धातु और अधातु
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Metals and Non metals" | NCERT कक्षा 8 • Science • अध्याय "Materials Metals and Non Metals"
धातु और अधातु
तत्वों को उनके भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर मोटे तौर पर धातु और अधातु में बांटा जाता है। कुछ तत्व दोनों के गुण दिखाते हैं और उपधातु कहलाते हैं, जबकि कुछ प्रसिद्ध अपवाद अलग से याद रखने पड़ते हैं।
गुण और अपवाद
- धातुएं चमकीली, आघातवर्ध्य, तन्य, ध्वनिक तथा ऊष्मा और विद्युत की अच्छी चालक होती हैं।
- आघातवर्ध्यता चादर में पीटे जा सकने की क्षमता है और तन्यता तार में खींचे जा सकने की।
- अधातुएं सामान्यतः मंद, भंगुर तथा ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती हैं।
- पारा कमरे के ताप पर द्रव रहने वाली एकमात्र धातु है; ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु है।
- सोडियम और पोटैशियम इतने मुलायम हैं कि चाकू से काटे जा सकते हैं, जो अधिकांश धातुओं से भिन्न है।
- कार्बन का एक रूप ग्रेफाइट विद्युत चालन करता है, यद्यपि कार्बन अधातु है।
- आयोडीन चमकीली अधातु है, और हीरा ज्ञात सर्वाधिक कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
क्रियाशीलता श्रेणी और मिश्रातु
- क्रियाशीलता श्रेणी धातुओं को इलेक्ट्रॉन छोड़ने और क्रिया करने की प्रवृत्ति के घटते क्रम में रखती है।
- पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम श्रेणी में ऊपर हैं जबकि तांबा, चांदी और सोना नीचे।
- अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है, जो विस्थापन अभिक्रिया है।
- अत्यधिक क्रियाशील धातुएं विद्युत अपघटन से, मध्यम क्रियाशील कार्बन से अपचयन द्वारा निकाली जाती हैं, और कम क्रियाशील धातुएं प्रकृति में मुक्त मिलती हैं।
- धातुएं ऑक्सीजन से क्रिया कर क्षारीय ऑक्साइड और अधातुएं अम्लीय ऑक्साइड देती हैं।
- मिश्रातु किसी धातु का दूसरी धातु या अधातु के साथ समांगी मिश्रण है, जो शक्ति, कठोरता या संक्षारण प्रतिरोध बढ़ाने के लिए बनाया जाता है।
- इस्पात, स्टेनलेस स्टील, पीतल, कांसा और सोल्डर महत्वपूर्ण मिश्रातु हैं।
- अमलगम वह मिश्रातु है जिसमें एक धातु पारा हो।
- ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, गंधक और फॉस्फोरस जैसी अधातुएं जीवन और उद्योग दोनों के लिए अनिवार्य हैं।
- धातु अयस्क से शुद्ध धातु पाने की पूरी प्रक्रिया को धातुकर्म कहते हैं।
| गुण | धातुएं | अधातुएं |
|---|---|---|
| चमक | चमकीली | मंद, आयोडीन को छोड़कर |
| आघातवर्ध्यता | आघातवर्ध्य और तन्य | भंगुर |
| चालन | अच्छी चालक | कुचालक, ग्रेफाइट को छोड़कर |
| ऑक्साइड प्रकृति | क्षारीय | अम्लीय |
मिश्रातु — किसी धातु का दूसरी धातु या अधातु के साथ समांगी मिश्रण, जो उसके गुण सुधारने के लिए बनाया जाता है।
Exam me kaise aata hai
- कमरे के ताप पर एकमात्र द्रव धातु — पारा
- एकमात्र द्रव अधातु — ब्रोमीन
- कौन सी अधातु विद्युत चालन करती है — ग्रेफाइट
- धातु ऑक्साइड सामान्यतः कैसे होते हैं — क्षारीय
UPSC/State PSC ke liye
- निष्कर्षण की विधि क्रियाशीलता श्रेणी का अनुसरण करती है: अत्यधिक क्रियाशील धातुओं के लिए विद्युत अपघटन चाहिए क्योंकि कार्बन उनके ऑक्साइड अपचयित नहीं कर सकता।
- मिश्रातु बनाने से गुण इसलिए बदलते हैं कि भिन्न आकार के परमाणु नियमित जालक को अस्तव्यस्त कर देते हैं, जिससे धातु कठोर और कम विरूप्य हो जाती है।
Yahan confuse hote hain
✗ सभी धातुएं कमरे के ताप पर ठोस हैं | पारा कमरे के ताप पर द्रव है | ✓
✗ कोई अधातु विद्युत चालन नहीं करती | ग्रेफाइट विद्युत चालन करता है | ✓
✗ अधातु ऑक्साइड क्षारीय होते हैं | अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं | ✓
Ek nazar me
- धातुएं चमकीली, आघातवर्ध्य, तन्य और अच्छी चालक; अधातुएं प्रायः नहीं।
- पारा, ब्रोमीन, ग्रेफाइट और आयोडीन मानक अपवाद हैं।
- क्रियाशीलता श्रेणी विस्थापन अभिक्रिया और निष्कर्षण विधि तय करती है।
- मिश्रातु शक्ति, कठोरता और संक्षारण प्रतिरोध बढ़ाते हैं।
