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पारिस्थितिक अनुक्रमण और संतुलन

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT कक्षा 12 • Biology • अध्याय "Ecosystem" | NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Our Environment"

पारिस्थितिक अनुक्रमण और संतुलन

पारितंत्र स्थिर नहीं होता। समय के साथ किसी क्षेत्र में रहने वाला जीव समुदाय एक व्यवस्थित और अनुमेय क्रम में बदलता जाता है, जब तक वह अपेक्षाकृत स्थिर अवस्था तक न पहुंच जाए। यही प्रक्रिया पारिस्थितिक अनुक्रमण है, और इसका अंतिम बिंदु चरम समुदाय है।

अनुक्रमण के प्रकार

  • प्राथमिक अनुक्रमण ऐसी सतह पर शुरू होता है जहां पहले जीवन नहीं था, जैसे नंगी चट्टान, नया ज्वालामुखी द्वीप या नया बना बालू टीला।
  • यह अग्रगामी प्रजातियों जैसे लाइकेन और मॉस से आरंभ होता है, जो नंगी चट्टान पर जीवित रहकर धीरे-धीरे मृदा बनाती हैं।
  • मृदा जमने के साथ घास, शाक, झाड़ियां और अंत में वृक्ष स्थापित हो पाते हैं।
  • प्राथमिक अनुक्रमण बहुत धीमा है क्योंकि मृदा शून्य से बनानी पड़ती है।
  • द्वितीयक अनुक्रमण वहां शुरू होता है जहां कोई मौजूदा समुदाय नष्ट हुआ हो पर मृदा बची हो, जैसे आग, बाढ़ या खेत छोड़ देने के बाद।
  • यह कहीं तेज है क्योंकि मृदा, बीज और पोषक तत्व पहले से मौजूद हैं।
  • चरम समुदाय वह स्थिर अंतिम अवस्था है जो स्थानीय जलवायु और मृदा के संतुलन में रहती है।

पारिस्थितिक संतुलन और उसका बिगड़ना

  • पारिस्थितिक संतुलन वह अवस्था है जिसमें पारितंत्र की प्रजातियों की समष्टियां समय के साथ अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं।
  • यह उत्पादकों, उपभोक्ताओं और अपघटकों की परस्पर निर्भरता तथा पोषक तत्वों के चक्रण पर टिका है।
  • वनोन्मूलन, अतिचारण, प्रदूषण, अति मत्स्यन और बाहरी प्रजातियों का प्रवेश सभी इस संतुलन को बिगाड़ते हैं।
  • बाहरी या आक्रामक प्रजाति बेरोक बढ़ सकती है क्योंकि नए स्थान पर उसके प्राकृतिक परभक्षी नहीं होते।
  • किसी एक प्रजाति को हटाने का प्रभाव उससे कहीं आगे जाता है, क्योंकि आहार जाल सबको सबसे जोड़े रखता है।
  • आधार प्रजातियों का प्रभाव उनकी संख्या से कहीं अधिक होता है, इसलिए उनकी हानि पूरे पारितंत्र को बदल देती है।
  • संतुलन लौटाने के लिए वनरोपण, प्रदूषण नियंत्रण, आवास संरक्षण और संसाधनों का नियंत्रित उपयोग चाहिए।
प्रकारकहां शुरूगति
प्राथमिक अनुक्रमणनंगी चट्टान या नई सतहबहुत धीमा
द्वितीयक अनुक्रमणविक्षोभ के बाद मृदा परकहीं तेज
चरम समुदायस्थिर अंतिम अवस्थाविक्षोभ तक बनी रहती है

चरम समुदाय — पारिस्थितिक अनुक्रमण के अंत में बनने वाला वह स्थिर समुदाय जो स्थानीय जलवायु के संतुलन में रहता है।

Exam me kaise aata hai

  • नंगी चट्टान पर शुरू होने वाला अनुक्रमण — प्राथमिक अनुक्रमण
  • नंगी चट्टान पर बसने वाले पहले जीव — अग्रगामी प्रजातियां
  • अनुक्रमण की स्थिर अंतिम अवस्था — चरम समुदाय
  • नए स्थान पर बेरोक बढ़ने वाली प्रजाति — आक्रामक प्रजाति

UPSC/State PSC ke liye

  • द्वितीयक अनुक्रमण ठीक इसीलिए तेज है कि मृदा पहले से मौजूद है, जो दिखाता है कि प्राथमिक अनुक्रमण में धीमा चरण मृदा निर्माण ही है।
  • आक्रामक प्रजातियां इसलिए सफल होती हैं कि वे उन परभक्षियों, परजीवियों और प्रतिस्पर्धियों के बिना पहुंचती हैं जो उन्हें मूल स्थान पर सीमित रखते थे।

Yahan confuse hote hain

प्राथमिक और द्वितीयक अनुक्रमण में समान समय लगता है | प्राथमिक कहीं धीमा है क्योंकि पहले मृदा बननी पड़ती है  |  

पारितंत्र एक बार बनने के बाद बदलता नहीं | वह अनुक्रमण से चरम अवस्था तक बदलता रहता है  |  

एक प्रजाति हटाने से केवल वही प्रजाति प्रभावित होती है | आहार जाल प्रभाव को दूर तक पहुंचा देता है  |  

Ek nazar me

  • अनुक्रमण समुदाय का स्थिर होने तक व्यवस्थित परिवर्तन है।
  • प्राथमिक अनुक्रमण नंगी चट्टान पर अग्रगामी प्रजातियों से शुरू और बहुत धीमा है।
  • द्वितीयक अनुक्रमण मृदा के साथ शुरू होता है और तेज है।
  • पारिस्थितिक संतुलन परस्पर निर्भरता पर टिका है और मानवीय गतिविधि तथा आक्रामक प्रजातियों से बिगड़ता है।

Ab practice karein

Ecosystem aur ecology se har exam me concept based questions aate hain. ExamAtlas ke mock test se abhi practice karein.

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