दैनिक जीवन में रसायन
NCERT कक्षा 8 • Science • अध्याय "Combustion and Flame" | NCERT कक्षा 8 • Science • अध्याय "Coal and Petroleum"
दैनिक जीवन में रसायन
रसायन प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है। रसोई का ईंधन, खेत का उर्वरक, दवा की पत्ती की गोली और खाद्य पैकेट का परिरक्षक सभी रासायनिक सिद्धांतों पर चलते हैं, और परीक्षा ठीक इन्हीं परिचित वस्तुओं के बारे में पूछती है।
ईंधन और दहन
- दहन वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन से क्रिया कर ऊष्मा और प्रायः प्रकाश छोड़ता है।
- वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़े उसका ज्वलन ताप है।
- अच्छे ईंधन का कैलोरी मान अधिक, ज्वलन ताप मध्यम, राख और धुआं कम होता है, तथा वह सरलता से और सस्ते में उपलब्ध रहता है।
- कैलोरी मान एक किलोग्राम ईंधन के पूर्ण दहन से उत्पन्न ऊष्मा है।
- ईंधनों में हाइड्रोजन का कैलोरी मान सर्वाधिक है, जबकि कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सामान्य जीवाश्म ईंधन हैं।
- मोमबत्ती की ज्वाला का नीला भाग सबसे गर्म है, पीला भाग बिना जले कार्बन के कारण दीप्त है, और भीतर का काला भाग सबसे ठंडा।
- तेल या बिजली की आग पर जल नहीं डाला जाता; उसके स्थान पर कार्बन डाइऑक्साइड प्रयुक्त होती है क्योंकि वह ऑक्सीजन काट देती है और चालक नहीं है।
उर्वरक, औषधियां और योजक
- उर्वरक मृदा को नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम देते हैं; यूरिया, अमोनियम सल्फेट और सुपरफॉस्फेट सामान्य उर्वरक हैं।
- उर्वरक का अति उपयोग मृदा को हानि पहुंचाता है और जल स्रोतों में बहकर शैवाल की अत्यधिक वृद्धि करता है।
- कीटनाशक फसलों की रक्षा करते हैं पर अवशेष छोड़ते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षित सीमा महत्वपूर्ण है।
- प्रतिजैविक जीवाणु संक्रमण से लड़ते हैं, पीड़ाहारी दर्द घटाते हैं, ज्वरनाशी बुखार कम करते हैं और प्रतिअम्ल आमाशय अम्ल उदासीन करते हैं।
- प्रतिरोधी (antiseptic) जीवित ऊतक पर लगाए जाते हैं जबकि कीटाणुनाशक सतहों और वस्तुओं पर।
- खाद्य योजकों में परिरक्षक, प्रतिऑक्सीकारक, स्वाद और रंग देने वाले पदार्थ आते हैं।
- नमक, चीनी, सिरका और तेल भारतीय घरों के पारंपरिक परिरक्षक हैं।
| पदार्थ | कार्य |
|---|---|
| प्रतिजैविक | जीवाणु संक्रमण से लड़ता है |
| पीड़ाहारी | दर्द घटाता है |
| प्रतिअम्ल | अतिरिक्त आमाशय अम्ल उदासीन करता है |
| प्रतिरोधी | जीवित ऊतक पर संक्रमण रोकता है |
कैलोरी मान — एक किलोग्राम ईंधन के पूर्ण दहन से उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा।
Exam me kaise aata hai
- वह न्यूनतम ताप जिस पर ईंधन आग पकड़े — ज्वलन ताप
- किस ईंधन का कैलोरी मान सर्वाधिक है — हाइड्रोजन
- मोमबत्ती की ज्वाला का सबसे गर्म भाग — नीला भाग
- बुखार घटाने वाली औषधियां कहलाती हैं — ज्वरनाशी
UPSC/State PSC ke liye
- बिजली की आग पर कार्बन डाइऑक्साइड इसलिए प्रयुक्त होती है कि वह अचालक और वायु से भारी है, इसलिए वह चादर बनाकर ऑक्सीजन काट देती है।
- अत्यधिक उर्वरक सुपोषण (eutrophication) करता है, जिसमें शैवाल तेजी से बढ़ते, फिर सड़ते और मछलियों के लिए आवश्यक ऑक्सीजन खा जाते हैं।
Yahan confuse hote hain
✗ हर आग पर जल डाला जा सकता है | तेल और बिजली की आग पर जल नहीं डालना चाहिए | ✓
✗ ज्वाला का पीला भाग सबसे गर्म है | नीला भाग सबसे गर्म है | ✓
✗ प्रतिरोधी और कीटाणुनाशक एक ही हैं | प्रतिरोधी जीवित ऊतक के लिए; कीटाणुनाशक सतहों के लिए | ✓
Ek nazar me
- दहन के लिए ईंधन, ऑक्सीजन और ज्वलन ताप चाहिए।
- अच्छे ईंधन का कैलोरी मान अधिक और राख तथा धुआं कम होता है।
- उर्वरक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम देते हैं पर अधिक होने पर हानि करते हैं।
- प्रतिजैविक, पीड़ाहारी, ज्वरनाशी और प्रतिअम्ल सबकी अलग भूमिका है।
Ab practice karein
Carbon compounds aur daily life chemistry se seedhe questions bante hain. ExamAtlas ke mock test se abhi jaanchein.
