पोषण और प्रकाश संश्लेषण
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Life Processes" | NCERT कक्षा 7 • Science • अध्याय "Nutrition in Plants"
पोषण और प्रकाश संश्लेषण
पोषण भोजन लेने और उसे ऊर्जा, वृद्धि तथा मरम्मत में लगाने की प्रक्रिया है। जो जीव अपना भोजन स्वयं बनाते हैं वे स्वपोषी हैं और जो दूसरों पर निर्भर हैं वे विषमपोषी, और यही एक विभाजन पौधों को जंतुओं से सबसे मूल स्तर पर अलग करता है।
प्रकाश संश्लेषण
- प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिससे हरे पौधे सूर्य प्रकाश और पर्णहरित की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड और जल से भोजन बनाते हैं।
- उत्पाद ग्लूकोज और ऑक्सीजन हैं, और यही मुक्त ऑक्सीजन लगभग समस्त वायवीय जीवन सांस में लेता है।
- आवश्यक दशाएं हैं सूर्य प्रकाश, पर्णहरित, कार्बन डाइऑक्साइड और जल।
- हरितलवक का पर्णहरित प्रकाश ऊर्जा पकड़कर उसे रासायनिक ऊर्जा में बदलता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड रंध्रों से भीतर आती है और जल जड़ों से खिंचकर जाइलम द्वारा ऊपर पहुंचता है।
- बना हुआ भोजन स्टार्च के रूप में संचित होता है, इसीलिए आयोडीन परीक्षण में पत्ती नीली काली हो जाती है।
- विषमपोषी पोषण कई प्रकार का है: प्राणिसम जैसे मनुष्य में, मृतजीवी जैसे मृत पदार्थ पर पलने वाली कवक में, और परजीवी जैसे अमरबेल और चिचड़ी में।
मानव पाचन
- पाचन मुख से शुरू होता है, जहां दांत भोजन तोड़ते हैं और लार अपने एंजाइम से स्टार्च को शर्करा में बदलना शुरू करती है।
- ग्रासनली लयबद्ध पेशीय गति से, जिसे क्रमाकुंचन कहते हैं, भोजन को आमाशय तक ले जाती है।
- आमाशय हाइड्रोक्लोरिक अम्ल छोड़ता है, जो कीटाणु मारता है और पेप्सिन को प्रोटीन पचाने के लिए आवश्यक अम्लीय माध्यम देता है।
- छोटी आंत पाचन और अवशोषण का मुख्य स्थल है, और उसे यकृत से पित्त तथा अग्न्याशय से एंजाइम मिलते हैं।
- पित्त में एंजाइम नहीं होता पर वह वसा की बड़ी बूंदों को छोटी बूंदों में तोड़ता है, जिसे इमल्सीकरण कहते हैं।
- अवशोषण दीर्घरोम (villi) नामक अंगुली जैसे उभारों से होता है, जो सतह क्षेत्र बहुत बढ़ा देते हैं।
- बड़ी आंत जल अवशोषित करती है और शेष अपशिष्ट गुदा से बाहर निकल जाता है।
| अंग | मुख्य स्राव | मुख्य क्रिया |
|---|---|---|
| मुख | लार | स्टार्च पाचन आरंभ |
| आमाशय | हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और पेप्सिन | प्रोटीन पाचन, कीटाणु नाश |
| यकृत | पित्त | वसा का इमल्सीकरण |
| छोटी आंत | आंत्र रस | पाचन पूर्ण और अवशोषण |
प्रकाश संश्लेषण — वह प्रक्रिया जिससे हरे पौधे सूर्य प्रकाश और पर्णहरित की सहायता से कार्बन डाइऑक्साइड और जल से भोजन बनाते हैं।
Exam me kaise aata hai
- प्रकाश संश्लेषण किस कोशिकांग में होता है — हरितलवक
- पित्त किससे स्रावित होता है — यकृत
- छोटी आंत के अंगुली जैसे उभार कहलाते हैं — दीर्घरोम
- प्रकाश संश्लेषण का भोजन किस रूप में संचित होता है — स्टार्च
UPSC/State PSC ke liye
- पित्त में एंजाइम न होने पर भी वह अनिवार्य है, क्योंकि इमल्सीकरण उस सतह को बहुत बढ़ा देता है जिस पर वसा पाचक एंजाइम काम कर सकें।
- छोटी आंत लंबी और दीर्घरोम युक्त ठीक इसीलिए है कि अवशोषण सतह क्षेत्र पर निर्भर है, केवल लंबाई पर नहीं।
Yahan confuse hote hain
✗ पित्त में पाचक एंजाइम होते हैं | पित्त में एंजाइम नहीं; वह केवल वसा का इमल्सीकरण करता है | ✓
✗ प्रोटीन का पाचन मुख से शुरू होता है | प्रोटीन पाचन आमाशय से शुरू होता है | ✓
✗ सभी पौधे स्वपोषी हैं | अमरबेल परजीवी पौधा है और स्वपोषी नहीं है | ✓
Ek nazar me
- स्वपोषी भोजन बनाते हैं; विषमपोषी दूसरों पर निर्भर हैं।
- प्रकाश संश्लेषण को सूर्य प्रकाश, पर्णहरित, कार्बन डाइऑक्साइड और जल चाहिए।
- स्टार्च संचित उत्पाद है; ऑक्सीजन मुक्त होती है।
- पाचन छोटी आंत में पूरा होता और अवशोषण दीर्घरोम से होता है।
