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भारत में प्रवास

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT कक्षा 12 • India People and Economy • अध्याय "Migration Types Causes and Consequences" | NCERT कक्षा 9 • Contemporary India I • अध्याय "Population"

भारत में प्रवास

प्रवास का अर्थ है लोगों का निवास के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान जाना, स्थायी रूप से या किसी ऋतु के लिए। यह जन्म और मृत्यु के बाद जनसंख्या परिवर्तन का तीसरा घटक है, और यद्यपि यह देश की कुल जनसंख्या नहीं बदलता, यह भीतर के वितरण को गहराई से बदल देता है।

प्रकार और धाराएं

  • आंतरिक प्रवास देश के भीतर होता है; अंतरराष्ट्रीय प्रवास राष्ट्रीय सीमा पार करता है।
  • आप्रवास किसी देश में आना है और उत्प्रवास उससे बाहर जाना है।
  • आंतरिक प्रवास की चार धाराएं हैं: ग्रामीण से ग्रामीण, ग्रामीण से नगरीय, नगरीय से नगरीय और नगरीय से ग्रामीण
  • ग्रामीण से ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी धारा है, और इसका अधिकांश भाग विवाह पर महिलाओं का जाना है।
  • ग्रामीण से नगरीय वह धारा है जो नगरों की वृद्धि चलाती है।
  • प्रवास स्थायी, मौसमी या दैनिक आवागमन हो सकता है; हर ऋतु में जाने वाला कटाई मजदूर मौसमी प्रवासी है।
  • बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड बड़ी संख्या में श्रमिक पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात भेजते हैं।
  • भारतीय बड़ी संख्या में विदेश भी गए हैं, पहले गिरमिटिया श्रमिक के रूप में और बाद में कुशल पेशेवर के रूप में।

कारण और प्रभाव

  • प्रतिकर्ष कारक लोगों को बाहर धकेलते हैं: बेरोजगारी, छोटी जोत, सूखा, बाढ़, ऋण तथा विद्यालय या स्वास्थ्य सेवा का अभाव।
  • अपकर्ष कारक लोगों को खींचते हैं: रोजगार, ऊंची मजदूरी, शिक्षा, चिकित्सा सुविधा और बेहतर जीवन स्तर।
  • गंतव्य पर प्रवास सस्ता श्रम देता है पर आवास, जल, परिवहन और स्वच्छता पर दबाव डालकर मलिन बस्तियां बनाता है।
  • स्रोत क्षेत्र में घर भेजा गया प्रेषण (remittance) घरेलू आय बढ़ाता है, आवास सुधारता है और शिक्षा का खर्च उठाता है।
  • स्रोत क्षेत्र अपने सबसे सक्षम श्रमिक भी खो सकता है, और कुशल लोगों के जाने को प्रतिभा पलायन कहते हैं।
  • प्रवास भाषा, भोजन और रीति-रिवाज मिलाता है तथा सामाजिक एकीकरण में सहायक है।
कारक प्रकारउदाहरणदिशा
प्रतिकर्षबेरोजगारी, सूखा, ऋणस्रोत से दूर
अपकर्षरोजगार, मजदूरी, शिक्षागंतव्य की ओर
स्रोत पर प्रभावप्रेषण, श्रम हानिमिश्रित
गंतव्य पर प्रभावसस्ता श्रम, मलिन बस्तीमिश्रित

प्रेषण (Remittance) — प्रवासी श्रमिक द्वारा स्रोत क्षेत्र में परिवार को भेजा गया धन।

Exam me kaise aata hai

  • भारत की सबसे बड़ी आंतरिक प्रवास धारा — ग्रामीण से ग्रामीण
  • प्रवासी द्वारा घर भेजे धन को क्या कहते हैं — प्रेषण
  • बेरोजगारी और सूखा कौन से कारक हैं — प्रतिकर्ष कारक
  • किसी देश से बाहर जाना कहलाता है — उत्प्रवास

UPSC/State PSC ke liye

  • ग्रामीण से ग्रामीण की प्रधानता मुख्यतः महिलाओं के विवाह प्रवास का प्रभाव है, इसीलिए पुरुष और महिला आंकड़े अलग पढ़ने पर धारा का चित्र बदल जाता है।
  • प्रेषण प्रवास को स्रोत क्षेत्र के लिए वास्तविक जीविका रणनीति बनाते हैं, केवल उसकी विफलता का संकेत नहीं।

Yahan confuse hote hain

भारत में ग्रामीण से नगरीय सबसे बड़ी धारा है | ग्रामीण से ग्रामीण सबसे बड़ी है  |  

आप्रवास का अर्थ देश छोड़ना है | आप्रवास आना है; उत्प्रवास जाना है  |  

प्रवास से राष्ट्रीय जनसंख्या बदलती है | यह वितरण बदलता है, राष्ट्रीय कुल नहीं  |  

Ek nazar me

  • प्रवास जनसंख्या परिवर्तन का तीसरा घटक है।
  • चार आंतरिक धाराएं; ग्रामीण से ग्रामीण सबसे बड़ी।
  • प्रतिकर्ष कारक बाहर धकेलते हैं, अपकर्ष कारक खींचते हैं।
  • प्रेषण स्रोत की सहायता करते हैं; गंतव्य पर मलिन बस्ती और सेवा दबाव बनता है।

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