गति का वर्णन
NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Motion"
गति का वर्णन
किसी वस्तु को गति में तब कहा जाता है जब किसी चुने गए संदर्भ बिंदु के सापेक्ष समय के साथ उसकी स्थिति बदले। गति सदैव सापेक्ष है, क्योंकि चलती रेलगाड़ी में बैठा यात्री गाड़ी के सापेक्ष विरामावस्था में पर प्लेटफॉर्म के सापेक्ष गति में रहता है।
दूरी, विस्थापन, चाल और वेग
- दूरी तय किया गया कुल पथ है; यह अदिश राशि है और कभी ऋणात्मक नहीं होती।
- विस्थापन आरंभिक से अंतिम स्थिति तक की सबसे छोटी दूरी है जिसमें दिशा भी है; यह सदिश है और शून्य हो सकता है।
- यदि वस्तु अपने आरंभ बिंदु पर लौट आए तो विस्थापन शून्य होता है जबकि दूरी नहीं।
- चाल दूरी को समय से भाग देकर मिलती है और अदिश है; इसका मात्रक मीटर प्रति सेकंड है।
- वेग विस्थापन को समय से भाग देकर मिलता है और सदिश है, इसलिए इसमें परिमाण और दिशा दोनों हैं।
- एकसमान गति का अर्थ है समान समय अंतराल में समान दूरी; असमान गति में दूरियां असमान रहती हैं।
- त्वरण वेग परिवर्तन की दर है, और वेग घटने पर यह ऋणात्मक होता है जिसे मंदन कहते हैं।
समीकरण और ग्राफ
- सरल रेखा में एकसमान त्वरित गति के लिए v = u + at अंतिम वेग को आरंभिक वेग, त्वरण और समय से जोड़ता है।
- s = ut + ½at² उस समय में तय की गई दूरी देता है।
- v² = u² + 2as समय का उपयोग किए बिना वेगों को दूरी से जोड़ता है।
- दूरी समय ग्राफ में ढाल चाल देती है; सीधी रेखा का अर्थ एकसमान चाल है।
- वेग समय ग्राफ में ढाल त्वरण देती है और ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
- एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर रहती है पर दिशा बदलती रहती है, इसलिए वेग बदलता है और गति त्वरित होती है।
- औसत चाल कुल दूरी को कुल समय से भाग देकर मिलती है, जो किसी क्षण की तात्क्षणिक चाल से भिन्न होती है।
| राशि | प्रकार | मात्रक |
|---|---|---|
| दूरी | अदिश | मीटर |
| विस्थापन | सदिश | मीटर |
| चाल | अदिश | मीटर प्रति सेकंड |
| वेग | सदिश | मीटर प्रति सेकंड |
| त्वरण | सदिश | मीटर प्रति सेकंड वर्ग |
विस्थापन — किसी वस्तु की आरंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की सबसे छोटी दूरी, जो दिशा सहित मापी जाती है।
Exam me kaise aata hai
- चलने के बाद भी कौन सी राशि शून्य हो सकती है — विस्थापन
- वेग समय ग्राफ की ढाल क्या देती है — त्वरण
- वेग समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल क्या देता है — विस्थापन
- एकसमान वृत्तीय गति किसके बदलने से त्वरित है — दिशा
UPSC/State PSC ke liye
- एकसमान वृत्तीय गति स्थिर चाल पर भी त्वरित है, क्योंकि वेग सदिश है और उसकी दिशा लगातार बदलती है।
- विस्थापन दूरी से कभी अधिक नहीं हो सकता, और दोनों केवल बिना दिशा बदले सरल रेखीय गति में बराबर होते हैं।
Yahan confuse hote hain
✗ दूरी और विस्थापन एक ही हैं | दूरी कुल पथ; विस्थापन दिशा सहित सबसे छोटी दूरी | ✓
✗ चाल और वेग का अर्थ एक है | वेग में दिशा होती है; चाल में नहीं | ✓
✗ स्थिर चाल का अर्थ त्वरण शून्य है | वृत्तीय गति में दिशा बदलती है, इसलिए त्वरण होता है | ✓
Ek nazar me
- गति किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष होती है।
- दूरी और चाल अदिश; विस्थापन और वेग सदिश हैं।
- तीन समीकरण एकसमान त्वरण में u, v, a, s और t को जोड़ते हैं।
- स्थिर चाल की वृत्तीय गति भी त्वरित होती है।
