कार्बन और उसका आबंधन
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Carbon and Its Compounds"
कार्बन और उसका आबंधन
कार्बन किसी भी अन्य तत्व से कहीं अधिक यौगिक बनाता है, जिनकी संख्या लाखों में है। इसके दो कारण हैं: कार्बन की स्वयं से जुड़कर लंबी शृंखलाएं और वलय बनाने की क्षमता, तथा अन्य परमाणुओं से चार प्रबल सहसंयोजक आबंध बनाने की क्षमता।
कार्बन विशेष क्यों है
- शृंखलन कार्बन परमाणुओं की वह क्षमता है जिससे वे आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएं, शाखित शृंखलाएं और वलय बनाते हैं।
- चतुःसंयोजकता का अर्थ है कि कार्बन के चार संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए वह चार सहसंयोजक आबंध बनाता है।
- कार्बन इलेक्ट्रॉन स्थानांतरित करने के बजाय साझा करता है, क्योंकि चार इलेक्ट्रॉन लेने या छोड़ने में बहुत अधिक ऊर्जा लगती।
- कार्बन के आबंध प्रबल और स्थायी हैं, जिससे उसके यौगिक टिकाऊ बनते हैं।
- कार्बन हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, गंधक और हैलोजन से भी सरलता से जुड़ता है, जिससे संभावनाएं कई गुना हो जाती हैं।
- समावयवी वे यौगिक हैं जिनका आणविक सूत्र समान पर संरचना भिन्न है, और कार्बन इन्हें सरलता से बनाता है।
- आबंध सहसंयोजक होने से अधिकांश कार्बन यौगिक कुचालक हैं और उनके गलनांक तथा क्वथनांक कम रहते हैं।
कार्बन के अपरूप
- अपरूप एक ही तत्व के उसी भौतिक अवस्था में भिन्न भौतिक रूप हैं।
- हीरे में हर कार्बन परमाणु चार अन्य से दृढ़ त्रिविमीय संरचना में जुड़ा है, जिससे वह सर्वाधिक कठोर प्राकृतिक पदार्थ बनता है।
- हीरा काटने और वेधन के औजारों तथा आभूषणों में काम आता है, और यह विद्युत चालन नहीं करता।
- ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु तीन अन्य से ऐसी परतों में जुड़ा है जो एक-दूसरे पर फिसलती हैं, जिससे वह मुलायम और चिकना बनता है।
- ग्रेफाइट विद्युत चालन करता है क्योंकि प्रति परमाणु एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है, और यह पेंसिल, इलेक्ट्रोड तथा स्नेहक में काम आता है।
- फुलरीन गोलाकार रूप है जिसमें कार्बन परमाणु फुटबॉल की तरह व्यवस्थित रहते हैं।
- कोयला, चारकोल, कोक और काजल कार्बन के अशुद्ध अक्रिस्टलीय रूप हैं।
- वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड ग्रीनहाउस गैस है जो ऊष्मा रोककर पृथ्वी को गर्म करती है।
| अपरूप | संरचना | मुख्य गुण |
|---|---|---|
| हीरा | हर परमाणु चार से जुड़ा, दृढ़ | सर्वाधिक कठोर, कुचालक |
| ग्रेफाइट | परतें, हर परमाणु तीन से जुड़ा | मुलायम, विद्युत चालक |
| फुलरीन | गोलाकार पिंजर | खोखली आणविक संरचना |
शृंखलन — किसी तत्व के परमाणुओं की वह क्षमता जिससे वे आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएं और वलय बनाते हैं।
Exam me kaise aata hai
- कार्बन की शृंखला बनाने की क्षमता कहलाती है — शृंखलन
- कार्बन का कौन सा अपरूप विद्युत चालन करता है — ग्रेफाइट
- सर्वाधिक कठोर प्राकृतिक पदार्थ — हीरा
- समान सूत्र पर भिन्न संरचना वाले यौगिक — समावयवी
UPSC/State PSC ke liye
- हीरा और ग्रेफाइट इतने भिन्न इसलिए हैं कि अपरूपों में भौतिक गुण संरचना तय करती है, संघटन नहीं।
- ग्रेफाइट चालन और स्नेहन दोनों एक ही कारण से करता है: परतदार आबंधन एक इलेक्ट्रॉन मुक्त छोड़ता है और परतों को फिसलने देता है।
Yahan confuse hote hain
✗ हीरा विद्युत चालन करता है | हीरा चालन नहीं करता; ग्रेफाइट करता है | ✓
✗ अपरूप भिन्न तत्व होते हैं | ये एक ही तत्व के भिन्न रूप हैं | ✓
✗ कार्बन आयनिक आबंध बनाता है | कार्बन इलेक्ट्रॉन साझा कर सहसंयोजक आबंध बनाता है | ✓
Ek nazar me
- शृंखलन और चतुःसंयोजकता कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या समझाते हैं।
- कार्बन सहसंयोजक आबंध बनाता है, इसलिए उसके यौगिक कुचालक और कम गलनांक वाले हैं।
- हीरा सर्वाधिक कठोर और कुचालक; ग्रेफाइट मुलायम और चालक।
- फुलरीन गोलाकार अपरूप है; समावयवी सूत्र समान पर संरचना भिन्न रखते हैं।
