खेल और खिलाड़ी
खेल और खिलाड़ी
झारखंड की खेल पहचान हॉकी और तीरंदाजी पर टिकी है, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट जोड़ा। जनजातीय गांवों ने एक सदी तक राष्ट्रीय हॉकी टीम को खिलाड़ी दिए हैं और तीरंदाजी ने लगातार अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता निकाले हैं।
मुख्य खेल — हॉकी और तीरंदाजी | सर्वाधिक प्रसिद्ध नाम — क्रिकेट में धोनी, तीरंदाजी में दीपिका कुमारी
हॉकी
- जयपाल सिंह मुंडा ने 1928 एम्स्टर्डम में भारत को ओलंपिक स्वर्ण दिलायाबार-बार पूछा जाता है
- माइकल किंडो और सिल्वानुस डुंगडुंग क्षेत्र के ओलंपिक पदक विजेता नाम हैं
- सुमराय टेटे और असुंता लकड़ा भारतीय महिला टीम की कप्तान रहीं
- निक्की प्रधान राज्य से महिला ओलंपिक हॉकी टीम में पहुंचने वाली पहली खिलाड़ियों में रहीं
- सिमडेगा की सलीमा टेटे हाल के वर्षों में भारतीय महिला टीम की कप्तान रही हैं
- सिमडेगा को प्रायः राज्य की हॉकी नर्सरी कहा जाता है
तीरंदाजी
- रांची की दीपिका कुमारी राज्य की सर्वाधिक प्रसिद्ध तीरंदाज हैं, विश्व कप और राष्ट्रमंडल पदक विजेता
- राज्य की तीरंदाजी प्रशिक्षक पूर्णिमा महतो को 2024 में पद्मश्री मिला
- यह खेल क्षेत्र के अनुकूल है क्योंकि धनुष पारंपरिक जीवन का हिस्सा है
- रांची और जमशेदपुर की राज्य अकादमियां राष्ट्रीय कार्यक्रम को खिलाड़ी देती हैं
- तीरंदाजी की प्रतिभा में जनजातीय बालिकाओं का बड़ा हिस्सा है
क्रिकेट और अन्य खेल
- रांची के महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को 2007 टी20 विश्व कप और 2011 विश्व कप दिलाया
- वे आज भी राज्य के सर्वाधिक प्रसिद्ध खिलाड़ी हैं
- फुटबॉल का कोल्हान और खनन पट्टी में मजबूत आधार है
- एथलेटिक्स और भारोत्तोलन को राज्य अकादमियों से बढ़ावा मिलता है
- छऊ और पारंपरिक युद्ध कलाएं गांवों में शारीरिक प्रशिक्षण का आधार बनती हैं
स्टेडियम और संस्थान
| सुविधा | स्थान | टिप्पणी |
|---|---|---|
| JSCA अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम | रांची | अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्थल |
| बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम | रांची | राजधानी का हॉकी स्टेडियम |
| जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स | जमशेदपुर | बड़ा बहु-खेल परिसर |
| मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेलगांव | रांची | राष्ट्रीय खेलों की सुविधाओं पर आधारित |
| राज्य तीरंदाजी अकादमी | रांची और जमशेदपुर | तीरंदाजों का प्रशिक्षण आधार |
खेल के लिए राज्य का सहयोग
- वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना गांव और प्रखंड स्तर पर खेल बढ़ाती है
- आवासीय खेल अकादमियां ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभा जल्दी पहचानती हैं
- उद्योग समर्थित अकादमियों, विशेषकर जमशेदपुर में, का लंबा रिकॉर्ड है
- राज्य की ग्रामीण पट्टियों में खेल गरीबी से निकलने का मान्यता प्राप्त रास्ता है
- राज्य प्रायः स्टेडियम और योजनाओं के नाम आंदोलनकारियों पर रखता है
हॉकी और तीरंदाजी यहीं क्यों जमी
- दोनों में महंगे उपकरण और इनडोर सुविधा नहीं, मैदान और दमखम चाहिए
- मिशन स्कूलों ने एक सदी से भी पहले पठार में संगठित हॉकी शुरू कराई
- धनुष-बाण जनजातीय गांवों में पर्व, शिकार और घरेलू जीवन का हिस्सा हैं
- गांव और प्रखंड स्तर की प्रतियोगिताएं जल्दी प्रतिस्पर्धी अनुभव देती हैं
- उन्हीं जिलों की सफलता की कहानियां अगली पीढ़ी को खींच लाती हैं
याद रखने की ट्रिक — तीन खेल, तीन नाम — हॉकी = जयपाल सिंह और सलीमा टेटे, तीरंदाजी = दीपिका कुमारी, क्रिकेट = धोनी। तीन जोड़ियां, तीन पक्के प्रश्न।
यहां लोग गलती करते हैं — ओलंपिक स्वर्ण और विश्व कप के वर्ष अलग हैं।
✗ जयपाल सिंह ने 1938 में ओलंपिक स्वर्ण जीता | ✓ यह 1928 में एम्स्टर्डम में था
✗ दीपिका कुमारी क्रिकेट से जुड़ी हैं | ✓ दीपिका कुमारी तीरंदाजी से जुड़ी हैं
एग्जाम पॉइंटर — JSSC CGL, JKCE और JTET में खिलाड़ी-खेल मिलान और स्टेडियम के नाम सीधे आते हैं। JPSC में खेल नीति और जनजातीय प्रतिभा पर प्रश्न बन सकता है। करेंट अफेयर्स में नई उपलब्धियां जुड़ती रहती हैं, इसलिए परीक्षा से पहले ताजा सूची देख लें।
एक नजर में
- जयपाल सिंह मुंडा — ओलंपिक हॉकी स्वर्ण कप्तान, 1928
- माइकल किंडो और सिल्वानुस डुंगडुंग — ओलंपिक पदक विजेता
- सुमराय टेटे और असुंता लकड़ा — पूर्व भारतीय कप्तान
- सिमडेगा की सलीमा टेटे — हालिया भारतीय कप्तान
- सिमडेगा — राज्य की हॉकी नर्सरी
- दीपिका कुमारी — तीरंदाजी, रांची से
- पूर्णिमा महतो — तीरंदाजी प्रशिक्षक, पद्मश्री 2024
- एम. एस. धोनी — रांची, विश्व कप विजेता कप्तान
- रांची का JSCA स्टेडियम और जमशेदपुर का जेआरडी टाटा कॉम्प्लेक्स
- वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना — गांव स्तर पर खेल
