हर विद्रोह से एक-दो नाम जुड़े हैं
- फिर चरण के अनुसार — विद्रोह काल, राज्य आंदोलन काल, और वर्तमान
- हर नाम के साथ तीन चीजें तैयार रखें: आंदोलन, वर्ष और क्षेत्र
- जहां समुदाय केंद्रीय हो वहां उसका उल्लेख करें, जैसे सिदो-कान्हू और संथाल
- पद्म पुरस्कार और खेल वाला हिस्सा बदलता है, इसलिए उसे परीक्षा के निकट अपडेट करें
- मुख्य परीक्षा के लिए हर बड़े नाम पर एक पंक्ति का महत्व तैयार रखें
पुरस्कार और सम्मान की शब्दावली
- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री — भारत के नागरिक सम्मानों के तीन स्तर
- ये हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित होते हैं
- राज्य अपने स्तर पर भी झारखंड रत्न जैसे सम्मान देता है
- खेल में अर्जुन, द्रोणाचार्य और खेल रत्न पुरस्कार सर्वाधिक पूछे जाते हैं
- साहित्य और कला के लिए संगीत नाटक अकादमी तथा साहित्य अकादमी सम्मान महत्वपूर्ण हैं
याद रखने की ट्रिक — तीन समूह का जोड़ — विद्रोह के नेता, आंदोलन के नेता, पद्म पुरस्कार विजेता। हर समूह से दो-दो नाम पक्के करें, प्रश्न कहीं से भी आए उत्तर मिल जाएगा।
यहां लोग गलती करते हैं — अलग-अलग आंदोलनों के नेता आपस में मिल जाते हैं।
✗ सिदो-कान्हू ने उलगुलान चलाया | ✓ सिदो-कान्हू ने 1855 का हूल चलाया; उलगुलान बिरसा मुंडा ने
✗ द्रौपदी मुर्मू झारखंड की निवासी हैं | ✓ वे ओडिशा से हैं; झारखंड में उन्होंने राज्यपाल के रूप में कार्य किया
एग्जाम पॉइंटर — JSSC CGL, JTGLCCE, JKCE और JTET में नाम-आंदोलन मिलान सबसे आम प्रश्न है। JPSC में किसी एक व्यक्तित्व पर संक्षिप्त टिप्पणी आ सकती है। पद्म पुरस्कार के नाम हर वर्ष बदलते हैं — परीक्षा से पहले नवीनतम सूची अवश्य देखें।
एक नजर में
- तिल्का मांझी — सबसे पहला प्रतिरोध, 1784-85
- बुधु भगत — कोल विद्रोह, 1831-32
- सिदो और कान्हू — संथाल हूल, 1855
- बिरसा मुंडा — उलगुलान, 1899-1900
- जतरा भगत — ताना भगत आंदोलन, 1914
- जयपाल सिंह मुंडा — मरांग गोमके, झारखंड पार्टी
- शिबू सोरेन, बिनोद बिहारी महतो, ए. के. राय — JMM संस्थापक
- राम दयाल मुंडा — आंदोलन के विद्वान और संगीतज्ञ
- चामी मुर्मू और पूर्णिमा महतो — पद्मश्री 2024
- रघुनाथ मुर्मू — ओल चिकी लिपि के निर्माता
