पादप ऊतक
NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Tissues"
पादप ऊतक
ऊतक समान संरचना वाली उन कोशिकाओं का समूह है जो मिलकर कोई विशेष कार्य करती हैं। पौधों में वृद्धि कुछ ही क्षेत्रों तक सीमित रहती है, इसलिए पादप ऊतकों को पहले उनमें बांटा जाता है जो विभाजित होते हैं और जो विभाजन बंद कर चुके हैं।
विभज्योतक और सरल स्थायी ऊतक
- विभज्योतक ऊतक सक्रिय रूप से विभाजित होती कोशिकाओं का बना है, जिनकी भित्ति पतली, कोशिकाद्रव्य सघन और रिक्तिका नहीं होती।
- शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के सिरों पर रहता और लंबाई बढ़ाता है; पार्श्व विभज्योतक मोटाई बढ़ाता है; अंतर्वेशी विभज्योतक पत्तियों या पर्वसंधियों के आधार पर रहता है।
- स्थायी ऊतक तब बनता है जब विभज्योतक कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खोकर कोई निश्चित भूमिका ले लेती हैं।
- मृदूतक में पतली भित्ति वाली जीवित कोशिकाएं होती हैं जो भोजन संचित करती हैं; हरितलवक मिलने पर यह हरित मृदूतक और वायु कोष्ठ मिलने पर वायूतक बनता है, जो जलीय पौधों को तैरने में सहायता करता है।
- स्थूलकोण ऊतक की कोशिकाएं कोनों पर मोटी होती हैं और लचीलापन देती हैं, इसीलिए तना बिना टूटे झुक जाता है।
- दृढ़ोतक में मोटी लिग्निनयुक्त भित्ति वाली मृत कोशिकाएं होती हैं और यह शक्ति और कठोरता देता है, जैसे नारियल के छिलके में।
जटिल और रक्षी ऊतक
- जटिल स्थायी ऊतक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है जो साथ काम करती हैं।
- जाइलम जल और खनिज जड़ से पत्ती तक ऊपर ले जाता है और यांत्रिक सहारा भी देता है; इसका अधिकांश भाग मृत कोशिकाओं का है।
- जाइलम में वाहिनिकाएं, वाहिकाएं, जाइलम मृदूतक और जाइलम रेशे होते हैं।
- फ्लोएम पत्तियों से भोजन पूरे पौधे तक दोनों दिशाओं में ले जाता है और अधिकतर जीवित कोशिकाओं का बना है।
- फ्लोएम में चालनी नलिकाएं, सहचर कोशिकाएं, फ्लोएम मृदूतक और फ्लोएम रेशे होते हैं।
- बाह्यत्वचा बाहरी रक्षी परत है, जिस पर प्रायः मोमी उपचर्म रहता है जो जल हानि घटाता है।
- बाह्यत्वचा के छोटे छिद्र रंध्र गैसों का विनिमय और वाष्पोत्सर्जन में जलवाष्प की हानि होने देते हैं।
| ऊतक | कार्य | जीवित या मृत |
|---|---|---|
| मृदूतक | संचय और आधारभूत भराव | जीवित |
| स्थूलकोण ऊतक | लचीलापन | जीवित |
| दृढ़ोतक | शक्ति और कठोरता | मृत |
| जाइलम | जल का ऊपर परिवहन | अधिकतर मृत |
| फ्लोएम | भोजन का दोनों ओर परिवहन | अधिकतर जीवित |
विभज्योतक ऊतक — सक्रिय रूप से विभाजित होती कोशिकाओं का पादप ऊतक, जो पौधे की वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
Exam me kaise aata hai
- कौन सा ऊतक जल ऊपर ले जाता है — जाइलम
- कौन सा ऊतक भोजन दोनों ओर ले जाता है — फ्लोएम
- तने को लचीलापन कौन सा ऊतक देता है — स्थूलकोण ऊतक
- गैस विनिमय के लिए बाह्यत्वचा के छिद्र — रंध्र
UPSC/State PSC ke liye
- जाइलम मृत कोशिकाओं का हो सकता है क्योंकि जल खोखली नलियों से भौतिक खिंचाव से चलता है, जबकि फ्लोएम को जीवित रहना पड़ता है क्योंकि भोजन परिवहन में ऊर्जा लगती है।
- वायूतक जलीय पौधों को उत्प्लावकता देता है, जो इसका स्पष्ट उदाहरण है कि ऊतक उस परिवेश से आकार पाते हैं जिसमें पौधा रहता है।
Yahan confuse hote hain
✗ फ्लोएम जल ले जाता है | फ्लोएम भोजन ले जाता है; जाइलम जल ले जाता है | ✓
✗ दृढ़ोतक जीवित ऊतक है | दृढ़ोतक की कोशिकाएं मृत होती हैं | ✓
✗ जाइलम दोनों दिशाओं में परिवहन करता है | जाइलम जल ऊपर; फ्लोएम भोजन दोनों ओर ले जाता है | ✓
Ek nazar me
- विभज्योतक विभाजित होता है; स्थायी ऊतक की भूमिका निश्चित रहती है।
- मृदूतक संचय, स्थूलकोण लचीलापन, दृढ़ोतक शक्ति देता है।
- जाइलम जल ऊपर और अधिकतर मृत; फ्लोएम भोजन दोनों ओर और जीवित।
- उपचर्म सहित बाह्यत्वचा रक्षा; रंध्र गैस विनिमय करते हैं।
