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संविधान सभा

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT Class 9 - Democratic Politics I, Chapter 2 • NCERT Class 11 - Indian Constitution at Work, Chapter 1

संविधान सभा

भारत का संविधान संविधान सभा ने बनाया, जिसकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई और जिसने अपना काम 26 नवंबर 1949 को पूरा किया। इसमें दो वर्ष, ग्यारह माह और अठारह दिन लगे, और संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।

गठन

  • सभा का गठन 1946 की कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत हुआ; प्रांतों के सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित हुए।
  • मूल संख्या 389 थी, जिसमें 296 सीटें ब्रिटिश भारतीय प्रांतों की और 93 रियासतों की थीं। विभाजन के बाद संख्या घटकर 299 रह गई।
  • पहली बैठक की अध्यक्षता अस्थायी सभापति के रूप में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने की, और 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
  • एच. सी. मुखर्जी उपाध्यक्ष थे, और बी. एन. राव को संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया, जिन्होंने पहला प्रारूप खाका तैयार किया।
  • सभा ने 165 दिनों में 11 सत्र किए, स्वतंत्रता के बाद संप्रभु निकाय के रूप में काम किया, और 1952 तक पहली संसद का दायित्व भी निभाया।

उद्देश्य प्रस्ताव

  • 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने प्रस्तुत किया और 22 जनवरी 1947 को यह स्वीकृत हुआ।
  • इसमें घोषित किया गया कि भारत स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य होगा, जिसमें स्वायत्त इकाइयों की संघीय संरचना होगी।
  • इसमें सभी लोगों के लिए न्याय, प्रतिष्ठा तथा अवसर की समानता, और विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना, व्यवसाय, संगठन तथा कार्य की स्वतंत्रता का वचन था।
  • इसमें अल्पसंख्यकों, पिछड़े तथा जनजातीय क्षेत्रों और दलित वर्गों के लिए पर्याप्त संरक्षण की बात थी।
  • यही प्रस्ताव आगे चलकर प्रस्तावना का आधार बना।

प्रारूप समिति और प्रमुख सदस्य

  • प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों के साथ हुआ, जिसके अध्यक्ष डॉ. बी. आर. आंबेडकर थे।
  • सदस्य थे आंबेडकर, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, के. एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव और टी. टी. कृष्णमाचारी
  • आंबेडकर को संविधान का प्रमुख शिल्पकार कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने खंड-दर-खंड बहस के बीच प्रारूप को पारित कराया।
  • संविधान प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने सुलेख में हस्तलिखित किया और शांतिनिकेतन के नंदलाल बोस के नेतृत्व में कलाकारों ने सजाया।
समितिअध्यक्ष
संघ शक्ति समितिजवाहरलाल नेहरू
संघीय संविधान समितिजवाहरलाल नेहरू
प्रांतीय संविधान समितिसरदार वल्लभभाई पटेल
मूल अधिकार और अल्पसंख्यक परामर्श समितिसरदार वल्लभभाई पटेल
संचालन समितिडॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रारूप समितिडॉ. बी. आर. आंबेडकर
ध्वज समितिजे. बी. कृपलानी

परीक्षा में कैसे आता है

तथ्यात्मक प्रश्न पहली बैठक की तिथि, अस्थायी तथा स्थायी अध्यक्ष, और प्रारूप समिति के सदस्यों की संख्या पूछते हैं। सुमेलित कीजिए में समिति और अध्यक्ष जुड़ते हैं। कथन-आधारित प्रश्न जांचते हैं कि सदस्य सीधे चुने गए थे या नहीं - नहीं थे।

UPSC / State PSC के लिए

आम आलोचना यह है कि सभा अप्रत्यक्ष रूप से चुनी गई थी और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित नहीं थी। मानक उत्तर यह है कि उसमें हर बड़े समुदाय, क्षेत्र और राजनीतिक धारा का प्रतिनिधित्व था, उसकी बहसें सार्वजनिक तथा विस्तृत थीं, और उसने जिस गणराज्य की रचना की उसके लिए सचेत रूप से सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार अपनाया।

यहां कन्फ्यूज होते हैं

पहली बैठक की अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद ने की  |   अस्थायी सभापति सच्चिदानंद सिन्हा थे; राजेंद्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को चुने गए

उद्देश्य प्रस्ताव आंबेडकर ने रखा  |   इसे 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने रखा

संविधान 26 नवंबर 1949 को लागू हुआ  |   उस दिन अंगीकृत हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ

एक नजर में

  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946, गठन कैबिनेट मिशन योजना से।
  • अस्थायी सभापति सच्चिदानंद सिन्हा; राजेंद्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को अध्यक्ष बने।
  • मूल संख्या 389, विभाजन के बाद 299; संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राव।
  • उद्देश्य प्रस्ताव नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को रखा, 22 जनवरी 1947 को स्वीकृत।
  • प्रारूप समिति 29 अगस्त 1947 को, सात सदस्य, अध्यक्ष डॉ. बी. आर. आंबेडकर।
  • संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत, 26 जनवरी 1950 को लागू; समय 2 वर्ष 11 माह 18 दिन।

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