अपवाह प्रतिरूप और सिंधु तंत्र
NCERT Class 9 - Contemporary India I, Chapter 3 • NCERT Class 11 - India Physical Environment
अपवाह प्रतिरूप और सिंधु तंत्र
किसी नदी और उसकी सहायक नदियों द्वारा अपवाहित क्षेत्र अपवाह द्रोणी है, और दो द्रोणियों को अलग करने वाली उच्चभूमि जल विभाजक कहलाती है। भारत की नदियां दो बड़े समूहों में हैं - हिम तथा वर्षा से पलने वाली हिमालयी नदियां और केवल वर्षा से पलने वाली प्रायद्वीपीय नदियां।
अपवाह प्रतिरूप
| प्रतिरूप | आकार और कारण |
|---|---|
| वृक्षाकार | पेड़ की शाखाओं जैसा, जहां ढाल एक समान और चट्टान एक समान प्रतिरोधी हो |
| जालीनुमा | सहायक नदियां मुख्य धारा से समकोण पर मिलती हैं, जहां कठोर-मुलायम चट्टान समानांतर पट्टियों में हो |
| आयताकार | धाराएं तीखे कोणों पर मुड़ती हैं, संधियों और भ्रंशों के जाल के अनुसार |
| अरीय | धाराएं किसी केंद्रीय गुंबद या शिखर से चारों ओर बाहर बहती हैं |
| अभिकेंद्री | धाराएं किसी द्रोणी या गर्त में भीतर की ओर मिलती हैं |
- जो नदियां पर्वतों के उठने से पहले थीं और भूमि उठने के साथ-साथ काटती गईं, वे पूर्ववर्ती (antecedent) कहलाती हैं; इसी कारण सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र हिमालय को काटकर गहरे गॉर्ज बनाती हैं।
- अंबाला की उच्चभूमि सिंधु और गंगा तंत्रों के बीच जल विभाजक है, और दिल्ली कटक दूसरा परिचित विभाजक है।
हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलना
| बिंदु | हिमालयी नदियां | प्रायद्वीपीय नदियां |
|---|---|---|
| जल का स्रोत | हिम, हिमनद और वर्षा | केवल वर्षा |
| प्रवाह | सदानीरा | अधिकतर मौसमी, शुष्क ऋतु में सिकुड़ जाती हैं |
| घाटी की अवस्था | युवावस्था, अब भी काट रही हैं | प्रौढ़, चौड़ी उथली घाटियां |
| मार्ग | विसर्पी और प्रायः बदलता हुआ | स्थिर, लगभग बिना विसर्प के |
| जलग्रहण | बहुत बड़ी द्रोणियां | छोटी द्रोणियां |
| डेल्टा | बड़े डेल्टा, क्योंकि गाद अधिक लाती हैं | छोटे डेल्टा या ज्वारनदमुख |
- प्रायद्वीपीय नदियां कठोर चट्टान पर लगभग स्थिर मार्ग में बहती हैं, इसीलिए वे बांध स्थलों और जल विद्युत परियोजनाओं के लिए उपयुक्त हैं, जबकि मुलायम जलोढ़ पर बहती हिमालयी नदियां मार्ग बदलती और बाढ़ लाती हैं।
सिंधु तंत्र
- सिंधु तिब्बत के मानसरोवर झील के पास निकलती है, उत्तर-पश्चिम बहती है, लद्दाख में भारत में प्रवेश करती है, और लगभग 2,900 किलोमीटर लंबी है, जो उसे विश्व की सबसे लंबी नदियों में रखती है।
- लद्दाख में इसकी सहायक नदियों में जास्कर, नुब्रा, श्योक और हुंजा हैं।
- इसकी पांच बड़ी पंजाब सहायक नदियां हैं झेलम, चिनाब, रावी, व्यास और सतलुज, जो मिलकर पाकिस्तान में मीठनकोट के पास सिंधु में गिरती हैं।
| सहायक नदी | स्रोत और टिप्पणी |
|---|---|
| झेलम | कश्मीर के वेरीनाग से निकलकर वुलर झील से होकर बहती है |
| चिनाब | सबसे बड़ी सहायक नदी, चंद्रा और भागा के मिलने से बनती है |
| रावी | रोहतांग दर्रे के पास कुल्लू की पहाड़ियों से निकलती है |
| व्यास | रोहतांग दर्रे के पास से निकलती है और पूरी तरह भारत में बहती है |
| सतलुज | तिब्बत में मानसरोवर के पास से, हिमालय को काटती पूर्ववर्ती नदी |
- 1960 की सिंधु जल संधि के अंतर्गत भारत को तीन पूर्वी नदियों - रावी, व्यास और सतलुज - का पूरा उपयोग मिला, जबकि पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियां - सिंधु, झेलम और चिनाब - मिलीं, जिन पर भारत के सीमित गैर-उपभोगी अधिकार बने रहे।
परीक्षा में कैसे आता है
नदी और उसके स्रोत का सुमेलित कीजिए बहुत आम है। तथ्यात्मक प्रश्न पूछते हैं कि सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन सी है और कौन सी नदियां पूर्ववर्ती हैं। कथन-आधारित प्रश्न हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलना करते हैं।
UPSC / State PSC के लिए
पूर्ववर्ती नदियों का महत्व समझिए - वे सिद्ध करती हैं कि नदियां हिमालय की वर्तमान ऊंचाई से पुरानी हैं, जो धीरे-धीरे उठती शृंखला के विवरण का समर्थन करता है। संधि पर विश्लेषणात्मक बिंदु यह है कि पश्चिमी नदियों पर भारत का सीमित उपयोग गैर-उपभोगी अधिकार है, हर उपयोग पर रोक नहीं।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ सतलुज भारत में निकलती है | ✓ वह तिब्बत में मानसरोवर के पास निकलती है और पूर्ववर्ती नदी है
✗ प्रायद्वीपीय नदियां सदानीरा हैं | ✓ वे अधिकतर मौसमी हैं; हिमालयी नदियां सदानीरा हैं
✗ संधि में भारत को पश्चिमी नदियां मिलीं | ✓ भारत को पूर्वी नदियां मिलीं - रावी, व्यास और सतलुज
एक नजर में
- अपवाह प्रतिरूप - वृक्षाकार, जालीनुमा, आयताकार, अरीय और अभिकेंद्री।
- सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र हिमालय को काटने वाली पूर्ववर्ती नदियां हैं।
- हिमालयी नदियां सदानीरा और युवा; प्रायद्वीपीय नदियां मौसमी और प्रौढ़ हैं।
- सिंधु मानसरोवर झील के पास निकलकर लद्दाख में भारत में प्रवेश करती है।
- इसकी पांच पंजाब सहायक नदियां - झेलम, चिनाब, रावी, व्यास और सतलुज।
- चिनाब सबसे बड़ी सहायक नदी; व्यास पूरी तरह भारत में बहती है।
- 1960 की सिंधु जल संधि ने भारत को पूर्वी और पाकिस्तान को पश्चिमी नदियां दीं।
