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पर्यावरण और आर्थिक विकास

Environment and Economic Development

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NCERT कक्षा 11 • Indian Economic Development • अध्याय "Environment and Sustainable Development"

पर्यावरण और आर्थिक विकास

पर्यावरण उन सभी जैविक और अजैविक परिवेशों का योग है जो जीवन को सहारा देते हैं। अर्थशास्त्र इसे संसाधन आधार मानता है, और मुख्य अंतर्दृष्टि यह है कि पर्यावरण संसाधन दे सकता है और कचरा सोख सकता है केवल एक सीमा तक, जिसे उसकी वहन क्षमता कहते हैं।

पर्यावरण के कार्य

  • यह संसाधन देता है, नवीकरणीय भी जैसे वन और मछली, तथा अनवीकरणीय भी जैसे कोयला और खनिज।
  • यह कचरा सोखता है, अर्थात मानवीय गतिविधि जो फेंकती है उसे लेकर विघटित करता है।
  • यह वायुमंडल, जल चक्र और जैव विविधता देकर जीवन को सहारा देता है, जिन पर सभी जीव निर्भर हैं।
  • यह सौंदर्यात्मक सेवाएं देता है, जैसे दृश्य, मनोरंजन और सांस्कृतिक मूल्य।
  • पर्यावरण ये कार्य बिना लागत तभी तक करता है जब तक मांग उसकी वहन क्षमता के भीतर रहे।
  • वहन क्षमता का अर्थ है कि संसाधन निष्कर्षण पुनर्जनन के भीतर और कचरा उत्पादन अवशोषण के भीतर रहे।
  • मांग उस सीमा को पार करते ही पर्यावरण निःशुल्क वस्तु नहीं रहता और वास्तविक लागत वाला दुर्लभ संसाधन बन जाता है।

पर्यावरणीय समस्याएं

  • संसाधन ह्रास गिरते भूजल स्तर, घटते वन आवरण और समाप्त होते खनिज निक्षेपों में दिखता है।
  • वाहनों, उद्योग और ईंधन जलने से होने वाला वायु प्रदूषण स्वास्थ्य को, विशेषकर नगरों में, प्रभावित करता है।
  • मलजल, औद्योगिक बहिःस्राव और उर्वरक बहाव से होने वाला जल प्रदूषण नदियों और भूजल को हानि पहुंचाता है।
  • भूमि क्षरण अपरदन, लवणता, जल जमाव और ठोस कचरे के ढेर से आता है।
  • वैश्विक तापन ग्रीनहाउस गैसों से औसत तापमान में वृद्धि है, जिससे समुद्र स्तर बढ़ता है और चरम मौसम आता है।
  • ओजोन ह्रास से अधिक हानिकारक पराबैंगनी विकिरण पृथ्वी की सतह तक पहुंचता है।
  • वनोन्मूलन और जैव विविधता की हानि पर्यावरण की कार्य करने की क्षमता को ही घटा देते हैं।
कार्यअर्थउदाहरण
संसाधन आपूर्तिउत्पादन के लिए निवेश देता हैकोयला, वन, जल
कचरा अवशोषणकचरा लेकर विघटित करता हैनदी, मृदा, वायु
जीवन सहाराजीवों को बनाए रखता हैवायुमंडल, जल चक्र
सौंदर्यात्मक सेवादृश्य और मनोरंजनपहाड़, नदी, वन

वहन क्षमता — वह स्तर जिस पर संसाधन निष्कर्षण पुनर्जनन के भीतर और कचरा उत्पादन अवशोषण के भीतर रहता है।

Exam me kaise aata hai

  • पुनर्जनन के भीतर निष्कर्षण किस विचार का भाग है — वहन क्षमता
  • ग्रीनहाउस गैसों से औसत तापमान बढ़ना कहलाता है — वैश्विक तापन
  • कोयला और खनिज क्या हैं — अनवीकरणीय संसाधन
  • कचरा सोखना और विघटित करना कौन सा कार्य है — कचरा अवशोषण

UPSC/State PSC ke liye

  • पर्यावरण आर्थिक समस्या ठीक तभी बनता है जब मांग वहन क्षमता पार कर ले, क्योंकि तभी वह दुर्लभ होता है और उसकी अवसर लागत बनती है।
  • प्रदूषण शास्त्रीय ऋणात्मक बाह्यता है, क्योंकि प्रदूषक वह लागत नहीं चुकाता जो समाज उठाता है।

Yahan confuse hote hain

✗ पर्यावरण सदैव निःशुल्क वस्तु है | यह तभी तक निःशुल्क है जब तक मांग वहन क्षमता में रहे  |  ✓

✗ वैश्विक तापन और ओजोन ह्रास एक ही हैं | तापन ग्रीनहाउस गैसों से; ओजोन ह्रास ओजोन नाशक रसायनों से  |  ✓

✗ प्रदूषण केवल उद्योग से होता है | कृषि, परिवहन और घर भी इसमें योगदान करते हैं  |  ✓

Ek nazar me

  • पर्यावरण संसाधन देता, कचरा सोखता, जीवन सहारा और सौंदर्य मूल्य देता है।
  • वहन क्षमता इन चारों कार्यों की सीमा है।
  • ह्रास, वायु और जल प्रदूषण तथा भूमि क्षरण मुख्य समस्याएं हैं।
  • वैश्विक तापन और ओजोन ह्रास वैश्विक स्तर की चिंताएं हैं।

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