संचारी रोग
NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Why do we Fall Ill" | NCERT कक्षा 8 • Science • अध्याय "Microorganisms Friend and Foe"
संचारी रोग
संचारी या संक्रामक रोग किसी रोगजनक से होता है और एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलता है। कारक जीव जानना व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि जीवाणु रोग का उपचार विषाणु रोग पर काम नहीं करेगा।
कारक जीव के अनुसार प्रकार
- जीवाणु रोगों में क्षय रोग, टाइफॉइड, हैजा, टिटनेस, प्लेग, डिप्थीरिया, काली खांसी और कुष्ठ आते हैं।
- विषाणु रोगों में इन्फ्लुएंजा, सर्दी जुकाम, खसरा, चेचक, पोलियो, रेबीज, डेंगू, हेपेटाइटिस और एड्स आते हैं।
- प्रोटोजोआ रोगों में प्लाज्मोडियम से होने वाला मलेरिया और एंटअमीबा से होने वाली अमीबीय पेचिश आती है।
- कवक रोगों में दाद और एथलीट फुट आते हैं, जो त्वचा को प्रभावित करते हैं।
- गोलकृमि और फीताकृमि जैसे कृमि संक्रमण अधिकतर दूषित भोजन और जल से फैलते हैं।
- प्रतिजैविक जीवाणुओं पर काम करते हैं पर विषाणुओं पर नहीं, इसीलिए सर्दी जुकाम में इन्हें नहीं लेना चाहिए।
- प्रतिजैविकों का अति उपयोग प्रतिरोधी जीवाणु बना देता है, जो अब गंभीर जन स्वास्थ्य समस्या है।
फैलने के मार्ग और रोकथाम
- वायु खांसने और छींकने की बूंदों से क्षय रोग, इन्फ्लुएंजा, खसरा और सर्दी जुकाम फैलाती है।
- जल और भोजन हैजा, टाइफॉइड, हेपेटाइटिस और अमीबीय पेचिश फैलाते हैं।
- वाहक रोग फैलाते हैं: मादा एनोफिलीज मच्छर मलेरिया और एडीज मच्छर डेंगू तथा चिकनगुनिया ले जाता है।
- सीधा संपर्क त्वचा संक्रमण और शरीर तरल हेपेटाइटिस B तथा एड्स फैलाते हैं।
- रोकथाम स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, व्यक्तिगत सफाई, सुरक्षित भोजन और वाहक नियंत्रण पर टिकी है।
- टीकाकरण विशिष्ट सुरक्षा देता है और चेचक तथा पोलियो के विरुद्ध निर्णायक साधन रहा है।
- शीघ्र निदान और उपचार का पूरा कोर्स पूरा करना रोग की वापसी और दूसरों तक फैलाव दोनों रोकता है।
- असंचारी रोग जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कैंसर एक व्यक्ति से दूसरे तक नहीं फैलते।
- ये जीवनशैली से जुड़े हैं, इसलिए व्यायाम, संतुलित आहार तथा तंबाकू और अधिक मद्य से बचाव जोखिम घटाते हैं।
- अच्छा सामान्य स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण और स्वच्छ परिवेश बीमार पड़ने की संभावना पहले ही घटा देते हैं।
| रोग | कारक | मुख्य रूप से कैसे फैलता है |
|---|---|---|
| क्षय रोग | जीवाणु | वायु |
| मलेरिया | प्रोटोजोआ | मादा एनोफिलीज मच्छर |
| डेंगू | विषाणु | एडीज मच्छर |
| हैजा | जीवाणु | दूषित जल |
वाहक — मच्छर या मक्खी जैसा जीव जो रोगजनक को एक पोषी से दूसरे तक ले जाता है।
Exam me kaise aata hai
- मलेरिया किस जीव से होता है — प्लाज्मोडियम, एक प्रोटोजोआ
- डेंगू कौन सा मच्छर फैलाता है — एडीज
- कौन सा रोग विषाणु से होता है — पोलियो
- प्रतिजैविक किसके विरुद्ध प्रभावी हैं — जीवाणु
UPSC/State PSC ke liye
- प्रतिजैविक विषाणुओं पर इसलिए काम नहीं करते कि विषाणु पोषी कोशिका की मशीनरी का उपयोग करते हैं, जिस पर प्रतिजैविक पोषी को हानि पहुंचाए बिना प्रहार नहीं कर सकता।
- वाहक नियंत्रण प्रजनन स्थल पर काम करता है, क्योंकि ठहरा जल हटाना हर रोगी का उपचार करने से सस्ता और अधिक प्रभावी है।
Yahan confuse hote hain
✗ प्रतिजैविक विषाणु ज्वर ठीक करते हैं | प्रतिजैविक केवल जीवाणुओं पर काम करते हैं | ✓
✗ मलेरिया विषाणु से होता है | मलेरिया प्रोटोजोआ से होता है | ✓
✗ डेंगू और मलेरिया एक ही मच्छर से फैलते हैं | डेंगू एडीज से, मलेरिया मादा एनोफिलीज से | ✓
Ek nazar me
- रोग जीवाणु, विषाणु, प्रोटोजोआ, कवक या कृमि से होते हैं।
- प्रतिजैविक केवल जीवाणुओं पर; अति उपयोग प्रतिरोध बनाता है।
- फैलाव वायु, जल, भोजन, वाहक, संपर्क और शरीर तरल से होता है।
- स्वच्छ जल, स्वच्छता, वाहक नियंत्रण और टीकाकरण रोकथाम करते हैं।
