हाइड्रोकार्बन और क्रियात्मक समूह
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Carbon and Its Compounds"
हाइड्रोकार्बन और क्रियात्मक समूह
हाइड्रोकार्बन में केवल कार्बन और हाइड्रोजन होते हैं। जब कार्बन के बीच सभी आबंध एकल हों तो यौगिक संतृप्त है; जब द्वि या त्रि आबंध हो तो वह असंतृप्त है, और यही एक अंतर उसकी अधिकांश रसायन शास्त्र तय कर देता है।
संतृप्त और असंतृप्त यौगिक
- एल्केन में केवल एकल आबंध होते हैं और ये संतृप्त हैं; मेथेन, एथेन, प्रोपेन और ब्यूटेन पहले चार हैं।
- एल्कीन में कार्बन के बीच द्वि आबंध और एल्काइन में त्रि आबंध होता है, इसलिए दोनों असंतृप्त हैं।
- असंतृप्त यौगिक संतृप्त से अधिक क्रियाशील हैं और सरलता से योगात्मक अभिक्रिया करते हैं।
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ नीली ज्वाला से जलते हैं जबकि असंतृप्त कालिख वाली पीली ज्वाला से।
- योगात्मक अभिक्रिया निकल जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में द्वि आबंध पर हाइड्रोजन जोड़ती है, और इसी से वनस्पति तेल कठोर होकर वनस्पति घी बनता है।
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया एल्केन के हाइड्रोजन परमाणु का स्थान लेती है, प्रायः सूर्य प्रकाश में हैलोजन द्वारा।
- समजातीय श्रेणी समान क्रियात्मक समूह वाले यौगिकों का वह परिवार है जिसमें हर सदस्य अगले से एक निश्चित इकाई भर भिन्न होता है।
क्रियात्मक समूह, एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल
- क्रियात्मक समूह वह परमाणु या परमाणु समूह है जो यौगिक के रासायनिक गुण तय करता है।
- मुख्य समूह ऐल्कोहॉल, ऐल्डिहाइड, कीटोन, कार्बोक्सिलिक अम्ल और हैलोजन हैं।
- समजातीय श्रेणी के सदस्यों के रासायनिक गुण समान और भौतिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन रहता है।
- एथेनॉल मादक पेयों में उपस्थित ऐल्कोहॉल है; यह कमरे के ताप पर द्रव है और विलायक तथा औषधियों में काम आता है।
- एथेनॉल सोडियम से क्रिया कर हाइड्रोजन छोड़ता है और सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म करने पर एथीन देता है।
- एथेनोइक अम्ल, सिरके का अम्ल, ठंडे मौसम में जम जाता है और इसीलिए इसे ग्लेशियल एसीटिक अम्ल कहते हैं।
- एथेनोइक अम्ल अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में ऐल्कोहॉल से क्रिया कर मीठी गंध वाला एस्टर देता है, जिसे एस्टरीकरण कहते हैं।
| यौगिक प्रकार | उपस्थित आबंध | क्रियाशीलता |
|---|---|---|
| एल्केन | केवल एकल आबंध | सबसे कम क्रियाशील, प्रतिस्थापन |
| एल्कीन | एक द्वि आबंध | अधिक क्रियाशील, योगात्मक |
| एल्काइन | एक त्रि आबंध | तीनों में सर्वाधिक क्रियाशील |
क्रियात्मक समूह — कार्बन यौगिक में वह परमाणु या परमाणु समूह जो उसके रासायनिक गुण निर्धारित करता है।
Exam me kaise aata hai
- वनस्पति तेल का कठोर होना किसका उदाहरण है — योगात्मक अभिक्रिया
- एथेनोइक अम्ल सामान्यतः किस रूप में जाना जाता है — सिरके का अम्ल
- शुद्ध एथेनोइक अम्ल क्या कहलाता है — ग्लेशियल एसीटिक अम्ल
- अम्ल और ऐल्कोहॉल से बना मीठी गंध वाला यौगिक — एस्टर
UPSC/State PSC ke liye
- असंतृप्त यौगिक इसलिए अधिक क्रियाशील हैं कि द्वि या त्रि आबंध खुलकर और परमाणु ले सकता है, जो एकल आबंध नहीं कर सकता।
- समजातीय श्रेणी इसलिए महत्वपूर्ण है कि एक सदस्य की रसायन जानने पर पूरे परिवार की समझी जा सकती है, इसीलिए कार्बनिक रसायन यौगिक से नहीं, समूह से पढ़ा जाता है।
Yahan confuse hote hain
✗ संतृप्त यौगिक अधिक क्रियाशील हैं | असंतृप्त यौगिक अधिक क्रियाशील हैं | ✓
✗ एल्कीन में त्रि आबंध होता है | एल्कीन में द्वि आबंध; एल्काइन में त्रि आबंध होता है | ✓
✗ कालिख वाली ज्वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन दर्शाती है | कालिख वाली ज्वाला असंतृप्त हाइड्रोकार्बन दर्शाती है | ✓
Ek nazar me
- हाइड्रोकार्बन एकल आबंध से संतृप्त या द्वि-त्रि आबंध से असंतृप्त होते हैं।
- असंतृप्त योगात्मक और एल्केन प्रतिस्थापन अभिक्रिया करते हैं।
- क्रियात्मक समूह यौगिक के रासायनिक गुण तय करता है।
- एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल पाठ्यक्रम के दो सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्बन यौगिक हैं।
