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सिविल सेवाएं और प्रशासन

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT Class 11 - Indian Constitution at Work, Chapter 4

सिविल सेवाएं और प्रशासन

मंत्री राजनीतिक कार्यपालिका हैं और चुनाव के साथ बदलते हैं। सिविल सेवक स्थायी कार्यपालिका हैं और बने रहते हैं। राजनीतिक कार्यपालिका नीति तय करती है; स्थायी कार्यपालिका उसे लागू करती है और हर विकल्प के परिणामों पर सलाह देती है।

सेवाओं का ढांचा

श्रेणीउदाहरणभर्ती और नियंत्रण
अखिल भारतीय सेवाएंभा.प्र.से., भा.पु.से., भारतीय वन सेवाभर्ती केंद्र करता है, सेवा केंद्र और राज्य दोनों में
केंद्रीय सेवाएंभारतीय विदेश सेवा, भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय लेखापरीक्षा सेवासंघ सरकार
राज्य सेवाएंराज्य प्रशासनिक, पुलिस और अन्य राज्य संवर्गराज्य सरकार अपने लोक सेवा आयोग से
  • अनुच्छेद 312 संसद को नई अखिल भारतीय सेवा बनाने की अनुमति केवल तब देता है जब राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन से प्रस्ताव पारित करे।
  • अखिल भारतीय सेवा अधिकारी को राज्य संवर्ग मिलता है पर उसे केंद्र में सेवा के लिए बुलाया जा सकता है, जिससे व्यवस्था को जोड़ने वाला संघीय स्वरूप मिलता है।
  • अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों पर अंतिम अनुशासनिक नियंत्रण केंद्र के पास रहता है, भले वे राज्य में सेवा दे रहे हों - यह केंद्र-राज्य तनाव का बार-बार उठने वाला कारण है।

संघ लोक सेवा आयोग

  • अनुच्छेद 315 से 323 के अंतर्गत स्थापित संघ लोक सेवा आयोग एक संवैधानिक निकाय है, वैधानिक नहीं।
  • अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं, और उनमें से कम से कम आधे ऐसे होने चाहिए जिन्होंने कम से कम दस वर्ष सरकार के अधीन पद धारण किया हो।
  • वे छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, पद पर रहते हैं।
  • किसी सदस्य को केवल राष्ट्रपति हटा सकते हैं, जांच के बाद उच्चतम न्यायालय की रिपोर्ट पर, निर्धारित आधारों पर - यही संरक्षण न्यायाधीशों को मिलता है।
  • कार्य - भर्ती परीक्षाएं कराना, पदोन्नति तथा स्थानांतरण पर सलाह, और अनुशासनिक मामलों पर सलाह। इसकी सलाह परामर्शी है, बाध्यकारी नहीं, पर उससे हटने की सूचना संसद को देनी होती है।
  • राज्य लोक सेवा आयोग राज्य सेवाओं के लिए यही भूमिका निभाता है, जिसके सदस्य राज्यपाल नियुक्त करते हैं पर हटा केवल राष्ट्रपति सकते हैं।

सिद्धांत और आलोचना

  • सिविल सेवा से अपेक्षा है कि वह राजनीतिक रूप से तटस्थ, अनाम, स्थायी हो और खुली प्रतियोगिता से योग्यता के आधार पर भर्ती हो।
  • अनामिता का अर्थ है कि विभागीय निर्णय पर सार्वजनिक जवाब मंत्री देता है, जबकि सलाह देने वाला अधिकारी सार्वजनिक बहस से बाहर रहता है।
  • सेवा मंत्री के प्रति और उसके माध्यम से विधायिका तथा जनता के प्रति जवाबदेह है।
  • आलोचनाओं में लालफीताशाही, विलंब, बदलाव का प्रतिरोध, और स्थानांतरण-तैनाती में राजनीतिक हस्तक्षेप से तटस्थता का क्षरण शामिल हैं।
  • सुधार के उपायों में सूचना का अधिकार अधिनियम, नागरिक चार्टर, शिकायत निवारण तंत्र, ई-गवर्नेंस और लोकपाल तथा लोकायुक्त की स्थापना शामिल हैं।

परीक्षा में कैसे आता है

तथ्यात्मक प्रश्न पूछते हैं कि अखिल भारतीय सेवाएं किस अनुच्छेद में हैं और संघ लोक सेवा आयोग किन अनुच्छेदों से बना है। कथन-आधारित प्रश्न जांचते हैं कि आयोग की सलाह बाध्यकारी है या नहीं - नहीं है। सुमेलित कीजिए में सेवा श्रेणी और भर्ती प्राधिकारी जुड़ते हैं।

UPSC / State PSC के लिए

मूल तनाव तटस्थता और उत्तरदायित्व के बीच है - राजनीति से पूरी तरह कटी नौकरशाही संवेदनहीन हो सकती है, और पूरी तरह राजनेताओं के नियंत्रण वाली नौकरशाही ईमानदार सलाह देने की क्षमता खो देती है। संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों को दिया गया संरक्षण, जो न्यायाधीशों जैसा है, संस्थागत सुरक्षा का मानक उदाहरण है।

यहां कन्फ्यूज होते हैं

संघ लोक सेवा आयोग वैधानिक निकाय है  |   यह अनुच्छेद 315 से 323 के अंतर्गत संवैधानिक निकाय है

आयोग की सलाह सरकार पर बाध्यकारी है  |   यह परामर्शी है; उससे हटने की सूचना संसद को देनी होती है

राज्य लोक सेवा आयोग सदस्य को राज्यपाल हटा सकते हैं  |   नियुक्ति राज्यपाल करते हैं पर हटा केवल राष्ट्रपति सकते हैं

एक नजर में

  • राजनीतिक कार्यपालिका नीति तय करती है; स्थायी कार्यपालिका उसे लागू करती है।
  • तीन श्रेणियां - अखिल भारतीय सेवाएं, केंद्रीय सेवाएं और राज्य सेवाएं।
  • अनुच्छेद 312 नई अखिल भारतीय सेवा केवल राज्यसभा के प्रस्ताव पर बनने देता है।
  • संघ लोक सेवा आयोग अनुच्छेद 315 से 323 का संवैधानिक निकाय, नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
  • सदस्य छह वर्ष या 65 वर्ष तक रहते हैं, और हटाना न्यायाधीशों जैसी प्रक्रिया से होता है।
  • आयोग की सलाह परामर्शी है; उससे हटने की सूचना संसद को देनी होती है।
  • सिद्धांत - तटस्थता, अनामिता, स्थायित्व और योग्यता आधारित भर्ती।

अब इसी अध्याय के प्रश्न ExamAtlas मॉक टेस्ट में अभ्यास कीजिए।

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