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जंतु ऊतक

Animal Tissues

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NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Tissues"

जंतु ऊतक

जंतु ऊतक चार प्रकारों में बंटे हैं: उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका। चूंकि जंतु चलते हैं और उनके शरीर को उस गति को संभालना पड़ता है, जंतु ऊतक पादप ऊतकों की तुलना में सहारा देने, संकुचन करने और संकेत भेजने का कहीं बड़ा भाग संभालते हैं।

उपकला और संयोजी ऊतक

  • उपकला ऊतक शरीर की सतह ढकता है और आंतरिक अंगों तथा गुहाओं की परत बनाकर रक्षी अवरोध देता है।
  • शल्की उपकला पतली चपटी परत है जो विनिमय होने देती है, जैसे रक्त वाहिनियों और फुफ्फुस कूपिकाओं की परत में।
  • घनाकार उपकला वृक्क नलिकाओं और ग्रंथियों में रहती है; स्तंभाकार उपकला आंत की परत बनाती और भोजन अवशोषित करती है।
  • पक्ष्माभी उपकला में बाल जैसी संरचनाएं होती हैं जो श्लेष्म को आगे बढ़ाती हैं, जैसे श्वसन मार्ग में।
  • संयोजी ऊतक अन्य ऊतकों को जोड़ता और सहारा देता है तथा इसमें कोशिकाएं सदैव किसी आधात्री में फैली रहती हैं।
  • रक्त तरल संयोजी ऊतक है जिसमें प्लाज्मा आधात्री है और लाल कोशिकाएं, श्वेत कोशिकाएं तथा प्लेटलेट्स उसमें निलंबित रहती हैं।
  • अस्थि कठोर संयोजी ऊतक है; उपास्थि अधिक मुलायम है और नाक, कान तथा संधियों में मिलती है; स्नायु अस्थि को अस्थि से और कंडरा पेशी को अस्थि से जोड़ती है।
  • एरिओलर ऊतक अंगों के भीतर रिक्त स्थान भरता है और वसा ऊतक वसा संचित कर शरीर को ऊष्मारोधन देता है।

पेशीय और तंत्रिका ऊतक

  • पेशीय ऊतक संकुचन से गति उत्पन्न करता है, और यह तीन प्रकार का होता है।
  • रेखित या कंकाल पेशी अस्थियों से जुड़ी रहती है, धारीदार दिखती है, और ऐच्छिक है, अर्थात हमारे नियंत्रण में काम करती है।
  • चिकनी या अरेखित पेशी आमाशय, आंत और रक्त वाहिनियों की परत बनाती है और अनैच्छिक है।
  • हृद पेशी केवल हृदय में मिलती है, रेखित पर अनैच्छिक है, और जीवन भर बिना थके लयबद्ध संकुचन करती है।
  • तंत्रिका ऊतक तंत्रिका कोशिकाओं का बना है और शरीर भर विद्युत आवेग तेजी से पहुंचाता है।
  • तंत्रिका कोशिका में कोशिका काय, द्रुमिका जो संकेत लेती हैं और लंबा तंत्रिकाक्ष जो संकेत आगे ले जाता है, होते हैं।
  • तंत्रिका ऊतक मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाएं बनाता है, तथा शरीर की हर प्रतिक्रिया का समन्वय करता है।
ऊतकमुख्य कार्यउदाहरण
उपकलाआवरण और रक्षात्वचा और आंत की परत
संयोजीसहारा और जुड़ावरक्त, अस्थि, उपास्थि
पेशीयसंकुचन से गतिकंकाल, चिकनी, हृद
तंत्रिकाआवेग संचालनमस्तिष्क, मेरुरज्जु, तंत्रिकाएं

तंत्रिका कोशिका — तंत्रिका ऊतक की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई, जो कोशिका काय, द्रुमिका और तंत्रिकाक्ष से बनी है।

Exam me kaise aata hai

  • कौन सी पेशी केवल हृदय में मिलती है — हृद पेशी
  • पेशी को अस्थि से कौन जोड़ती है — कंडरा
  • अस्थि को अस्थि से कौन जोड़ती है — स्नायु
  • रक्त किस प्रकार का ऊतक है — तरल संयोजी ऊतक

UPSC/State PSC ke liye

  • हृद पेशी इस अर्थ में अनोखी है कि वह रेखित होकर भी अनैच्छिक है, और जीवन भर बिना थके लयबद्ध संकुचन करती है।
  • रक्त को संयोजी ऊतक इसलिए माना जाता है कि उसमें कोशिकाएं आधात्री में निलंबित रहती हैं, भले वह अस्थि या उपास्थि जैसा बिल्कुल न दिखे।

Yahan confuse hote hain

✗ कंडरा और स्नायु एक ही हैं | कंडरा पेशी को अस्थि से; स्नायु अस्थि को अस्थि से जोड़ती है  |  ✓

✗ सभी रेखित पेशियां ऐच्छिक हैं | हृद पेशी रेखित पर अनैच्छिक है  |  ✓

✗ रक्त ऊतक नहीं है | रक्त तरल संयोजी ऊतक है  |  ✓

Ek nazar me

  • चार जंतु ऊतक: उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका।
  • उपकला आवरण और परत; संयोजी ऊतक में कोशिकाएं आधात्री में रहती हैं।
  • कंकाल पेशी ऐच्छिक, चिकनी और हृद पेशी अनैच्छिक हैं।
  • तंत्रिका कोशिकाएं आवेग ले जाती हैं और मस्तिष्क, मेरुरज्जु तथा तंत्रिकाएं बनाती हैं।

Ab practice karein

Cell aur tissues se har exam me seedhe factual questions bante hain. ExamAtlas ke mock test se abhi practice karein.

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