पृथ्वी की गतियां और ऋतुएं
NCERT Class 6 - The Earth Our Habitat, Chapter 3 • NCERT Class 11 - Fundamentals of Physical Geography
पृथ्वी की गतियां और ऋतुएं
पृथ्वी की दो गतियां हैं - अपनी धुरी पर घूर्णन, जिससे दिन और रात होते हैं, और सूर्य के चारों ओर परिक्रमण, जो अक्ष के झुकाव के साथ मिलकर ऋतुएं देता है। झुकाव न होता तो ऋतुएं होती ही नहीं।
घूर्णन
- पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व घूमती है और एक चक्कर लगभग 24 घंटे में पूरा करती है, जिसे पृथ्वी दिवस कहते हैं।
- धुरी कक्षा तल के लंब से लगभग 23 अंश 30 मिनट झुकी है।
- प्रकाशित और अंधकारमय आधे भाग को बांटने वाला वृत्त प्रकाश वृत्त (circle of illumination) कहलाता है; झुकाव के कारण यह ध्रुवों से होकर नहीं गुजरता।
- घूर्णन से दिन और रात, आकाश में सूर्य का आभासी चलना, कोरिऑलिस बल से पवनों और धाराओं का विक्षेपण, तथा ज्वार की दैनिक लय बनती है।
- यदि पृथ्वी न घूमती तो एक आधा भाग स्थायी दिन और असह्य गर्मी में और दूसरा स्थायी रात तथा अत्यधिक ठंड में रहता।
परिक्रमण और झुकाव
- पृथ्वी सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा करती है और लगभग 365 दिन 6 घंटे लेती है, इसीलिए हर चौथे वर्ष एक दिन जोड़कर 366 दिन का अधिवर्ष बनता है।
- पूरी कक्षा में धुरी एक ही दिशा में झुकी रहती है, इसलिए वर्ष के अलग-अलग समय पृथ्वी के अलग-अलग भागों पर सीधी धूप पड़ती है - यही ऋतुओं का कारण है।
- पृथ्वी जनवरी के आरंभ में सूर्य के सबसे निकट, यानी उपसौर (perihelion) पर, और जुलाई के आरंभ में सबसे दूर, यानी अपसौर (aphelion) पर होती है। इसलिए दूरी ऋतुओं का कारण नहीं है।
अयनांत और विषुव
| तिथि | स्थिति | क्या होता है |
|---|---|---|
| 21 जून | सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत | ग्रीष्म अयनांत - उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन |
| 22 दिसंबर | सूर्य मकर रेखा पर लंबवत | शीत अयनांत - उत्तरी गोलार्ध में सबसे छोटा दिन |
| 21 मार्च | सूर्य भूमध्य रेखा पर लंबवत | वसंत विषुव - सर्वत्र दिन और रात बराबर |
| 23 सितंबर | सूर्य भूमध्य रेखा पर लंबवत | शरद विषुव - सर्वत्र दिन और रात बराबर |
- ग्रीष्म अयनांत पर उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है, दिन लंबे होते हैं और वहां ग्रीष्म रहती है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में शीत।
- विषुव पर कोई ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता, इसलिए पूरी दुनिया में दिन और रात बराबर होते हैं।
- आर्कटिक और अंटार्कटिक वृत्त से परे के क्षेत्रों में वर्ष के कुछ भाग में लगातार दिन और कुछ भाग में लगातार अंधकार रहता है।
परीक्षा में कैसे आता है
तथ्यात्मक प्रश्न अयनांत तथा विषुव की तिथियां और अक्ष का झुकाव पूछते हैं। सुमेलित कीजिए में तिथि और वह रेखा जुड़ती है जिस पर सूर्य लंबवत होता है। कथन-आधारित प्रश्न जांचते हैं कि सूर्य से दूरी ऋतुओं का कारण है या नहीं - नहीं है।
UPSC / State PSC के लिए
याद रखने योग्य तर्क यह है कि ऋतुएं धूप के पड़ने के कोण और दिन की लंबाई पर निर्भर करती हैं, और ये दोनों झुकाव से निकलते हैं। उपसौर और अपसौर के तथ्य दूरी वाली व्याख्या के विरुद्ध निर्णायक प्रमाण हैं।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ ऋतुएं सूर्य से बदलती दूरी के कारण होती हैं | ✓ ये अक्ष के झुकाव के कारण होती हैं
✗ पृथ्वी पूर्व से पश्चिम घूमती है | ✓ वह पश्चिम से पूर्व घूमती है, इसीलिए सूर्य पूर्व में उगता दिखता है
✗ उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन 22 दिसंबर है | ✓ वह सबसे छोटा दिन है; सबसे लंबा 21 जून है
एक नजर में
- घूर्णन धुरी पर पश्चिम से पूर्व, समय लगभग 24 घंटे।
- सूर्य की परिक्रमा में लगभग 365 दिन 6 घंटे; अधिवर्ष 366 दिन का होता है।
- धुरी लगभग 23 अंश 30 मिनट झुकी है और एक ही दिशा में झुकी रहती है।
- 21 जून ग्रीष्म अयनांत, सूर्य कर्क रेखा पर; 22 दिसंबर शीत अयनांत।
- 21 मार्च और 23 सितंबर विषुव हैं, जब दिन-रात बराबर होते हैं।
- पृथ्वी जनवरी में सूर्य के सबसे निकट और जुलाई में सबसे दूर, इसलिए दूरी ऋतु का कारण नहीं।
