बहमनी राज्य और महमूद गवां
NCERT Class 7 - Our Pasts II • NCERT Class 12 - Themes in Indian History Part II
बहमनी राज्य और महमूद गवां
बहमनी राज्य की स्थापना 1347 में हुई, जब दक्कन के अमीरों ने मुहम्मद बिन तुगलक के विरुद्ध विद्रोह किया। यह लगभग दो शताब्दी चला, मंत्री महमूद गवां के समय अपने चरम पर पहुंचा, और फिर पांच दक्कनी सल्तनतों में बंट गया।
स्थापना और राजधानियां
- अलाउद्दीन हसन बहमन शाह, जो पहले जफर खां कहलाता था, ने दिल्ली के विरुद्ध दक्कन के विद्रोह के बाद राज्य की स्थापना की।
- पहली राजधानी गुलबर्गा थी; बाद में अहमद शाह वली के समय बीदर स्थानांतरित हुई।
- राज्य का विजयनगर से लगातार संघर्ष रहा - कृष्णा और तुंगभद्रा के बीच उपजाऊ रायचूर दोआब और कोंकण तट के बंदरगाहों को लेकर।
- फिरोज शाह बहमनी विद्वान शासक था, जिसने कई समुदायों से भर्ती की और दौलताबाद में वेधशाला बनवाई।
महमूद गवां
- फारसी व्यापारी से मुहम्मद शाह तृतीय के अधीन प्रधानमंत्री बने गवां दक्कनी सल्तनतों का सबसे योग्य प्रशासक हैं।
- उन्होंने राज्य को चार के बजाय आठ तरफ यानी प्रांतों में बांटा, ताकि कोई गवर्नर अत्यधिक शक्तिशाली न हो।
- हर प्रांत में केवल एक किला गवर्नर के पास रहा; शेष किले सीधे सुल्तान द्वारा नियुक्त अधिकारियों को दिए गए।
- उन्होंने राजस्व तय करने के लिए भूमि की व्यवस्थित पैमाइश कराई, और गवर्नरों की सैन्य तथा वित्तीय स्वतंत्रता घटाई।
- उन्होंने फारसी नमूने पर बीदर में भव्य मदरसा बनवाया, जिसमें पुस्तकालय, व्याख्यान कक्ष और छात्रावास थे।
- 1481 में राजद्रोह के झूठे आरोप में उनका वध कर दिया गया, और राज्य शीघ्र ही बिखर गया - उनका पतन गुटबाजी द्वारा योग्य प्रशासक के नाश का मानक उदाहरण है।
अफाकी और दक्कनी गुट
- अमीर वर्ग अफाकी या गरबियान - फारस, तुर्की और अरब से आए नवागंतुक, अधिकतर शिया - और दक्कनी - पुराने बसे तथा भारतीय मुसलमान, अधिकतर सुन्नी - में बंटा था।
- महमूद गवां अफाकी थे, और दक्कनी गुट ने उनका वध करवाया।
- किसी बाहरी शत्रु से अधिक इसी गुटबाजी ने राज्य को तोड़ा।
पांच दक्कनी सल्तनतें
| सल्तनत | राजधानी | वंश |
|---|---|---|
| बीजापुर | बीजापुर | आदिलशाही |
| अहमदनगर | अहमदनगर | निजामशाही |
| गोलकुंडा | गोलकुंडा, बाद में हैदराबाद | कुतुबशाही |
| बीदर | बीदर | बरीदशाही |
| बरार | एलिचपुर | इमादशाही |
- ये पांचों निर्णायक रूप से केवल एक बार मिले, 1565 में तालीकोटा में विजयनगर के विरुद्ध।
- इनका स्थापत्य उत्कृष्ट है - बीजापुर का गोल गुंबद, जो मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा है, विश्व के सबसे बड़े एकल-कक्ष गुंबदों में है और उसकी फुसफुसाहट दीर्घा प्रसिद्ध है।
- हैदराबाद का चारमीनार मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया, जिसने नगर भी बसाया।
- गोलकुंडा हीरों के लिए प्रसिद्ध था, और उसके शासकों ने फारसी के साथ तेलुगु और दक्खिनी साहित्य को भी संरक्षण दिया।
- अंततः पांचों मुगलों में मिल गए; अहमदनगर, बीजापुर और गोलकुंडा सत्रहवीं शताब्दी के अंत तक चरणबद्ध रूप से गिरे।
परीक्षा में कैसे आता है
सल्तनत, राजधानी और वंश का सुमेलित कीजिए लगभग निश्चित है। तथ्यात्मक प्रश्न पूछते हैं कि बहमनी राज्य किसने स्थापित किया, गवां ने कितने तरफ बनाए, और चारमीनार किसने बनवाया। व्यावहारिक प्रश्न पूछते हैं कि बहमनी राज्य क्यों बिखरा।
UPSC / State PSC के लिए
गवां के सुधार प्रांतीय स्वायत्तता पर अंकुश के प्रारंभिक प्रयास के रूप में याद रखने योग्य हैं - प्रांतों का बंटवारा, किले की कमान गवर्नरी से अलग करना और भूमि की पैमाइश - ये ठीक वही उपकरण हैं जो आगे अकबर ने प्रयोग किए। अफाकी-दक्कनी विभाजन यह भी दिखाता है कि शासक वर्ग की आंतरिक फूट बाहरी खतरों से भारी पड़ सकती है।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ बहमनी राजधानी हमेशा बीदर रही | ✓ पहले गुलबर्गा थी, बाद में बीदर हुई
✗ महमूद गवां सुल्तान थे | ✓ वे प्रधानमंत्री थे, शासक नहीं
✗ गोल गुंबद गोलकुंडा में है | ✓ गोल गुंबद बीजापुर में है
एक नजर में
- बहमनी राज्य 1347 में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने स्थापित किया, जो पहले जफर खां था।
- राजधानी पहले गुलबर्गा, बाद में बीदर; रायचूर दोआब पर विजयनगर से लगातार संघर्ष।
- महमूद गवां ने राज्य को आठ तरफ में बांटा और राजस्व के लिए भूमि की पैमाइश कराई।
- उन्होंने बीदर में मदरसा बनवाया और 1481 में झूठे आरोप में मारे गए।
- अफाकी और दक्कनी गुटों ने अमीर वर्ग को बांटा और राज्य तोड़ा।
- पांच सल्तनतें - बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा, बीदर और बरार; गोल गुंबद तथा चारमीनार इनके स्मारक।
