आर्थिक और सामाजिक बुनियादी ढांचा
NCERT कक्षा 11 • Indian Economic Development • अध्याय "Infrastructure"
आर्थिक और सामाजिक बुनियादी ढांचा
बुनियादी ढांचा उन सहायक सुविधाओं और सेवाओं का समूह है जिन पर वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन निर्भर है। यह स्वयं बिक्री के लिए कुछ नहीं बनाता, फिर भी इसके बिना कुछ भी कुशलता से नहीं बन सकता, इसीलिए बुनियादी ढांचे को विकास की नींव कहा जाता है।
बुनियादी ढांचे के दो प्रकार
- आर्थिक बुनियादी ढांचा सीधे उत्पादन को सहारा देता है: ऊर्जा, परिवहन, संचार, बैंकिंग, बीमा और सिंचाई।
- सामाजिक बुनियादी ढांचा लोगों की गुणवत्ता बढ़ाता है: शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता और पेयजल।
- दोनों साथ चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शिक्षित श्रमिक बिजली और परिवहन बिना उत्पादक नहीं हो सकते, और इसका उल्टा भी सही है।
- बुनियादी ढांचा उत्पादकता बढ़ाता है, लागत घटाता है, बाजार चौड़ा करता है और निवेश खींचता है।
- यह स्वच्छ जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवा से जीवन की गुणवत्ता भी सीधे सुधारता है।
- कमजोर बुनियादी ढांचा एक कारण है कि उत्पादन लागत ऊंची रहती है और उद्योग पिछड़े क्षेत्रों से बचते हैं।
भारत की स्थिति
- ग्रामीण क्षेत्र सड़क, विद्युत, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा में पीछे हैं।
- कई ग्रामीण परिवार अब भी लकड़ी और गोबर जैसे जैव ईंधन पर निर्भर हैं, जो स्वास्थ्य को, विशेषकर महिलाओं के, हानि पहुंचाता है।
- नगरीय क्षेत्र भीड़, आवास की कमी, जल संकट और कचरा प्रबंधन की समस्याएं झेलते हैं।
- बुनियादी ढांचे को बहुत बड़े निवेश की आवश्यकता होती है और प्रतिफल कई वर्षों में फैला रहता है, इसीलिए परंपरागत रूप से इसे राज्य बनाता रहा।
- सार्वजनिक निजी भागीदारी इसलिए लाई गई कि निजी पूंजी और कार्यकुशलता सार्वजनिक नियोजन से जुड़ सके।
- उपयोग शुल्क, टोल और नियामक निकाय इसलिए बनाए गए कि ढांचा सेवाएं वित्तीय रूप से टिकाऊ रहें।
- गांव स्तर की कमी भरने के लिए ग्रामीण सड़क और विद्युतीकरण कार्यक्रम शुरू किए गए।
- बुनियादी ढांचे में निवेश निर्माण के समय रोजगार देता है और बाद में उत्पादन बढ़ाता है।
| प्रकार | उदाहरण | सीधा प्रभाव |
|---|---|---|
| आर्थिक | विद्युत, परिवहन, बैंकिंग | उत्पादन को सहारा |
| सामाजिक | शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता | लोगों की क्षमता सुधार |
| ग्रामीण कमी | सड़क, विद्युत, जल | लागत बढ़ती, अवसर सीमित |
बुनियादी ढांचा — वे आर्थिक और सामाजिक सहायक सुविधाएं और सेवाएं जिन पर अर्थव्यवस्था का संचालन निर्भर है।
Exam me kaise aata hai
- विद्युत और परिवहन किसमें आते हैं — आर्थिक बुनियादी ढांचा
- शिक्षा और स्वास्थ्य किसमें आते हैं — सामाजिक बुनियादी ढांचा
- ईंधन के रूप में लकड़ी और गोबर कहलाते हैं — जैव ईंधन
- सार्वजनिक परियोजनाओं में निजी पूंजी का जुड़ना कहलाता है — सार्वजनिक निजी भागीदारी
UPSC/State PSC ke liye
- बुनियादी ढांचा बाह्यताएं बनाता है, क्योंकि इसका लाभ भुगतान करने वाले उपयोगकर्ता से कहीं आगे फैलता है, इसीलिए अकेला निजी निवेश इसे कम देता है।
- ग्रामीण ढांचे की कमी उत्पादन की प्रभावी लागत बढ़ाती है और यही बड़ा कारण है कि उद्योग मौजूदा नगरीय केंद्रों के पास केंद्रित होते हैं।
Yahan confuse hote hain
✗ बुनियादी ढांचे का अर्थ केवल सड़क और पुल है | इसमें विद्युत, बैंकिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य भी आते हैं | ✓
✗ सामाजिक ढांचे का उत्पादन पर प्रभाव नहीं | स्वस्थ शिक्षित श्रमिक अधिक उत्पादक होते हैं | ✓
✗ सार्वजनिक निजी भागीदारी का अर्थ पूर्ण निजीकरण है | यह संयुक्त व्यवस्था है, पूर्ण हस्तांतरण नहीं | ✓
Ek nazar me
- आर्थिक ढांचा उत्पादन को सहारा देता है; सामाजिक ढांचा लोगों को बनाता है।
- दोनों उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं।
- ग्रामीण भारत सड़क, विद्युत, जल और स्वच्छता में पीछे है।
- सार्वजनिक निजी भागीदारी सार्वजनिक परियोजनाओं में निजी पूंजी लाती है।
