मुद्रास्फीति पर नियंत्रण
NCERT कक्षा 12 • Introductory Macroeconomics • मुद्रा और सरकारी बजट के अध्याय | NCERT कक्षा 11 • Indian Economic Development
मुद्रास्फीति पर नियंत्रण
मुद्रास्फीति पर नियंत्रण उसी पक्ष पर कार्य करके होता है जिससे वह आई है। यदि कीमतें अत्यधिक मांग से बढ़ रही हैं, तो उपाय मांग घटाना है। यदि कीमतें उत्पादन लागत बढ़ने या पूर्ति घटने से बढ़ रही हैं, तो उपाय पूर्ति सरल करने में है। गलत उपकरण का प्रयोग स्थिति बिगाड़ सकता है।
मौद्रिक और राजकोषीय उपाय
- मौद्रिक उपाय केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा आपूर्ति और साख घटाने के लिए किए जाते हैं।
- रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात और वैधानिक तरलता अनुपात बढ़ाना, तीनों ऋण क्षमता घटाते हैं।
- खुले बाजार की क्रियाओं में सरकारी प्रतिभूतियां बेचना तंत्र से मुद्रा सोख लेता है।
- राजकोषीय उपाय सरकार अपने बजट के माध्यम से करती है।
- सरकारी व्यय घटाना और प्रत्यक्ष कर बढ़ाना, दोनों लोगों के हाथ की क्रय शक्ति घटाते हैं।
- राजकोषीय घाटा घटाने से उधारी और व्यय द्वारा कीमतों पर बना दबाव कम होता है।
- ईंधन पर शुल्क जैसे अप्रत्यक्ष कर घटाना कीमतें सीधे कम करता है, क्योंकि वे कर कीमत का भाग हैं।
पूर्ति पक्ष और प्रशासनिक उपाय
- खाद्यान्न और अनिवार्य वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाना सबसे सीधा दीर्घकालिक उत्तर है।
- दुर्लभ वस्तुओं का आयात अस्थायी कमी भरकर कीमतें शांत कर सकता है।
- अच्छे वर्षों में खाद्यान्न का बफर स्टॉक बनाया जाता है और कीमत बढ़ने पर निकाला जाता है।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रित कीमतों पर अनिवार्य वस्तुएं देकर निर्धनों की रक्षा करती है।
- जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई कृत्रिम रूप से बनाई कमी रोकती है।
- बेहतर भंडारण, सड़क और बाजार संपर्क बर्बादी घटाते हैं, जो स्वयं प्रभावी पूर्ति बढ़ा देता है।
| उपाय प्रकार | उपकरण | किसके विरुद्ध सर्वोत्तम |
|---|---|---|
| मौद्रिक | रेपो दर, CRR, SLR | मांग जनित मुद्रास्फीति |
| राजकोषीय | कम व्यय, अधिक प्रत्यक्ष कर | मांग जनित मुद्रास्फीति |
| पूर्ति पक्ष | उत्पादन, आयात, बफर स्टॉक | लागत जनित मुद्रास्फीति |
| प्रशासनिक | जमाखोरी रोक, सार्वजनिक वितरण | कृत्रिम कमी |
बफर स्टॉक — अधिशेष वर्षों में बनाया खाद्यान्न भंडार, जो कमी के वर्षों में कीमत स्थिर रखने के लिए निकाला जाता है।
Exam me kaise aata hai
- रेपो दर बढ़ाना कौन सा उपाय है — मौद्रिक
- सरकारी व्यय घटाना कौन सा उपाय है — राजकोषीय
- कमी के समय निकालने के लिए रखा अनाज कहलाता है — बफर स्टॉक
- लागत जनित मुद्रास्फीति के विरुद्ध कौन सा उपाय सर्वोत्तम है — पूर्ति पक्ष के उपाय
UPSC/State PSC ke liye
- पूर्ति आघात के विरुद्ध मुद्रा कसना कीमतें नियंत्रित किए बिना मंदी गहरी कर सकता है, और यही स्टैगफ्लेशन की शास्त्रीय नीतिगत भूल है।
- बफर स्टॉक तभी काम करता है जब उसके अनुरूप भंडारण और वितरण क्षमता हो, अन्यथा अनाज सड़ता है और कीमतें फिर भी बढ़ती हैं।
Yahan confuse hote hain
✗ हर मुद्रास्फीति ब्याज दर बढ़ाकर ठीक होती है | लागत जनित मुद्रास्फीति में पूर्ति पक्ष की कार्रवाई चाहिए | ✓
✗ बफर स्टॉक का अर्थ निर्यात पर रोक है | बफर स्टॉक कीमत स्थिर रखने के लिए रखा और निकाला अनाज है | ✓
✗ अप्रत्यक्ष कर बढ़ाने से मुद्रास्फीति नियंत्रित होती है | अप्रत्यक्ष कर कीमत का भाग हैं और उसे और बढ़ा सकते हैं | ✓
Ek nazar me
- उपाय मुद्रास्फीति के कारण से मेल खाना चाहिए।
- मौद्रिक: ऊंची रेपो, CRR, SLR और खुले बाजार में बिक्री।
- राजकोषीय: कम व्यय, अधिक प्रत्यक्ष कर, छोटा घाटा।
- पूर्ति पक्ष: अधिक उत्पादन, आयात, बफर स्टॉक और जमाखोरी रोक।
Ab practice karein
Inflation aur price index se har exam me concept based questions aate hain. ExamAtlas ke mock test se abhi practice karein.
