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राज्य गठन और पहचान

State Formation and Identity

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झारखंड 15 नवंबर 2000 को भारत का 28वां राज्य बना, जो बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 (Bihar Reorganisation Act) के तहत दक्षिण बिहार के अठारह जिलों को काटकर बना। यह तिथि जानबूझकर चुनी गई — यह बिरसा मुंडा की जयंती है।

गठन — 15 नवंबर 2000 | मूल राज्य — बिहार | अधिनियम — बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000

गठन के मूल तथ्य

  • भारत का 28वां राज्य, गठन 15 नवंबर 2000बार-बार पूछा जाता है
  • बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत निर्मित
  • दक्षिण बिहार के 18 जिलों को काटकर बनाया गया
  • गठन तिथि = बिरसा मुंडा की जयंती (जन्म 15 नवंबर 1875)
  • वर्ष 2000 में तीन राज्य बने — छत्तीसगढ़, उत्तरांचल और झारखंड
  • इन तीनों में झारखंड सबसे अंत में बना
  • आंदोलन के अंतिम वर्षों में सुझाया गया वैकल्पिक नाम — वनांचल (Vananchal)
  • राजधानी — रांची | उप-राजधानी — दुमका
  • वर्ष 2021 से केंद्र 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाता है

नाम का अर्थ

  • झारखंड अर्थात 'वनों की भूमि' — झाड़ (जंगल) + खंड (भूभाग)
  • यह शब्द आधुनिक राज्य से सदियों पहले मध्यकालीन अभिलेखों में मिलता है
  • इसी भूभाग के पुराने नाम — कुकरा, झारखंड, छोटानागपुर, वनांचल
  • आंदोलन का अपना नाम हमेशा झारखंड रहा, वनांचल नहीं

राज्य के प्रथम

पद / विषयप्रथमटिप्पणी
मुख्यमंत्रीबाबूलाल मरांडी15 नवंबर 2000 को शपथ
राज्यपालप्रभात कुमार15 नवंबर 2000 से 3 फरवरी 2002
राजधानीरांचीप्रशासनिक राजधानी
उप-राजधानीदुमकासंथाल परगना प्रमंडल मुख्यालय
राजभाषाहिंदीराज्य की राजभाषा

राजनीतिक प्रतिनिधित्व

  • विधानसभा — 81 सीट, एकसदनीयबार-बार पूछा जाता है
  • लोकसभा — 14 सीट | राज्यसभा — 6 सीट
  • आरक्षित विधानसभा सीट — अनुसूचित जनजाति 28, अनुसूचित जाति 9
  • झारखंड में विधान परिषद नहीं है
  • उप-राजधानी दुमका में कुछ वर्षों में विधानसभा का सत्र आयोजित होता रहा है

राज्य बनने की टाइमलाइन

  • 1912 — बिहार-उड़ीसा बंगाल से अलग, छोटानागपुर बिहार में गया
  • 1915 — छोटानागपुर उन्नति समाज का गठन, पहली संगठित मांग
  • 1938 — जयपाल सिंह मुंडा के नेतृत्व में आदिवासी महासभा
  • 1972 — झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का गठन
  • 1995 — झारखंड क्षेत्र स्वायत्त परिषद (JAAC) का गठन
  • 2000 — बिहार पुनर्गठन अधिनियम पारित, 15 नवंबर को राज्य गठित

अलग राज्य की मांग क्यों उठी

  • क्षेत्र संसाधन-संपन्न पर आय में गरीब था — खनिज बाहर जाते, राजस्व यहां नहीं रुकता
  • भूमि हस्तांतरण — संरक्षक कानूनों के बावजूद जनजातीय भूमि लगातार बाहरी लोगों के पास जाना
  • खदान, बांध और इस्पात संयंत्रों से विस्थापन, पर उसके अनुरूप पुनर्वास नहीं
  • भाषा, पर्व-कैलेंडर और समाज-रचना में बिहार के मैदानी क्षेत्र से सांस्कृतिक दूरी
  • कमजोर राजनीतिक आवाज — अविभाजित बिहार विधानसभा में यह क्षेत्र अल्पमत गुट था
  • आंदोलनकारी नेता इस स्थिति को पठार का आंतरिक उपनिवेशवाद कहते थे

याद रखने की ट्रिक — 2000 के तीन नए राज्य — छ-उ-झ: छत्तीसगढ़, उत्तरांचल, झारखंड। वर्णक्रम में ही गठन का क्रम भी है — झारखंड सबसे अंत में।

यहां लोग गलती करते हैं — अधिनियम का नाम और राज्य का नाम अलग हैं।

✗ झारखंड पुनर्गठन अधिनियम 2000  |  ✓ बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000

✗ आंदोलन का नाम वनांचल था  |  ✓ आंदोलन का नाम झारखंड था, वनांचल बाद का विकल्प

एग्जाम पॉइंटर — JPSC में यह टॉपिक कथन-आधारित आता है — गठन, अधिनियम और प्रथम मुख्यमंत्री/राज्यपाल मिलाकर 'कौन-सा कथन सही है'। JSSC और JTET में सीधा वन-लाइनर — 28वां राज्य, 15 नवंबर 2000, 81 सीट, प्रथम मुख्यमंत्री। हर पेपर में इससे कम से कम 1 प्रश्न बनता है।

एक नजर में

  • 28वां राज्य, गठन 15 नवंबर 2000
  • अधिनियम — बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000
  • दक्षिण बिहार के 18 जिलों से निर्मित
  • तिथि = बिरसा मुंडा की जयंती
  • राजधानी रांची, उप-राजधानी दुमका
  • प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, प्रथम राज्यपाल प्रभात कुमार
  • सीट — विधानसभा 81, लोकसभा 14, राज्यसभा 6
  • आरक्षित — ST 28, SC 9 विधानसभा सीट
  • झारखंड में विधान परिषद नहीं है
  • वैकल्पिक प्रस्तावित नाम — वनांचल

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