तुलनात्मक विकास अनुभव
NCERT कक्षा 11 • Indian Economic Development • अध्याय "Comparative Development Experiences of India and Its Neighbours"
तुलनात्मक विकास अनुभव
भारत, पाकिस्तान और चीन तीनों ने बीसवीं शताब्दी के मध्य के आसपास अपना आधुनिक विकास पथ लगभग समान आय स्तर और कृषि पर भारी निर्भरता के साथ शुरू किया। उसके बाद के उनके मार्गों की तुलना दिखाती है कि एक ही प्रारंभिक समस्या से कितने भिन्न ढंग से निपटा जा सकता है।
तीन मार्ग
- भारत ने पंचवर्षीय योजनाओं, बड़े सार्वजनिक क्षेत्र और औद्योगिक लाइसेंस के साथ मिश्रित अर्थव्यवस्था अपनाई, और 1991 से बाजार की ओर सुधार किए।
- पाकिस्तान ने भी मिश्रित मॉडल अपनाया जिसमें उद्योग में निजी क्षेत्र की भूमिका बड़ी थी, साथ में प्रशुल्क संरक्षण और बाद में सुधार रहे।
- चीन ने केंद्रीय नियोजित व्यवस्था, सामूहिक कृषि से शुरुआत की, और फिर 1978 से व्यापक सुधार लागू किए।
- चीन का सुधार कृषि से शुरू हुआ, जहां परिवारों को कोटा से ऊपर की उपज रखने दी गई, जिससे पहले उत्पादन और ग्रामीण आय बढ़ी।
- उसके बाद ही चीन ने उद्योग और व्यापार खोले, तथा विदेशी निवेश खींचने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाए।
- इसके विपरीत भारत का सुधार कृषि के बजाय पहले उद्योग, व्यापार और वित्त पर केंद्रित रहा।
सूचक क्या दिखाते हैं
- सुधार के दशकों में चीन की वृद्धि दर तीनों में सबसे तेज रही, जिसे विनिर्माण और निर्यात ने चलाया।
- भारत तेजी से बढ़ा है पर उसके उत्पादन का कहीं बड़ा भाग सेवाओं से आया है।
- पाकिस्तान की वृद्धि अधिक असमान रही, जिस पर राजनीतिक अस्थिरता और बाहरी आघातों का प्रभाव पड़ा।
- मानव विकास सूचकों पर तीनों सुधरे, पर जीवन प्रत्याशा, साक्षरता और स्वच्छता पहुंच में उनकी शक्तियां भिन्न रहीं।
- तीनों के सामने असमानता, रोजगार की गुणवत्ता और वृद्धि की पर्यावरणीय लागत की चिंताएं बनी हुई हैं।
- व्यापक सीख यह है कि कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में मजबूत शुरुआत बाद की औद्योगिक वृद्धि को टिकाऊ बनाना आसान कर देती है।
| देश | प्रारंभिक मॉडल | सुधार का मोड़ |
|---|---|---|
| भारत | नियोजन के साथ मिश्रित अर्थव्यवस्था | 1991 |
| पाकिस्तान | बड़ी निजी भूमिका के साथ मिश्रित | चरणबद्ध सुधार |
| चीन | केंद्रीय नियोजित | 1978 |
विशेष आर्थिक क्षेत्र — उदार नियमों और बुनियादी ढांचे वाला चिह्नित क्षेत्र, जो विदेशी निवेश खींचने और निर्यात बढ़ाने के लिए बनाया जाता है।
Exam me kaise aata hai
- चीन के सुधार किस वर्ष शुरू हुए — 1978
- भारत के सुधार किस वर्ष शुरू हुए — 1991
- चीन का सुधार किस क्षेत्रक से शुरू हुआ — कृषि
- भारत की वृद्धि मुख्यतः किससे चली — सेवाओं से
UPSC/State PSC ke liye
- चीन ने पहले कृषि में सुधार किया, जिससे ग्रामीण आय बढ़ी और उद्योग खुलने से पहले घरेलू बाजार बना, यह क्रम भारत ने नहीं अपनाया।
- देशों की तुलना सावधानी मांगती है, क्योंकि एक ही वृद्धि दर रोजगार, समानता और पर्यावरणीय लागत के बहुत भिन्न आधारों पर टिकी हो सकती है।
Yahan confuse hote hain
✗ चीन और भारत ने एक ही वर्ष सुधार शुरू किए | चीन ने 1978 में और भारत ने 1991 में | ✓
✗ चीन का सुधार उद्योग से शुरू हुआ | वह कृषि से शुरू हुआ | ✓
✗ अकेली वृद्धि दर विकास दिखा देती है | वृद्धि के साथ मानव विकास सूचक भी पढ़ने चाहिए | ✓
Ek nazar me
- भारत ने नियोजन के साथ मिश्रित अर्थव्यवस्था; चीन ने पहले केंद्रीय नियोजन अपनाया।
- चीन ने 1978 से कृषि से सुधार; भारत ने 1991 से उद्योग और व्यापार से।
- चीन की वृद्धि विनिर्माण प्रधान; भारत की सेवा प्रधान।
- वृद्धि को मानव विकास सूचकों के साथ पढ़ना चाहिए।
Ab practice karein
Sustainable development aur comparative development se questions bante hain. ExamAtlas ke mock test se abhi practice karein.
