लोकतंत्र का अर्थ और विशेषताएं
NCERT Class 9 - Democratic Politics I, Chapter 1 • NCERT Class 11 - Political Theory
लोकतंत्र का अर्थ और विशेषताएं
लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें शासक जनता द्वारा चुने जाते हैं। यह शब्द यूनानी डेमोस यानी जनता और क्रेटिया यानी शासन से बना है। सबसे सरल कार्यशील परिभाषा अब्राहम लिंकन की है - जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन।
चार आवश्यक विशेषताएं
- शासक जनता द्वारा चुने जाते हैं। जो सरकार जनता ने नहीं चुनी, वह लोकतांत्रिक नहीं है, चाहे वह और कुछ भी अच्छा करे।
- चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों, जिनमें वास्तविक विकल्प हो और सत्ता बदलने की वास्तविक संभावना हो।
- एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य। हर वयस्क नागरिक के पास एक वोट है, और हर वोट का महत्व समान है, चाहे संपत्ति, जाति, धर्म या लिंग कुछ भी हो।
- कानून का शासन और अधिकारों का सम्मान। निर्वाचित सरकार को संविधान की सीमा में रहना होता है और वह नागरिकों के मूल अधिकार नहीं छीन सकती।
चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष कब है
- सबके पास एक वोट और समान मूल्य हो, कोई समूह मतदाता सूची से बाहर न हो।
- दलों और उम्मीदवारों के बीच वास्तविक विकल्प हो, ताकि सत्ताधारी दल वास्तव में हार सके।
- यह विकल्प नियमित अंतराल पर मिले, जिससे सत्ता समय-समय पर सहमति से नवीनीकृत हो।
- जिसे जनता चाहे, वही निर्वाचित हो और पद संभाल सके।
- चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से हो, बिना डराने, धांधली या विरोधियों के दमन के।
लोकतंत्र चुनाव से अधिक है
- कुछ देशों में चुनाव होते हैं पर वे लोकतांत्रिक नहीं बनते। एकदलीय व्यवस्था में वास्तविक प्रतिस्पर्धा नहीं होती; कहीं विपक्ष को स्वतंत्र प्रचार की अनुमति नहीं होती।
- यह नियम कि चुनाव होने चाहिए, तब निरर्थक है जब परिणाम पहले से तय हों या स्वतंत्र उम्मीदवारों को रोका जाए।
- सैनिक शासन और राजतंत्र, चाहे वे जनकल्याण का दावा करें, लोकतंत्र नहीं हैं क्योंकि शासक जनता द्वारा नहीं चुने जाते।
- लोकतंत्र सामाजिक जीवन का सिद्धांत भी है - आंबेडकर ने कहा था कि राजनीतिक लोकतंत्र को सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र का सहारा चाहिए, यानी समाज में ही स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व।
| पूछने योग्य प्रश्न | लोकतांत्रिक उत्तर |
|---|---|
| शासन कौन करता है | जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि |
| वे कैसे चुने जाते हैं | स्वतंत्र, निष्पक्ष और नियमित चुनावों से |
| उन पर अंकुश क्या है | संविधान, कानून का शासन, मूल अधिकार |
| किसका वोट गिना जाता है | हर वयस्क नागरिक का, समान रूप से |
परीक्षा में कैसे आता है
तथ्यात्मक प्रश्न शब्द की यूनानी उत्पत्ति और लिंकन की परिभाषा पूछते हैं। कथन-आधारित प्रश्न किसी देश की विशेषताएं देकर पूछते हैं कि वह लोकतांत्रिक है या नहीं - कसौटी चारों आवश्यक विशेषताएं हैं। व्यावहारिक प्रश्न कोई चुनावी स्थिति देकर पूछते हैं कि वह निष्पक्ष थी या नहीं।
UPSC / State PSC के लिए
प्रक्रियात्मक लोकतंत्र, जो चुनाव और संस्थाओं का है, और सारभूत लोकतंत्र, जो वास्तविक समानता और भागीदारी का है, में भेद कीजिए। 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में आंबेडकर का समापन भाषण, जिसमें राजनीतिक समानता और सामाजिक असमानता के अंतर्विरोध की चेतावनी है, इस बिंदु का मानक उद्धरण है।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ जहां चुनाव होते हैं वह देश लोकतांत्रिक है | ✓ चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और वास्तविक विकल्प वाले भी होने चाहिए
✗ अच्छा शासन करने वाला उदार राजा देश को लोकतांत्रिक बना देता है | ✓ शासक जनता द्वारा चुने जाने चाहिए
✗ लोकतंत्र का अर्थ है बहुमत जो चाहे कर सकता है | ✓ बहुमत को भी संविधान और मूल अधिकारों का पालन करना होता है
एक नजर में
- लोकतंत्र वह शासन है जिसमें शासक जनता द्वारा चुने जाते हैं।
- शब्द यूनानी डेमोस यानी जनता और क्रेटिया यानी शासन से बना है।
- लिंकन की परिभाषा - जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन।
- चार विशेषताएं - निर्वाचित शासक, स्वतंत्र-निष्पक्ष चुनाव, एक व्यक्ति एक वोट एक मूल्य, कानून का शासन।
- निष्पक्ष चुनाव नियमित अंतराल पर वास्तविक विकल्प देता है और विजेता को पद लेने देता है।
- आंबेडकर मानते थे कि राजनीतिक लोकतंत्र को सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र चाहिए।
