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कार्बन और उसका आबंधन

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Carbon and Its Compounds"

कार्बन और उसका आबंधन

कार्बन किसी भी अन्य तत्व से कहीं अधिक यौगिक बनाता है, जिनकी संख्या लाखों में है। इसके दो कारण हैं: कार्बन की स्वयं से जुड़कर लंबी शृंखलाएं और वलय बनाने की क्षमता, तथा अन्य परमाणुओं से चार प्रबल सहसंयोजक आबंध बनाने की क्षमता।

कार्बन विशेष क्यों है

  • शृंखलन कार्बन परमाणुओं की वह क्षमता है जिससे वे आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएं, शाखित शृंखलाएं और वलय बनाते हैं।
  • चतुःसंयोजकता का अर्थ है कि कार्बन के चार संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए वह चार सहसंयोजक आबंध बनाता है।
  • कार्बन इलेक्ट्रॉन स्थानांतरित करने के बजाय साझा करता है, क्योंकि चार इलेक्ट्रॉन लेने या छोड़ने में बहुत अधिक ऊर्जा लगती।
  • कार्बन के आबंध प्रबल और स्थायी हैं, जिससे उसके यौगिक टिकाऊ बनते हैं।
  • कार्बन हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, गंधक और हैलोजन से भी सरलता से जुड़ता है, जिससे संभावनाएं कई गुना हो जाती हैं।
  • समावयवी वे यौगिक हैं जिनका आणविक सूत्र समान पर संरचना भिन्न है, और कार्बन इन्हें सरलता से बनाता है।
  • आबंध सहसंयोजक होने से अधिकांश कार्बन यौगिक कुचालक हैं और उनके गलनांक तथा क्वथनांक कम रहते हैं।

कार्बन के अपरूप

  • अपरूप एक ही तत्व के उसी भौतिक अवस्था में भिन्न भौतिक रूप हैं।
  • हीरे में हर कार्बन परमाणु चार अन्य से दृढ़ त्रिविमीय संरचना में जुड़ा है, जिससे वह सर्वाधिक कठोर प्राकृतिक पदार्थ बनता है।
  • हीरा काटने और वेधन के औजारों तथा आभूषणों में काम आता है, और यह विद्युत चालन नहीं करता।
  • ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु तीन अन्य से ऐसी परतों में जुड़ा है जो एक-दूसरे पर फिसलती हैं, जिससे वह मुलायम और चिकना बनता है।
  • ग्रेफाइट विद्युत चालन करता है क्योंकि प्रति परमाणु एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है, और यह पेंसिल, इलेक्ट्रोड तथा स्नेहक में काम आता है।
  • फुलरीन गोलाकार रूप है जिसमें कार्बन परमाणु फुटबॉल की तरह व्यवस्थित रहते हैं।
  • कोयला, चारकोल, कोक और काजल कार्बन के अशुद्ध अक्रिस्टलीय रूप हैं।
  • वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड ग्रीनहाउस गैस है जो ऊष्मा रोककर पृथ्वी को गर्म करती है।
अपरूपसंरचनामुख्य गुण
हीराहर परमाणु चार से जुड़ा, दृढ़सर्वाधिक कठोर, कुचालक
ग्रेफाइटपरतें, हर परमाणु तीन से जुड़ामुलायम, विद्युत चालक
फुलरीनगोलाकार पिंजरखोखली आणविक संरचना

शृंखलन — किसी तत्व के परमाणुओं की वह क्षमता जिससे वे आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएं और वलय बनाते हैं।

Exam me kaise aata hai

  • कार्बन की शृंखला बनाने की क्षमता कहलाती है — शृंखलन
  • कार्बन का कौन सा अपरूप विद्युत चालन करता है — ग्रेफाइट
  • सर्वाधिक कठोर प्राकृतिक पदार्थ — हीरा
  • समान सूत्र पर भिन्न संरचना वाले यौगिक — समावयवी

UPSC/State PSC ke liye

  • हीरा और ग्रेफाइट इतने भिन्न इसलिए हैं कि अपरूपों में भौतिक गुण संरचना तय करती है, संघटन नहीं
  • ग्रेफाइट चालन और स्नेहन दोनों एक ही कारण से करता है: परतदार आबंधन एक इलेक्ट्रॉन मुक्त छोड़ता है और परतों को फिसलने देता है।

Yahan confuse hote hain

हीरा विद्युत चालन करता है | हीरा चालन नहीं करता; ग्रेफाइट करता है  |  

अपरूप भिन्न तत्व होते हैं | ये एक ही तत्व के भिन्न रूप हैं  |  

कार्बन आयनिक आबंध बनाता है | कार्बन इलेक्ट्रॉन साझा कर सहसंयोजक आबंध बनाता है  |  

Ek nazar me

  • शृंखलन और चतुःसंयोजकता कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या समझाते हैं।
  • कार्बन सहसंयोजक आबंध बनाता है, इसलिए उसके यौगिक कुचालक और कम गलनांक वाले हैं।
  • हीरा सर्वाधिक कठोर और कुचालक; ग्रेफाइट मुलायम और चालक।
  • फुलरीन गोलाकार अपरूप है; समावयवी सूत्र समान पर संरचना भिन्न रखते हैं।

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