खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण
NCERT कक्षा 9 • Economics • अध्याय "Food Security in India"
खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण
खाद्य सुरक्षा का अर्थ है कि पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो, लोगों के पास उसे खरीदने का साधन हो, और उस तक पहुंच में कोई बाधा न हो। किसी देश के गोदाम भरे हो सकते हैं और फिर भी लोग भूखे रह सकते हैं, इसीलिए खाद्य सुरक्षा तीनों आयामों से आंकी जाती है, केवल उत्पादन से नहीं।
तीन आयाम और कौन असुरक्षित है
- उपलब्धता का अर्थ है देश में उत्पादित भोजन, आयात तथा सरकारी गोदामों में रखा भंडार।
- पहुंच का अर्थ है भोजन हर व्यक्ति की पहुंच में हो, जो परिवहन और वितरण पर निर्भर है।
- वहनीयता का अर्थ है परिवार के पास पर्याप्त और सुरक्षित भोजन खरीदने योग्य आय हो।
- खाद्य असुरक्षा भूमिहीन मजदूरों, अनियत श्रमिकों, पारंपरिक कारीगरों और निराश्रित परिवारों में सर्वाधिक है।
- कई परिवारों में महिलाएं, विशेषकर गर्भवती माताएं, और बच्चे सबसे अधिक पोषण की कमी झेलते हैं।
- मौसमी खाद्य असुरक्षा कृषि पंचांग के अनुसार चलती है; चिरकालिक असुरक्षा लगातार कम आय से आती है।
बफर स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली
- गेहूं और चावल का बफर स्टॉक किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदकर बनाया जाता है।
- खरीदा गया अनाज भंडारित होता है और नियंत्रित निर्गम मूल्य पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली से निकाला जाता है।
- उचित मूल्य की दुकानें या राशन दुकानें राशन कार्ड धारकों को अनाज, चीनी और मिट्टी का तेल देती हैं।
- कार्डों की अलग-अलग श्रेणियां परिवारों को आर्थिक स्थिति से अलग करती हैं, जिसमें सबसे निर्धन को सर्वाधिक लाभ मिलता है।
- सहायक कार्यक्रमों में विद्यालयों का मध्याह्न भोजन, माताओं और शिशुओं के लिए पोषण सहायता, तथा काम के बदले अनाज आते हैं।
- प्रणाली की समस्याएं रिसाव और अपवर्तन, घटिया अनाज, दुकानों का अनियमित खुलना और ऊंची भंडारण लागत हैं।
- रिसाव घटाने के लिए कंप्यूटरीकरण, आधार से जुड़ा वितरण और राशन कार्ड की सुवाह्यता लाई गई।
| आयाम | अर्थ |
|---|---|
| उपलब्धता | उत्पादन, आयात और भंडार |
| पहुंच | भोजन हर व्यक्ति की पहुंच में |
| वहनीयता | पर्याप्त सुरक्षित भोजन खरीदने योग्य आय |
बफर स्टॉक — सरकार द्वारा खरीदा गया खाद्यान्न भंडार, जो कमी वाले क्षेत्रों में वितरण और कीमत स्थिर रखने के लिए रखा जाता है।
Exam me kaise aata hai
- खाद्य सुरक्षा के तीन आयाम — उपलब्धता, पहुंच, वहनीयता
- नियंत्रित कीमत पर अनाज देने वाली दुकानें — उचित मूल्य की दुकानें
- सरकार द्वारा खरीदा और भंडारित अनाज — बफर स्टॉक
- कृषि पंचांग के अनुसार चलने वाली खाद्य असुरक्षा — मौसमी
UPSC/State PSC ke liye
- बड़े बफर स्टॉक और भूख साथ-साथ रह सकते हैं, जो दिखाता है कि बाधा पहुंच और वहनीयता की है, उपलब्धता की नहीं।
- राशन कार्ड की सुवाह्यता प्रवासी श्रमिकों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, जो पहले अपने गृह जिले की दुकान से बंधे रहते थे।
Yahan confuse hote hain
✗ खाद्य सुरक्षा का अर्थ केवल पर्याप्त उत्पादन है | इसमें पहुंच और वहनीयता भी आवश्यक हैं | ✓
✗ बफर स्टॉक केवल युद्ध के लिए है | यह कमी वाले क्षेत्रों की आपूर्ति और कीमत स्थिरता के लिए है | ✓
✗ सभी परिवारों को समान राशन लाभ मिलता है | लाभ कार्ड श्रेणी और आर्थिक स्थिति से भिन्न होता है | ✓
Ek nazar me
- खाद्य सुरक्षा के तीन आयाम: उपलब्धता, पहुंच, वहनीयता।
- भूमिहीन मजदूर, अनियत श्रमिक और निराश्रित परिवार सर्वाधिक असुरक्षित।
- बफर स्टॉक समर्थन मूल्य पर खरीदा और राशन दुकानों से निकाला जाता है।
- रिसाव, गुणवत्ता और भंडारण लागत मुख्य समस्याएं हैं।
Ab practice karein
Rural economy aur food security se har exam me questions bante hain. ExamAtlas ke mock test se abhi practice karein.
