कृषि सुधार और चुनौतियां
NCERT कक्षा 10 • Contemporary India II • अध्याय "Agriculture" | NCERT कक्षा 12 • India People and Economy • अध्याय "Agriculture"
कृषि सुधार और चुनौतियां
स्वतंत्रता के बाद भारत को खाद्य उत्पादन तेजी से बढ़ाना था और साथ ही भूमि स्वामित्व को अधिक न्यायपूर्ण भी बनाना था। यह संस्थागत सुधारों जैसे भूमि सुधार और सहकारिता, तथा तकनीकी सुधारों जैसे हरित क्रांति, उन्नत बीज, उर्वरक और सिंचाई से किया गया।
संस्थागत और तकनीकी सुधार
- भूमि सुधार ने जमींदारी व्यवस्था समाप्त की, भूमि की उच्चतम सीमा लगाई, और बिखरी जोतों को जोड़ने का प्रयास किया।
- जोतों का चकबंदी ने छोटे बिखरे खेत मिलाकर किसान को एक सघन खेत दिया।
- हरित क्रांति 1960 के दशक के मध्य से गेहूं और चावल के अधिक उपज वाले बीजों को उर्वरक और सुनिश्चित सिंचाई के साथ लाई।
- यह पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक सफल रही, जहां सिंचाई पहले से थी।
- श्वेत क्रांति या ऑपरेशन फ्लड ने दुग्ध सहकारी समितियों से दूध के लिए वही किया।
- किसान का जोखिम घटाने के लिए संस्थागत ऋण, फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य लाए गए।
- किसान क्रेडिट कार्ड और ग्रामीण बैंकिंग साहूकार का स्थान लेने के लिए बनाए गए।
| सुधार | केंद्र बिंदु | परिणाम |
|---|---|---|
| भूमि सुधार | स्वामित्व और सीमा | जमींदारी समाप्त |
| चकबंदी | बिखरे खेत | सघन जोत |
| हरित क्रांति | बीज, उर्वरक, सिंचाई | गेहूं और चावल उत्पादन बढ़ा |
| श्वेत क्रांति | दुग्ध सहकारिता | दूध उत्पादन बढ़ा |
बनी हुई चुनौतियां
- औसत जोतें छोटी और बिखरी हैं, इसलिए मशीन और ऋण का कुशल उपयोग कठिन है।
- कृषि भूमि का बड़ा भाग अब भी मानसून पर निर्भर है, जिससे आय अनिश्चित रहती है।
- उर्वरक और भूजल के अति उपयोग ने हरित क्रांति पट्टी में मृदा स्वास्थ्य और जलस्तर को हानि पहुंचाई है।
- लाभ क्षेत्रीय रूप से असमान रहा, इसलिए पूर्वी और वर्षा आधारित क्षेत्र पीछे रह गए।
- कमजोर भंडारण और बाजार संपर्क कटाई के तुरंत बाद विवश बिक्री को मजबूर करते हैं।
- छिपी बेरोजगारी बनी हुई है क्योंकि भूमि की आवश्यकता से अधिक लोग कृषि पर निर्भर हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य — वह मूल्य जो सरकार पहले से घोषित करती है और जिस पर वह कुछ फसलें किसानों से खरीदने को तैयार रहती है।
Exam me kaise aata hai
- ऑपरेशन फ्लड किससे संबंधित है — दूध
- हरित क्रांति ने मुख्यतः किसका उत्पादन बढ़ाया — गेहूं और चावल
- जमींदारी उन्मूलन किसके अंतर्गत आता है — भूमि सुधार
- बिखरे खेतों को जोड़ना कहलाता है — चकबंदी
UPSC/State PSC ke liye
- हरित क्रांति वहीं सफल हुई जहां सुनिश्चित सिंचाई पहले से थी, इसीलिए उसने क्षेत्रीय असमानता घटाने के बजाय बढ़ा दी।
- छोटी जोतें स्वयं में अकुशल नहीं हैं, पर वे ऋण, भंडारण और मोलभाव की शक्ति कमजोर करती हैं, इसलिए सहकारिता और किसान उत्पादक समूह जैसे सामूहिक मॉडल महत्वपूर्ण हैं।
Yahan confuse hote hain
✗ हरित क्रांति ने सभी फसलों का उत्पादन समान रूप से बढ़ाया | इसने मुख्यतः गेहूं और चावल का उत्पादन बढ़ाया | ✓
✗ ऑपरेशन फ्लड सिंचाई से संबंधित है | ऑपरेशन फ्लड दूध और दुग्ध सहकारिता से संबंधित है | ✓
✗ भूमि सीमा का अर्थ न्यूनतम भूमि सीमा है | इसका अर्थ जोत की अधिकतम सीमा है | ✓
Ek nazar me
- संस्थागत सुधार: जमींदारी उन्मूलन, सीमा, चकबंदी, सहकारिता।
- तकनीकी सुधार: हरित क्रांति के बीज, उर्वरक और सिंचाई।
- श्वेत क्रांति ने सहकारिता से दूध उत्पादन बढ़ाया।
- चुनौतियां: छोटी जोत, मानसून निर्भरता, मृदा और जल दबाव, असमान लाभ।
Ab practice karein
Krishi se har exam me questions aate hain, khaas kar crops aur revolutions se. ExamAtlas ke mock test se abhi jaanchein.
