आधुनिक आवर्त सारणी
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Periodic Classification of Elements"
आधुनिक आवर्त सारणी
तत्वों का वर्गीकरण इसलिए हुआ कि उनके गुण एक-एक करके याद करने के बजाय पहले से बताए जा सकें। कई आरंभिक प्रयास कुछ तत्वों पर विफल रहे, और समस्या अंततः तब सुलझी जब तत्वों को परमाणु द्रव्यमान के बजाय परमाणु क्रमांक के अनुसार क्रम में रखा गया।
आरंभिक प्रयासों से आधुनिक नियम तक
- डोबेराइनर के त्रिक तत्वों को तीन के समूह में रखते थे जहां मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान अन्य दो का औसत होता था, पर ऐसे त्रिक बहुत कम थे।
- न्यूलैंड्स का अष्टक नियम बताता था कि हर आठवां तत्व गुण दोहराता है, पर यह कैल्शियम के आगे विफल रहा।
- मेंडेलीव की आवर्त सारणी ने तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखा और अनखोजे तत्वों के लिए रिक्त स्थान छोड़े, जिनके गुण उन्होंने सफलतापूर्वक बताए।
- इसकी समस्याएं हाइड्रोजन की स्थिति, समस्थानिकों का स्थान, और कुछ जोड़े थे जिन्हें द्रव्यमान क्रम के विरुद्ध उलटना पड़ा।
- आधुनिक आवर्त नियम कहता है कि तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं।
- इससे विसंगतियां हल हो गईं, क्योंकि तत्व का मूलभूत गुण परमाणु क्रमांक है, द्रव्यमान नहीं।
संरचना और प्रवृत्तियां
- सारणी में 18 ऊर्ध्वाधर समूह और 7 क्षैतिज आवर्त हैं।
- एक ही समूह के तत्वों के संयोजी इलेक्ट्रॉन समान होते हैं, इसलिए उनके रासायनिक गुण मिलते-जुलते हैं।
- आवर्त संख्या बताती है कि परमाणु में कितने कोश हैं।
- समूह 1 क्षार धातु, समूह 2 क्षारीय मृदा धातु, समूह 17 हैलोजन और समूह 18 उत्कृष्ट गैसें हैं।
- आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु आकार घटता है, धात्विक गुण घटता है और अधात्विक गुण बढ़ता है।
- समूह में नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है, धात्विक गुण बढ़ता है और कोशों की संख्या बढ़ती है।
- संयोजकता आवर्त में पहले बढ़ती फिर घटती है, जबकि समूह में नीचे जाने पर वही रहती है।
- सारणी में धातुएं बाईं ओर, अधातुएं दाईं ओर और उपधातुएं विभाजक रेखा के साथ रहती हैं।
| प्रवृत्ति | आवर्त में | समूह में नीचे |
|---|---|---|
| परमाणु आकार | घटता है | बढ़ता है |
| धात्विक गुण | घटता है | बढ़ता है |
| कोशों की संख्या | समान | बढ़ती है |
| संयोजी इलेक्ट्रॉन | बढ़ते हैं | समान |
आधुनिक आवर्त नियम — तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।
Exam me kaise aata hai
- आधुनिक आवर्त सारणी किसके क्रम में है — परमाणु क्रमांक
- समूह 18 के तत्व कहलाते हैं — उत्कृष्ट गैसें
- आवर्त में बाएं से दाएं परमाणु आकार — घटता है
- अनखोजे तत्वों के लिए रिक्त स्थान किसने छोड़े — मेंडेलीव
UPSC/State PSC ke liye
- आवर्त में परमाणु आकार इसलिए घटता है कि नाभिकीय आवेश बढ़ता है जबकि इलेक्ट्रॉन उसी कोश में जुड़ते हैं, जिससे उन पर खिंचाव बढ़ जाता है।
- मेंडेलीव की सबसे बड़ी सफलता अनखोजे तत्वों के गुण बताना थी, जिसने सारणी को सूची से भविष्यवाणी के साधन में बदल दिया।
Yahan confuse hote hain
✗ आधुनिक सारणी परमाणु द्रव्यमान के क्रम में है | यह परमाणु क्रमांक के क्रम में है | ✓
✗ आवर्त में परमाणु आकार बढ़ता है | आवर्त में यह घटता है | ✓
✗ एक ही आवर्त के तत्वों के गुण समान होते हैं | समान गुण एक ही समूह के तत्वों के होते हैं | ✓
Ek nazar me
- त्रिक और अष्टक विफल रहे; मेंडेलीव ने परमाणु द्रव्यमान लिया और रिक्त स्थान छोड़े।
- आधुनिक नियम परमाणु क्रमांक लेता है, जिससे विसंगतियां हटीं।
- 18 समूह और 7 आवर्त; समूह का अर्थ समान संयोजी इलेक्ट्रॉन।
- आवर्त में आकार और धात्विक गुण घटते; समूह में नीचे दोनों बढ़ते हैं।
