आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय व्यापार
NCERT कक्षा 10 • Contemporary India II • अध्याय "Lifelines of National Economy" | NCERT कक्षा 12 • Fundamentals of Human Geography • अध्याय "International Trade"
आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय व्यापार
व्यापार लोगों, राज्यों या देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान है। देश के भीतर का व्यापार आंतरिक या घरेलू व्यापार है; देशों के बीच का व्यापार अंतरराष्ट्रीय व्यापार है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार को देश की आर्थिक समृद्धि का सूचकांक माना जाता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि वह क्या बना सकता है और क्या खरीदना पड़ता है।
निर्यात, आयात और संतुलन
- निर्यात का अर्थ है दूसरे देश को बेची गई वस्तुएं; आयात का अर्थ है दूसरे देश से खरीदी गई वस्तुएं।
- निर्यात और आयात का योग देश का कुल व्यापार आयतन है।
- व्यापार संतुलन निर्यात और आयात के मूल्य का अंतर है।
- अनुकूल संतुलन का अर्थ है निर्यात आयात से अधिक; प्रतिकूल संतुलन का अर्थ है आयात निर्यात से अधिक।
- भारत के मुख्य निर्यातों में अभियांत्रिकी सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न और आभूषण, रसायन, वस्त्र, कृषि उत्पाद तथा सॉफ्टवेयर सेवाएं आती हैं।
- भारत के मुख्य आयातों में कच्चा पेट्रोलियम, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, स्वर्ण, उर्वरक और खाद्य तेल आते हैं।
- अन्य देशों से व्यापार समुद्र, वायु, स्थल मार्ग तथा सॉफ्टवेयर जैसी सेवाओं के लिए दूरसंचार संपर्क से होता है।
आंतरिक व्यापार और पर्यटन
- आंतरिक व्यापार खाद्यान्न, कपड़ा, सीमेंट, कोयला और उपभोक्ता वस्तुएं अधिशेष क्षेत्रों से अभाव वाले क्षेत्रों तक ले जाता है।
- अच्छा परिवहन, भंडारण, बैंकिंग और बाजार सूचना ही आंतरिक व्यापार को कुशल बनाते हैं।
- पर्यटन को व्यापार का एक रूप माना जाता है और इसे अदृश्य व्यापार कहते हैं, क्योंकि यह वस्तुओं के सीमा पार गए बिना विदेशी मुद्रा कमाता है।
- पर्यटन हस्तशिल्प, होटल, परिवहन और गाइड को सहारा देता है, इसलिए यह व्यापक स्थानीय रोजगार बनाता है।
- भारत विरासत, पारिस्थितिक पर्यटन, चिकित्सा, व्यवसाय और तीर्थाटन के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| निर्यात | दूसरे देश को बेची गई वस्तुएं |
| आयात | दूसरे देश से खरीदी गई वस्तुएं |
| व्यापार संतुलन | निर्यात घटा आयात का मूल्य |
| अदृश्य व्यापार | पर्यटन और सॉफ्टवेयर जैसी सेवाओं का व्यापार |
व्यापार संतुलन — किसी देश के वस्तु निर्यात और वस्तु आयात के मूल्य का अंतर।
Exam me kaise aata hai
- निर्यात घटा आयात से क्या मिलता है — व्यापार संतुलन
- निर्यात आयात से अधिक हो तो संतुलन कैसा होता है — अनुकूल
- पर्यटन को किस प्रकार का व्यापार कहते हैं — अदृश्य व्यापार
- निर्यात और आयात का योग कहलाता है — कुल व्यापार आयतन
UPSC/State PSC ke liye
- कच्चे पेट्रोलियम का बड़ा आयात बिल भारत के व्यापार संतुलन को विश्व तेल कीमतों के प्रति संवेदनशील बनाता है, इसीलिए ऊर्जा नीति भी व्यापार नीति है।
- सॉफ्टवेयर और अन्य सेवा निर्यात वस्तु व्यापार घाटे की आंशिक भरपाई करते हैं, इसीलिए चालू खाते की तस्वीर केवल वस्तु संतुलन से भिन्न रहती है।
Yahan confuse hote hain
✗ आयात का अर्थ विदेश में वस्तु बेचना है | आयात विदेश से खरीदना है; निर्यात बेचना है | ✓
✗ प्रतिकूल संतुलन का अर्थ कुल व्यापार कम होना है | इसका अर्थ आयात निर्यात से अधिक होना है | ✓
✗ पर्यटन व्यापार नहीं है | पर्यटन अदृश्य व्यापार है और विदेशी मुद्रा कमाता है | ✓
Ek nazar me
- व्यापार आंतरिक या अंतरराष्ट्रीय होता है।
- निर्यात विदेश बेचना, आयात विदेश से खरीदना।
- व्यापार संतुलन निर्यात घटा आयात है।
- पर्यटन अदृश्य व्यापार है और बड़ा स्थानीय रोजगारदाता है।
Ab practice karein
Parivahan, sanchar aur vyapar se seedhe factual questions bante hain. ExamAtlas ke mock test se apni taiyari abhi jaanchein.
