वायुमंडल की संरचना और परतें
NCERT Class 11 - Fundamentals of Physical Geography, Chapter 8
वायुमंडल की संरचना और परतें
वायुमंडल गैसों, जलवाष्प और धूलकणों का मिश्रण है जिसे गुरुत्व पृथ्वी से बांधे रखता है। ऊंचाई के साथ तापमान कैसे बदलता है, इसी आधार पर इसे पांच परतों में बांटा जाता है, और लगभग सारा मौसम सबसे निचली परत में बनता है।
संघटन
| गैस | आयतन के हिसाब से लगभग हिस्सा |
|---|---|
| नाइट्रोजन | लगभग 78 प्रतिशत |
| ऑक्सीजन | लगभग 21 प्रतिशत |
| आर्गन | लगभग 0.93 प्रतिशत |
| कार्बन डाइऑक्साइड | लगभग 0.04 प्रतिशत |
| अन्य गैसें | नियॉन, हीलियम, क्रिप्टॉन, हाइड्रोजन और ओजोन अल्प मात्रा में |
- नाइट्रोजन ऑक्सीजन को तनु करती है और यौगिकों में स्थिरीकृत होने के बाद पादप वृद्धि के लिए आवश्यक है।
- ऑक्सीजन श्वसन और दहन के लिए आवश्यक है।
- कार्बन डाइऑक्साइड मात्रा में कम पर निर्णायक है - यह प्रकाश संश्लेषण के लिए चाहिए और बाहर जाती दीर्घ तरंग विकिरण को सोखकर पृथ्वी को गर्म रखती है।
- जलवाष्प मरुस्थलों पर लगभग शून्य से लेकर आर्द्र उष्ण कटिबंध में लगभग चार प्रतिशत तक होती है; यही सारी वर्षा का स्रोत और एक हरितगृह गैस भी है।
- धूलकण संघनन के केंद्रक का काम करते हैं, जिनके बिना जलवाष्प आसानी से बूंद नहीं बनती, और ये सूर्य के प्रकाश को बिखेरकर उदय-अस्त के रंग बनाते हैं।
- समतापमंडल की ओजोन हानिकारक पराबैंगनी विकिरण सोखकर जीवन के लिए कवच का काम करती है।
पांच परतें
| परत | विस्तार और तापमान | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| क्षोभमंडल | ध्रुवों पर लगभग 8 किलोमीटर, भूमध्य रेखा पर 18; तापमान ऊंचाई से घटता है | सारा मौसम यहीं; ह्रास दर लगभग 6.5 अंश प्रति किलोमीटर |
| समतापमंडल | लगभग 50 किलोमीटर तक; तापमान ऊंचाई से बढ़ता है | ओजोन परत यहीं; वायु स्थिर, इसलिए विमान यहीं उड़ते हैं |
| मध्यमंडल | लगभग 80 किलोमीटर तक; तापमान तेजी से घटता है | सबसे ठंडी परत; उल्काएं यहीं जलती हैं |
| तापमंडल या आयनमंडल | लगभग 80 से 400 किलोमीटर; तापमान तेजी से बढ़ता है | आयनित परतें रेडियो तरंगें परावर्तित करती हैं; ध्रुवीय ज्योति यहीं |
| बाह्यमंडल | तापमंडल से परे | अत्यंत विरल, धीरे-धीरे अंतरिक्ष में मिल जाता है |
- परतों के बीच की सीमाएं सीमा (pause) कहलाती हैं - क्षोभसीमा, समतापसीमा और मध्यसीमा।
- क्षोभमंडल भूमध्य रेखा पर अधिक मोटा है क्योंकि प्रबल संवहन सीमा को ऊपर धकेल देता है, और ध्रुवों पर पतला जहां वायु ठंडी तथा सघन रहती है।
- क्षोभमंडल में तापमान इसलिए घटता है कि वायुमंडल नीचे से, यानी पृथ्वी की सतह से गर्म होता है, सीधे सूर्य से नहीं।
- समतापमंडल में तापमान इसलिए बढ़ता है कि ओजोन पराबैंगनी विकिरण सोखकर उसे ऊष्मा में बदल देती है।
परीक्षा में कैसे आता है
तथ्यात्मक प्रश्न नाइट्रोजन-ऑक्सीजन का अनुपात, भूमध्य रेखा तथा ध्रुवों पर क्षोभमंडल की ऊंचाई, और ओजोन किस परत में है, पूछते हैं। सुमेलित कीजिए में परत और उसकी विशेषता जुड़ती है। कथन-आधारित प्रश्न पूछते हैं कि समतापमंडल में तापमान क्यों बढ़ता है।
UPSC / State PSC के लिए
ध्यान दें कि कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प मात्रा में नगण्य पर प्रभाव में निर्णायक हैं, क्योंकि ये आती हुई लघु तरंग विकिरण के लिए पारदर्शी और जाती हुई दीर्घ तरंग विकिरण के लिए अपारदर्शी हैं - यही एक वाक्य प्राकृतिक हरितगृह प्रभाव और वैश्विक तापन दोनों समझा देता है।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ ऑक्सीजन वायुमंडल की सबसे अधिक मात्रा वाली गैस है | ✓ नाइट्रोजन है, लगभग 78 प्रतिशत
✗ क्षोभमंडल ध्रुवों पर सबसे मोटा है | ✓ वह भूमध्य रेखा पर सबसे मोटा और ध्रुवों पर सबसे पतला है
✗ समतापमंडल सबसे ठंडी परत है | ✓ सबसे ठंडी परत मध्यमंडल है
एक नजर में
- नाइट्रोजन लगभग 78 प्रतिशत, ऑक्सीजन लगभग 21, आर्गन 0.93 और कार्बन डाइऑक्साइड 0.04।
- जलवाष्प वर्षा का स्रोत; धूलकण संघनन के केंद्रक।
- क्षोभमंडल - ध्रुवों पर लगभग 8 और भूमध्य रेखा पर 18 किलोमीटर; सारा मौसम यहीं।
- क्षोभमंडल में ह्रास दर लगभग 6.5 अंश प्रति किलोमीटर।
- समतापमंडल में ओजोन परत और तापमान ऊंचाई के साथ बढ़ता है।
- मध्यमंडल सबसे ठंडी परत; उल्काएं यहीं जलती हैं।
- तापमंडल रेडियो तरंगें परावर्तित करता है; बाह्यमंडल अंतरिक्ष में मिल जाता है।
