भारत की चार ऋतुएं
NCERT कक्षा 9 • Contemporary India I • अध्याय "Climate" | NCERT कक्षा 11 • India Physical Environment • अध्याय "Climate"
भारत की चार ऋतुएं
भारत का वर्ष चार ऋतुओं में बंटा है: शीत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, अग्रसर मानसून और निवर्तनी मानसून। हर ऋतु का अपना दाब स्वरूप, पवन दिशा और वर्षा चरित्र है, और मिलकर ये खेती, त्योहारों और दैनिक जीवन को आकार देती हैं।
शीत ऋतु
- लगभग मध्य नवंबर से फरवरी तक, जिसमें दिसंबर और जनवरी सबसे ठंडे महीने हैं।
- तापमान दक्षिण से उत्तर की ओर घटता है; दक्षिणी तट पर शीत ऋतु लगभग नहीं होती।
- स्वच्छ आकाश, कम आर्द्रता और ठंडी शुष्क उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें स्थल से सागर की ओर चलती हैं।
- पश्चिमी विक्षोभ पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की वर्षा लाते हैं, जिसे महावट कहते हैं और जो रबी की गेहूं फसल के लिए बहुत उपयोगी है।
- तमिलनाडु का कोरोमंडल तट इस ऋतु में वर्षा पाता है क्योंकि उत्तर-पूर्वी पवनें बंगाल की खाड़ी से नमी लेती हैं।
- हिमालय क्षेत्र में हिमपात होता है, और कभी-कभी शीत लहर उत्तरी मैदानों तक पहुंचती है।
- इस ऋतु में आकाश प्रायः साफ रहता है और आर्द्रता कम होने से मौसम सुखद लगता है।
- स्वच्छ आकाश और शुष्क वायु के कारण दिन उजले और सुहावने रहते हैं जबकि रातें तेजी से ठंडी हो जाती हैं।
ग्रीष्म ऋतु
- लगभग मार्च से मई तक, जिसमें तापमान उत्तर की ओर लगातार बढ़ता है।
- उत्तर-पश्चिम भारत पर लंबी निम्न दाब द्रोणी बनती है, जिसे मानसून द्रोणी कहते हैं।
- लू उत्तरी मैदानों की गर्म, शुष्क और तेज दोपहर की पवन है।
- धूल भरी आंधियां और स्थानीय गरज-चमक थोड़ी राहत देती हैं।
- काल बैसाखी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर की प्रचंड सांझ की आंधियां हैं।
- केरल और कर्नाटक की आम्र वर्षा (mango showers) आम पकाने में और कॉफी के लिए उपयोगी है।
| ऋतु | महीने | मुख्य लक्षण |
|---|---|---|
| शीत ऋतु | मध्य नवंबर से फरवरी | शुष्क, पश्चिमी विक्षोभ, महावट |
| ग्रीष्म ऋतु | मार्च से मई | लू, धूल भरी आंधी, काल बैसाखी |
| अग्रसर मानसून | जून से सितंबर | वार्षिक वर्षा का अधिकांश भाग |
| निवर्तनी मानसून | अक्टूबर से नवंबर | अक्टूबर की गर्मी, चक्रवात |
अग्रसर और निवर्तनी मानसून
जून से सितंबर तक का अग्रसर मानसून भारत की अधिकांश वार्षिक वर्षा देता है। अक्टूबर से निम्न दाब कमजोर पड़ता है और मानसून लौटने लगता है; वायु आर्द्र और उमस भरी हो जाती है, जिसे अक्टूबर की गर्मी कहते हैं, तथा उष्णकटिबंधीय चक्रवात पूर्वी तट से टकराते हैं।
Exam me kaise aata hai
- उत्तरी मैदान की गर्म शुष्क पवन — लू
- रबी फसल के लिए उपयोगी शीतकालीन वर्षा — महावट
- पश्चिम बंगाल की सांझ की आंधियां — काल बैसाखी
- अक्टूबर की उमस भरी दशा को क्या कहते हैं — अक्टूबर की गर्मी
UPSC/State PSC ke liye
- तमिलनाडु अपनी अधिकांश वर्षा निवर्तनी और शीत ऋतु में पाता है, दक्षिण-पश्चिम मानसून से नहीं, क्योंकि वह पश्चिमी घाट की वृष्टि छाया में है।
- अक्टूबर की गर्मी लौटते मानसून से बची उच्च आर्द्रता और अब भी ऊंचे तापमान के मेल से बनती है।
Yahan confuse hote hain
✗ आम्र वर्षा बंगाल में होती है | आम्र वर्षा केरल और कर्नाटक में होती है | ✓
✗ तमिलनाडु में सर्वाधिक वर्षा जून से सितंबर होती है | वहां अधिकांश वर्षा अक्टूबर से दिसंबर होती है | ✓
✗ लू रात में चलती है | लू दोपहर में चलती है | ✓
Ek nazar me
- चार ऋतुएं: शीत, ग्रीष्म, अग्रसर मानसून, निवर्तनी मानसून।
- शीत ऋतु: उत्तर-पश्चिम में पश्चिमी विक्षोभ और महावट।
- ग्रीष्म ऋतु: लू, धूल भरी आंधी, काल बैसाखी, आम्र वर्षा।
- निवर्तनी मानसून: अक्टूबर की गर्मी और पूर्वी तट पर चक्रवात।
