भारत में स्थल परिवहन
NCERT कक्षा 10 • Contemporary India II • अध्याय "Lifelines of National Economy" | NCERT कक्षा 12 • India People and Economy • अध्याय "Transport and Communication"
भारत में स्थल परिवहन
परिवहन लोगों और माल को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाता है और इसे अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा कहा जाता है, क्योंकि उत्पादन का मूल्य तभी है जब वह बाजार तक पहुंचे। भारत का स्थल परिवहन मुख्यतः सड़कों और रेलों पर टिका है, जिसे तेल और गैस के लिए पाइपलाइन सहारा देती हैं।
सड़क परिवहन
- भारत में विश्व के सबसे बड़े सड़क तंत्रों में से एक है, और सड़कें अब रेल से अधिक माल ढोती हैं।
- पहाड़ और ऊबड़-खाबड़ भूमि में सड़क बनाना सस्ता है, ये उन गांवों तक पहुंचती हैं जहां रेल नहीं जा सकती, और द्वार से द्वार सेवा देती हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्ग राज्यों की राजधानियों, बंदरगाहों और बड़े नगरों को जोड़ते हैं और केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा संधारित हैं।
- राज्य राजमार्ग राज्य की राजधानी को जिला मुख्यालयों से जोड़ते हैं; जिला सड़कें जिला केंद्र को शेष जिले से जोड़ती हैं।
- ग्रामीण सड़क कार्यक्रमों के तहत बनी ग्रामीण सड़कें गांवों को निकटतम बाजार और नगर से जोड़ती हैं।
- सीमा सड़क संगठन द्वारा बनी सीमा सड़कें रणनीतिक पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों की सेवा करती हैं।
- सामग्री के अनुसार सड़कें पक्की और कच्ची में भी वर्गीकृत हैं।
रेल और पाइपलाइन
- भारतीय रेल लंबी दूरी के भारी माल और यात्री यातायात का प्रमुख साधन है तथा देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है।
- भारत में पहली रेलगाड़ी 1853 में मुंबई और ठाणे के बीच चली।
- तंत्र मंडलों (zones) के माध्यम से संचालित होता है, जिनमें से प्रत्येक का अपना मुख्यालय है।
- पटरी गेज से वर्गीकृत है: बड़ी, मीटर और छोटी; सभी लाइनों को बड़ी लाइन में बदलने के कार्यक्रम को यूनी गेज कहते हैं।
- उच्चावच और लागत के कारण हिमालय, थार मरुस्थल और दलदली सुंदरबन में रेल कठिनाई से चलती है।
- पाइपलाइन कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस ले जाती हैं; इनकी प्रारंभिक लागत अधिक पर चालन लागत बहुत कम है।
- एक बार बन जाने पर रिसाव होने पर पाइपलाइन की मरम्मत सरल नहीं है, और इसे हटाया भी नहीं जा सकता।
| सड़क श्रेणी | जोड़ती है | संधारण |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय राजमार्ग | राजधानियां, बंदरगाह, बड़े नगर | केंद्रीय प्राधिकरण |
| राज्य राजमार्ग | राज्य राजधानी से जिला मुख्यालय | राज्य लोक निर्माण विभाग |
| जिला सड़क | जिला केंद्र से प्रखंड | जिला परिषद |
| ग्रामीण सड़क | गांव से बाजार | ग्रामीण सड़क कार्यक्रम |
यूनी गेज — सभी रेल पटरियों को एक ही बड़ी लाइन में बदलने की नीति, ताकि आवागमन निर्बाध हो।
Exam me kaise aata hai
- भारत की पहली रेलगाड़ी कहां चली — मुंबई और ठाणे
- पहली रेलगाड़ी किस वर्ष चली — 1853
- रणनीतिक सीमा क्षेत्रों की सड़कें कौन बनाता है — सीमा सड़क संगठन
- सभी पटरियां बड़ी लाइन में बदलना कहलाता है — यूनी गेज
UPSC/State PSC ke liye
- पाइपलाइन की स्थिर लागत अधिक और परिवर्ती लागत बहुत कम है, इसीलिए ये निरंतर भारी प्रवाह के लिए उपयुक्त हैं, परिवर्तनशील या मौसमी मांग के लिए नहीं।
- सुंदरबन और हिमालय में रेल की कठिनाई के कारण अलग-अलग हैं — एक में जलमग्न अस्थिर भूमि और दूसरे में तीव्र अस्थिर ढाल।
Yahan confuse hote hain
✗ भारत में रेल सड़कों से अधिक माल ढोती है | अब सड़कें माल का बड़ा हिस्सा ढोती हैं | ✓
✗ राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य सरकारें संधारित करती हैं | इन्हें केंद्रीय प्राधिकरण संधारित करता है | ✓
✗ पाइपलाइन की चालन लागत अधिक है | इनकी प्रारंभिक लागत अधिक पर चालन लागत कम है | ✓
Ek nazar me
- सड़कें: राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ग्रामीण और सीमा सड़कें।
- सड़कें द्वार से द्वार सेवा देती हैं; रेल लंबी दूरी का भारी माल ढोती है।
- पहली रेल मुंबई से ठाणे 1853 में; तंत्र मंडलों में चलता है।
- पाइपलाइन: प्रारंभिक लागत अधिक, चालन लागत कम, हटाई नहीं जा सकती।
