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भारत में आर्थिक नियोजन

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT कक्षा 11 • Indian Economic Development • अध्याय "Indian Economy 1950-1990"

भारत में आर्थिक नियोजन

आर्थिक नियोजन का अर्थ है किसी देश के संसाधनों का उपयोग पहले से तय प्राथमिकताओं के अनुसार एक निश्चित अवधि के लिए करना। भारत ने स्वतंत्रता के बाद नियोजन इसलिए अपनाया कि अकेले बाजार से भारी उद्योग खड़ा होने, वृद्धि सभी क्षेत्रों तक पहुंचने और निर्धनता शीघ्र घटने की अपेक्षा नहीं थी।

उद्देश्य और रणनीति

  • भारतीय नियोजन के दीर्घकालिक लक्ष्य थे वृद्धि, आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता और समता
  • वृद्धि का अर्थ है वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन की क्षमता बढ़ना।
  • आधुनिकीकरण का अर्थ है नई तकनीक अपनाना और सामाजिक दृष्टिकोण भी बदलना, जैसे कार्य में महिलाओं की भागीदारी स्वीकार करना।
  • आत्मनिर्भरता का अर्थ है आयात और विदेशी सहायता पर अत्यधिक निर्भरता से बचना।
  • समता का अर्थ है कि वृद्धि का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे और सभी की मूल आवश्यकताएं पूरी हों।
  • दूसरी योजना ने महालनोबिस रणनीति अपनाई, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के भारी और आधारभूत उद्योग को प्राथमिकता मिली।
  • कृषि को भूमि सुधार और बाद में हरित क्रांति के माध्यम से संबोधित किया गया।

उपलब्धियां और कमियां

  • नियोजन ने बड़ा औद्योगिक आधार, बुनियादी ढांचा तंत्र, वैज्ञानिक संस्थान और सार्वजनिक उपक्रम खड़े किए।
  • हरित क्रांति के बाद खाद्य उत्पादन इतना बढ़ा कि खाद्य आयात पर निर्भरता समाप्त हो गई।
  • बचत और निवेश दर बढ़ी, तथा जीवन प्रत्याशा और साक्षरता में लगातार सुधार हुआ।
  • कमियों में कई दशकों तक धीमी वृद्धि, भारी लाइसेंस नियंत्रण और कुछ सार्वजनिक उपक्रमों की अकुशलता आती हैं।
  • निर्धनता और बेरोजगारी ऊंची बनी रहीं, तथा क्षेत्रों के बीच असमानता भी बनी रही।
  • 1991 के बाद रणनीति उदारीकरण की ओर मुड़ी, और बाद में नियोजन निकाय के स्थान पर एक थिंक टैंक आया जो निश्चित लक्ष्य के बजाय दिशा तय करता है।
उद्देश्यअर्थ
वृद्धिउत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी
आधुनिकीकरणनई तकनीक और सामाजिक परिवर्तन
आत्मनिर्भरताआयात और सहायता पर कम निर्भरता
समतालाभ हर वर्ग तक पहुंचना

आत्मनिर्भरता — घरेलू क्षमता का विकास ताकि देश आयात और विदेशी सहायता पर अत्यधिक निर्भर न रहे।

Exam me kaise aata hai

  • भारतीय नियोजन के चार लक्ष्य — वृद्धि, आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता, समता
  • दूसरी योजना ने कौन सी रणनीति अपनाई — महालनोबिस रणनीति
  • दूसरी योजना में प्राथमिकता किसे मिली — भारी और आधारभूत उद्योग
  • उदारीकरण की ओर सुधार कब शुरू हुए — 1991

UPSC/State PSC ke liye

  • भारी उद्योग रणनीति ने क्षमता तो बनाई पर रोजगार कम दिए, क्योंकि भारी उद्योग पूंजी प्रधान है, और यही एक कारण है कि रोजगार उत्पादन से पीछे रहा।
  • निजी क्षेत्र के मुख्य निवेशक बनते ही नियोजन लक्ष्य निर्धारण से सांकेतिक दिशा की ओर मुड़ गया।

Yahan confuse hote hain

नियोजन का लक्ष्य केवल वृद्धि था | इसका लक्ष्य वृद्धि, आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता और समता एक साथ था  |  

दूसरी योजना में कृषि को प्राथमिकता मिली | प्राथमिकता भारी और आधारभूत उद्योग को मिली  |  

आत्मनिर्भरता का अर्थ विदेश व्यापार बिल्कुल बंद करना है | इसका अर्थ अत्यधिक निर्भरता से बचना है, व्यापार समाप्त करना नहीं  |  

Ek nazar me

  • नियोजन ने निश्चित अवधि के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताएं तय कीं।
  • चार लक्ष्य: वृद्धि, आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता और समता।
  • दूसरी योजना में महालनोबिस की भारी उद्योग रणनीति।
  • उद्योग और खाद्य में उपलब्धि; रोजगार और निर्धनता में कमी।
  • योजनाएं पांच वर्ष की अवधि के लिए बनीं और बीच में वार्षिक योजनाएं भी चलीं।

Ab practice karein

National income aur planning se numerical aur factual dono tarah ke questions bante hain. ExamAtlas ke mock test se abhi jaanchein.

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