राज्य पुनर्गठन 15 नवंबर 2000
राज्य पुनर्गठन, 15 नवंबर 2000
झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 को बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत हुआ, जिससे 1915 से किसी न किसी रूप में उठ रही मांग पूरी हुई। रांची राजधानी बनी और दुमका उप-राजधानी।
अधिनियम — बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 | नियत दिन — 15 नवंबर 2000 | भारत का 28वां राज्य
अंतिम दशक
- 1980 का दशक — JMM, AJSU और सहयोगी संगठनों के बंद तथा आर्थिक नाकेबंदी
- 1987 — झारखंड समन्वय समिति ने दर्जनों संगठनों को जोड़ा
- 1989 — एक केंद्रीय समिति ने मांग की जांच कर क्षेत्र पर रिपोर्ट दी
- 1995 — समझौते के रूप में झारखंड क्षेत्र स्वायत्त परिषद का गठन
- परिषद की शक्तियां सीमित थीं और इससे आंदोलन संतुष्ट नहीं हुआ
- 1998 से 2000 — बिहार विधानसभा और संसद से पुनर्गठन का मार्ग साफ
राज्य कैसे बना
- संसद ने बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 पारित किया
- नियत दिन 15 नवंबर 2000 तय हुआ, जो बिरसा मुंडा की जयंती हैबार-बार पूछा जाता है
- दक्षिण बिहार के 18 जिलों से नया राज्य बना
- प्रथम मुख्यमंत्री — बाबूलाल मरांडी; प्रथम राज्यपाल — प्रभात कुमार
- राजधानी — रांची; उप-राजधानी — दुमका
- 2000 में बने तीन राज्यों में झारखंड अंतिम था
वर्ष 2000 के तीन राज्य
| राज्य | गठन तिथि | किससे बना |
|---|---|---|
| छत्तीसगढ़ | 1 नवंबर 2000 | मध्य प्रदेश |
| उत्तरांचल | 9 नवंबर 2000 | उत्तर प्रदेश |
| झारखंड | 15 नवंबर 2000 | बिहार |
राज्य बनने से क्या बदला
- क्षेत्र को पहली बार अपनी विधानसभा, बजट और प्रशासन मिली
- खनिज राजस्व और रॉयल्टी के निर्णय क्षेत्र में बैठी सरकार के पास आए
- काश्तकारी कानून, पांचवीं अनुसूची और PESA राज्य स्तर के राजनीतिक प्रश्न बने
- नए संस्थान बने — उच्च न्यायालय, लोक सेवा आयोग और राज्य विश्वविद्यालय
- पुरानी समस्याएं बनी रहीं — विस्थापन, पलायन और असमान विकास
पूरा आंदोलन, एक-एक पंक्ति में
- 1915 छोटानागपुर उन्नति समाज — संगठन की शुरुआत
- 1938 आदिवासी महासभा — प्रांत की मांग सामने आई
- 1949-50 झारखंड पार्टी — मांग चुनावी राजनीति में
- 1963 कांग्रेस में विलय — आंदोलन ने अपना माध्यम खोया
- 1972 JMM — व्यापक आधार पर आंदोलन का पुनर्निर्माण
- 1995 JAAC — आंशिक रियायत
- 2000 राज्य — मांग पूरी
नए राज्य के आरंभिक वर्षों के तथ्य
- राज्य के साथ ही 2000 में रांची में झारखंड उच्च न्यायालय स्थापित हुआ
- राज्य की भर्ती के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग बना
- विधानसभा 81 सीटों के साथ शुरू हुई, विधान परिषद नहीं बनी
- राज्य को भारत की सबसे समृद्ध खनिज पट्टी और कुछ सबसे कमजोर सामाजिक सूचकांक दोनों मिले
- आरंभिक वर्षों में सरकारें बार-बार बदलीं और गठबंधन अल्पकालिक रहे
- पहले दो दशकों में राज्य में एक से अधिक बार राष्ट्रपति शासन लगा
याद रखने की ट्रिक — एक सदी का सफर, पांच वर्षों में — 1915, 1938, 1950, 1972, 2000। पांच तिथियां याद, पूरा आंदोलन याद।
यहां लोग गलती करते हैं — अधिनियम का नाम और राज्य का नाम अलग है, और तीन राज्यों का क्रम भी गलत होता है।
✗ झारखंड पुनर्गठन अधिनियम 2000 | ✓ बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000
✗ झारखंड 2000 का पहला नया राज्य था | ✓ झारखंड तीनों में अंतिम था — 15 नवंबर 2000
एग्जाम पॉइंटर — JPSC में पूरा झारखंड आंदोलन मुख्य परीक्षा का मानक प्रश्न है — चरणवार लिखें और हर चरण का एक नाम दें। JSSC CGL, JTGLCCE, JKCE और JTET में 15 नवंबर 2000, 28वां राज्य, प्रथम मुख्यमंत्री — ये तीन तथ्य हर पेपर में आते हैं। यह अध्याय का सबसे जरूरी टॉपिक है।
एक नजर में
- गठन 15 नवंबर 2000
- अधिनियम — बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000
- भारत का 28वां राज्य, बिहार के 18 जिलों से
- तिथि का चयन — बिरसा मुंडा की जयंती
- राजधानी रांची, उप-राजधानी दुमका
- प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, प्रथम राज्यपाल प्रभात कुमार
- 2000 के तीन राज्यों में अंतिम
- 1995 — समझौते के रूप में झारखंड क्षेत्र स्वायत्त परिषद
- आंदोलन श्रृंखला — 1915, 1938, 1950, 1972, 2000
- 85 वर्ष पुरानी मांग पूरी हुई
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