प्रतिरक्षा और टीकाकरण
NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Why do we Fall Ill" | NCERT कक्षा 12 • Biology • अध्याय "Human Health and Disease"
प्रतिरक्षा और टीकाकरण
प्रतिरक्षा शरीर की वह क्षमता है जिससे वह रोगजनक का प्रतिरोध करता है। शरीर के पास रक्षा की दो परतें हैं: एक सामान्य जो जन्म से है और एक विशिष्ट जो अनुभव से सीखती है, और टीकाकरण दूसरी को रोग किए बिना प्रशिक्षित कर देता है।
प्रतिरक्षा के प्रकार
- जन्मजात प्रतिरक्षा जन्म से रहती है और सभी रोगजनकों के विरुद्ध एक समान सामान्य ढंग से काम करती है।
- यह त्वचा और श्लेष्म झिल्ली जैसे भौतिक अवरोध, आमाशय अम्ल और आंसू जैसे रासायनिक अवरोध, तथा कीटाणु निगलने वाली कोशिकाओं से काम करती है।
- उपार्जित प्रतिरक्षा किसी विशेष रोगजनक के लिए विशिष्ट है और उसके संपर्क के बाद विकसित होती है।
- प्रतिजन कोई भी बाहरी पदार्थ है जो यह प्रतिक्रिया जगाए; प्रतिरक्षी वह प्रोटीन है जो उसे निष्प्रभावी करने के लिए बनता है।
- सक्रिय प्रतिरक्षा तब बनती है जब शरीर स्वयं प्रतिरक्षी बनाए, चाहे संक्रमण के बाद या टीकाकरण के बाद, और यह लंबी चलती है।
- निष्क्रिय प्रतिरक्षा बनी बनाई मिलती है, जैसे शिशु को मां के दूध से प्रतिरक्षी या रोगी को इंजेक्शन से प्रतिसीरम, और यह अल्पकालिक रहती है।
- श्वेत रक्त कोशिकाओं का एक प्रकार लसीका कोशिकाएं विशिष्ट प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया करती हैं और रोगजनक की स्मृति रखती हैं।
टीकाकरण और उसका महत्व
- टीके में रोगजनक का दुर्बल, मृत या आंशिक रूप रहता है जो रोग नहीं कर सकता पर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया जगा देता है।
- शरीर प्रतिरक्षी और स्मृति कोशिकाएं बनाकर उत्तर देता है, इसलिए बाद का वास्तविक संक्रमण तुरंत रक्षा से मिलता है।
- एडवर्ड जेनर ने चेचक के विरुद्ध पहला टीका बनाया, और बाद में चेचक विश्व भर से समाप्त हो गया।
- भारत का टीकाकरण कार्यक्रम क्षय रोग, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, खसरा, हेपेटाइटिस B तथा अन्य रोगों को समेटता है।
- पल्स पोलियो अभियान भारत से पोलियो समाप्त करने की कुंजी रहे।
- सामुदायिक प्रतिरक्षा उन्हें भी बचाती है जिन्हें टीका नहीं लगा, क्योंकि पर्याप्त लोगों के प्रतिरक्षित होने पर संक्रमण की शृंखला टूट जाती है।
- टीकों को निर्माण से इंजेक्शन तक ठंडा रखना पड़ता है, जिसे शीत शृंखला कहते हैं।
| प्रकार | कैसे मिलती है | अवधि |
|---|---|---|
| सक्रिय प्रतिरक्षा | शरीर स्वयं प्रतिरक्षी बनाता है | दीर्घकालिक |
| निष्क्रिय प्रतिरक्षा | बने बनाए प्रतिरक्षी मिलते हैं | अल्पकालिक |
| जन्मजात प्रतिरक्षा | जन्म से उपस्थित | आजीवन, अविशिष्ट |
टीका — दुर्बल या मृत रोगजनक की वह तैयारी जो रोग किए बिना प्रतिरक्षा जगा देती है।
Exam me kaise aata hai
- पहला टीका किसने बनाया — एडवर्ड जेनर
- पहला टीका किस रोग के विरुद्ध था — चेचक
- बने बनाए प्रतिरक्षी मिलने से कौन सी प्रतिरक्षा बनती है — निष्क्रिय प्रतिरक्षा
- टीकों को अंत तक ठंडा रखना कहलाता है — शीत शृंखला
UPSC/State PSC ke liye
- सामुदायिक प्रतिरक्षा के कारण ही टीकाकरण कार्यक्रम को जनसंख्या के बड़े भाग तक पहुंचना पड़ता है; आंशिक कवरेज संक्रमण की शृंखला बनी रहने देता है।
- स्मृति कोशिकाएं बताती हैं कि एक बार लगा टीका वर्षों तक क्यों बचाता है, क्योंकि बाद के संक्रमण पर प्रतिक्रिया पहली प्रतिक्रिया से कहीं तेज होती है।
Yahan confuse hote hain
✗ टीका पहले से हुए रोग को ठीक करता है | टीका पहले से प्रतिरक्षा बनाकर रोग रोकता है | ✓
✗ निष्क्रिय प्रतिरक्षा सक्रिय से अधिक चलती है | सक्रिय प्रतिरक्षा कहीं अधिक चलती है | ✓
✗ प्रतिजन और प्रतिरक्षी का अर्थ एक है | प्रतिजन प्रतिक्रिया जगाता; प्रतिरक्षी उसे निष्प्रभावी करता है | ✓
Ek nazar me
- जन्मजात प्रतिरक्षा सामान्य और जन्म से; उपार्जित प्रतिरक्षा विशिष्ट होती है।
- प्रतिजन प्रतिक्रिया जगाता और प्रतिरक्षी रोगजनक को निष्प्रभावी करता है।
- सक्रिय प्रतिरक्षा दीर्घकालिक; निष्क्रिय प्रतिरक्षा अल्पकालिक है।
- टीकाकरण स्मृति कोशिकाएं बनाता, और सामुदायिक प्रतिरक्षा समाज की रक्षा करती है।
