विकास और वर्गीकरण
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Heredity and Evolution" | NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Diversity in Living Organisms"
विकास और वर्गीकरण
विकास (evolution) किसी समष्टि के वंशागत लक्षणों में अनेक पीढ़ियों में आया क्रमिक परिवर्तन है। यह बताता है कि जीव इतने विविध क्यों हैं और फिर भी इतने लक्षण साझा क्यों करते हैं, जिन्हें वर्गीकरण एक व्यवस्था में बांध देता है।
विकास कैसे चलता है
- विविधता एक ही जाति के व्यक्तियों के बीच का अंतर है, जो लैंगिक जनन और जीनों में परिवर्तन से आती है।
- विविधता अनिवार्य है क्योंकि दशाएं बदलने पर समष्टि के पास चुनने को कुछ होता है।
- प्राकृतिक चयन, जिसे डार्विन ने समझाया, का अर्थ है कि अपने परिवेश के अधिक अनुकूल व्यक्ति जीवित रहते हैं और अधिक संतति छोड़ते हैं।
- लंबे समय में ये छोटे लाभ जुड़ते जाते हैं और समष्टि बदल जाती है, यही विकास है।
- जाति (species) उन जीवों का समूह है जो आपस में प्रजनन कर उर्वर संतति दे सकें।
- जातिउद्भवन तब होता है जब समष्टि अलग हो जाए और जीन प्रवाह रुक जाए, जिससे दोनों समूह क्रमशः भिन्न जातियां बन जाते हैं।
- भौगोलिक अवरोध, आनुवंशिक विचलन और चयन सभी जातिउद्भवन में योगदान करते हैं।
प्रमाण और वर्गीकरण
- जीवाश्म प्राचीन जीवों के परिरक्षित अवशेष हैं और बीते जीवन तथा समय के साथ परिवर्तन का सीधा प्रमाण देते हैं।
- समजात अंगों की मूल संरचना समान पर कार्य भिन्न होते हैं, जैसे मनुष्य, चमगादड़ और व्हेल के अग्रपाद, और ये समान पूर्वज दर्शाते हैं।
- समरूप अंगों की संरचना भिन्न पर कार्य समान होता है, जैसे पक्षी और कीट के पंख, और ये समान जीवन शैली के अनुकूलन दर्शाते हैं।
- कशेरुकियों में आरंभिक अवस्थाओं की भ्रूणीय समानता प्रमाण की एक और कड़ी है।
- वर्गीकरण जीवों को समानताओं और अंतरों के आधार पर समूहों में रखता है।
- क्रम जगत, संघ, वर्ग, गण, कुल, वंश, जाति तक चलता है, जिसमें नीचे जाते हुए समानता बढ़ती जाती है।
- लीनियस द्वारा दी गई द्विनाम पद्धति हर जीव को लैटिन में वंश और जाति नाम देती है।
| प्रमाण | क्या दर्शाता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| जीवाश्म | बीते जीवन का सीधा अभिलेख | विलुप्त सरीसृप का जीवाश्म |
| समजात अंग | समान पूर्वज | मनुष्य, चमगादड़, व्हेल के अग्रपाद |
| समरूप अंग | समान अनुकूलन | पक्षी और कीट के पंख |
प्राकृतिक चयन — वह प्रक्रिया जिसमें परिवेश के अधिक अनुकूल व्यक्ति जीवित रहकर अधिक सफलता से प्रजनन करते हैं।
Exam me kaise aata hai
- प्राकृतिक चयन किसने समझाया — डार्विन
- समान संरचना पर भिन्न कार्य वाले अंग — समजात अंग
- द्विनाम पद्धति किसने दी — लीनियस
- वर्गीकरण की सबसे छोटी इकाई — जाति
UPSC/State PSC ke liye
- समजात अंग समान पूर्वज का तर्क देते हैं जबकि समरूप अंग केवल समान चयन दबाव का, इसलिए दोनों प्रकार के प्रमाण अलग-अलग प्रश्नों का उत्तर देते हैं।
- विकास व्यक्तियों पर नहीं बल्कि समष्टियों पर कार्य करता है, क्योंकि बदलती चीज पीढ़ियों में लक्षणों की आवृत्ति है।
Yahan confuse hote hain
✗ समजात और समरूप अंगों का अर्थ एक है | समजात संरचना साझा करते; समरूप कार्य साझा करते हैं | ✓
✗ विकास का अर्थ है व्यक्ति जीवनकाल में बदल जाए | समष्टियां पीढ़ियों में बदलती हैं | ✓
✗ जीवाश्म केवल विलुप्त जंतु दिखाते हैं | जीवाश्म यह भी दर्ज करते हैं कि मौजूदा समूह समय के साथ कैसे बदले | ✓
Ek nazar me
- विविधता और प्राकृतिक चयन लंबे समय में विकास उत्पन्न करते हैं।
- अलग हुई समष्टियों के बीच जीन प्रवाह रुकने पर जातिउद्भवन होता है।
- जीवाश्म, समजात अंग और भ्रूण विज्ञान मुख्य प्रमाण हैं।
- वर्गीकरण जगत से जाति तक चलता है और नामकरण द्विनाम पद्धति से होता है।
Ab practice karein
Reproduction aur heredity se har exam me questions pakka aate hain. ExamAtlas ke mock test se abhi practice karein.
