उत्तरी मैदान और प्रायद्वीपीय पठार
NCERT Class 9 - Contemporary India I, Chapter 2 • NCERT Class 11 - India Physical Environment
उत्तरी मैदान और प्रायद्वीपीय पठार
उत्तरी मैदान भारत का सबसे नया और सबसे उपजाऊ भाग है, जो पूरी तरह तीन नदी तंत्रों के जमा किए जलोढ़ से बना है। प्रायद्वीपीय पठार इसका उलटा है - सबसे प्राचीन और स्थिर भूखंड, जो खनिजों में समृद्ध पर मिट्टी में कमजोर है।
उत्तरी मैदान
- यह सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों द्वारा उस गर्त में जलोढ़ जमा करने से बना, जो उठते हिमालय और पठार के बीच था।
- यह पश्चिम से पूर्व लगभग 2,400 किलोमीटर फैला है और इसकी चौड़ाई मोटे तौर पर 240 से 320 किलोमीटर के बीच बदलती है।
- इसका ढाल अत्यंत मंद है, इसीलिए नदियां निचले भाग में चौड़े विसर्प बनाती हैं।
- घनी आबादी के साथ मिलकर यह मैदान भारत की सबसे गहन कृषि को संभालता है।
उच्चावच के अनुसार मैदान के भाग
| पट्टी | स्वरूप |
|---|---|
| भाबर | शिवालिक तलहटी के साथ कंकड़ों की संकरी पट्टी, जहां धाराएं भूमि में लुप्त हो जाती हैं |
| तराई | भाबर के दक्षिण में नम, दलदली पट्टी, जहां धाराएं फिर निकल आती हैं |
| बांगर | पुराना जलोढ़, जो बाढ़ मैदान से ऊपर चबूतरे बनाता है और जिसमें कंकड़ मिलते हैं |
| खादर | बाढ़ मैदान का नया जलोढ़, जो लगभग हर वर्ष नवीनीकृत होता है और अत्यधिक उपजाऊ है |
- मैदान को क्षेत्रीय रूप से भी बांटा जाता है - पंजाब का मैदान, जहां सिंधु की सहायक नदियां दोआब नामक भूभाग बनाती हैं, गंगा का मैदान, और असम का ब्रह्मपुत्र मैदान, जिसमें विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीपों में से एक माजुली है।
प्रायद्वीपीय पठार
- यह प्राचीन क्रिस्टलीय और आग्नेय चट्टान से बना पठार है, जो गोंडवानालैंड के एक खंड से बना और मोटे तौर पर स्थिर है।
- मध्य उच्चभूमि, नर्मदा के उत्तर - इसमें मालवा पठार, बुंदेलखंड तथा बघेलखंड की उच्चभूमियां, और पूर्व में छोटानागपुर पठार आता है, जो भारत की सबसे समृद्ध खनिज पट्टी है और झारखंड के अधिकांश तथा बिहार के दक्षिणी किनारे में फैला है।
- उत्तर-पश्चिमी किनारे की अरावली शृंखला विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत प्रणालियों में है और अब बहुत घिस चुकी है।
- दक्कन पठार, नर्मदा के दक्षिण - त्रिभुजाकार खंड, जो पश्चिम में ऊंचा और पूर्व की ओर मंद ढाल वाला है, इसीलिए अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियां पूर्व की ओर बहती हैं।
- सतपुड़ा, महादेव और मैकाल शृंखलाएं इसका उत्तरी किनारा बनाती हैं, और पूर्वोत्तर के मेघालय तथा कार्बी आंगलोंग पठार इसी का कटा हुआ विस्तार हैं।
पश्चिमी और पूर्वी घाट
| बिंदु | पश्चिमी घाट | पूर्वी घाट |
|---|---|---|
| निरंतरता | सतत, केवल दर्रों से पार किए जाते हैं | विच्छिन्न, अनेक नदियों से कटे |
| ऊंचाई | अधिक, सामान्यतः 900 से 1,600 मीटर | कम, सामान्यतः लगभग 600 मीटर |
| स्थानीय नाम | सह्याद्रि, नीलगिरि, अन्नामलाई, इलायची पहाड़ियां | महेंद्रगिरि, जावादी और नल्लामला पहाड़ियां |
| सर्वोच्च शिखर | अनाईमुडी, प्रायद्वीपीय भारत का सर्वोच्च शिखर | महेंद्रगिरि |
| वर्षा | पवनाभिमुख पश्चिमी ढाल पर बहुत भारी | बहुत कम, क्योंकि ये वृष्टि छाया में हैं |
- पश्चिमी घाट के दर्रे - थाल घाट, भोर घाट और पालघाट - तट तथा भीतरी भाग के बीच मुख्य सड़क और रेल मार्ग ले जाते हैं; पालघाट दर्रा सबसे चौड़ा और महत्वपूर्ण है।
- पठार के उत्तर-पश्चिम का दक्कन ट्रैप लावा प्रवाह से बना है और अपक्षय से उसकी काली मिट्टी बनी है, जिसमें कपास होती है।
- दोनों घाट नीलगिरि पहाड़ियों में मिलते हैं, जहां दोदाबेट्टा मुख्य शिखर है।
परीक्षा में कैसे आता है
मैदान की पट्टी और उसका स्वरूप, तथा घाट और उसकी विशेषताएं - दोनों का सुमेलित कीजिए आम है। तथ्यात्मक प्रश्न प्रायद्वीपीय भारत का सर्वोच्च शिखर और माजुली कहां है, पूछते हैं। व्यावहारिक प्रश्न पूछते हैं कि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियां पूर्व की ओर क्यों बहती हैं।
UPSC / State PSC के लिए
भूविज्ञान को अर्थव्यवस्था से जोड़िए - प्रायद्वीप की प्राचीन क्रिस्टलीय चट्टान में भारत के अधिकांश धात्विक खनिज और कोयला हैं, जबकि मैदान के नए जलोढ़ में लगभग कुछ नहीं, पर वहां सर्वश्रेष्ठ कृषि है। यही एक विरोधाभास भारत के क्षेत्रीय आर्थिक प्रतिरूप का बड़ा भाग समझा देता है।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ बांगर नया जलोढ़ है | ✓ खादर नया है; बांगर पुराना है और उसमें कंकड़ मिलते हैं
✗ पूर्वी घाट ऊंचे और सतत हैं | ✓ पश्चिमी घाट ऊंचे और सतत हैं
✗ अरावली नवीन वलित पर्वत है | ✓ यह विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत प्रणालियों में है
एक नजर में
- उत्तरी मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तंत्रों के जलोढ़ से बना है।
- उच्चावच विभाग - भाबर, तराई, बांगर और खादर।
- पंजाब के मैदान में सहायक नदियों के बीच दोआब; ब्रह्मपुत्र मैदान में माजुली।
- प्रायद्वीपीय पठार प्राचीन, स्थिर, क्रिस्टलीय और खनिज समृद्ध है।
- मध्य उच्चभूमि में मालवा, बुंदेलखंड और खनिज समृद्ध छोटानागपुर पठार।
- पश्चिमी घाट सतत और ऊंचे, जिनमें अनाईमुडी प्रायद्वीप का सर्वोच्च शिखर है।
- पूर्वी घाट विच्छिन्न और नीचे; पश्चिमी घाट का मुख्य दर्रा पालघाट है।
