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मूल्य सूचकांक और उनके उपयोग

Price Indices and Their Uses

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NCERT कक्षा 11 • Statistics for Economics • अध्याय "Index Numbers"

मूल्य सूचकांक और उनके उपयोग

सूचकांक एक सांख्यिकीय साधन है जो संबंधित चरों के समूह में समय के साथ आए परिवर्तन को मापता है, और इसे सौ मान लिए गए आधार के सापेक्ष व्यक्त किया जाता है। मूल्य सूचकांक सर्वाधिक प्रयुक्त प्रकार है, क्योंकि वह बताता है कि चुने हुए आधार वर्ष की तुलना में सामान्य कीमत स्तर कितना बदला।

सूचकांक का निर्माण

  • ऐसा आधार वर्ष चुना जाता है जो सामान्य रहा हो, अर्थात युद्ध, अकाल, सूखे या असामान्य कीमत उतार-चढ़ाव से मुक्त हो।
  • आधार वर्ष का मान सदैव 100 रखा जाता है, और हर दूसरे वर्ष की तुलना उससे की जाती है।
  • प्रतिनिधि वस्तुओं की एक टोकरी चुनी जाती है, क्योंकि हर वस्तु को सम्मिलित करना असंभव है।
  • हर वस्तु को कुल व्यय में उसके महत्व के अनुसार भार दिया जाता है।
  • 100 से ऊपर सूचकांक का अर्थ है कीमतें आधार वर्ष से बढ़ी हैं; 100 से नीचे का अर्थ है घटी हैं।
  • यदि सूचकांक 130 है, तो कीमत स्तर आधार वर्ष स्तर से 30 प्रतिशत ऊपर है।
  • आधार वर्ष समय-समय पर बदला जाता है, क्योंकि उपभोग का स्वरूप बदलता रहता है।

प्रमुख सूचकांक और उपयोग

  • थोक मूल्य सूचकांक व्यापारियों के बीच थोक लेनदेन की कीमत परिवर्तन मापता है और सेवाओं को नहीं समेटता।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक घरेलू टोकरी के लिए खुदरा कीमत परिवर्तन मापता है, जिसकी अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों के लिए अलग शृंखलाएं हैं।
  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक खनन, विनिर्माण और विद्युत में उत्पादन परिवर्तन मापता है।
  • कृषि उत्पादन सूचकांक और मानव विकास सूचकांक इसी विचार को अन्य क्षेत्रों में लगाते हैं।
  • सूचकांक महंगाई भत्ता तय करने, मजदूरी और पेंशन संशोधित करने, तथा वास्तविक आय बढ़ी या नहीं यह आंकने में काम आते हैं।
  • ये मौद्रिक नीति को भी दिशा देते हैं, क्योंकि केंद्रीय बैंक उपभोक्ता सूचकांक पर निकट दृष्टि रखता है।
  • सूचकांक की सीमा यह है कि टोकरी और भार चुनने में निर्णय लगता है, इसलिए दो सूचकांक अलग तस्वीर दे सकते हैं।
सूचकांकक्या मापता हैदायरा
थोक मूल्य सूचकांकथोक व्यापार की कीमतेंकेवल वस्तुएं
उपभोक्ता मूल्य सूचकांकपरिवारों की खुदरा कीमतेंवस्तुएं और सेवाएं
औद्योगिक उत्पादन सूचकांकउद्योग का उत्पादनखनन, विनिर्माण, विद्युत

आधार वर्ष — एक सामान्य संदर्भ वर्ष जिसका मान 100 रखा जाता है और जिससे अन्य वर्षों की तुलना होती है।

Exam me kaise aata hai

  • आधार वर्ष का सूचकांक मान सदैव कितना होता है — 100
  • परिवारों की खुदरा कीमतें कौन मापता है — उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
  • थोक व्यापार की कीमतें कौन मापता है — थोक मूल्य सूचकांक
  • महंगाई भत्ता किससे तय होता है — मूल्य सूचकांक

UPSC/State PSC ke liye

  • थोक सूचकांक सेवाओं को नहीं समेटता, इसलिए सेवा प्रधान अर्थव्यवस्था में वह उपभोक्ता सूचकांक से बहुत भिन्न चल सकता है।
  • वस्तु सूची से अधिक महत्वपूर्ण भार हैं, क्योंकि कम भार वाली वस्तु की कीमत कितनी भी बदले, सूचकांक मुश्किल से हिलता है।

Yahan confuse hote hain

✗ आधार वर्ष का मान कोई भी संख्या हो सकती है | इसे सदैव 100 रखा जाता है  |  ✓

✗ WPI और CPI सदैव साथ चलते हैं | दायरा और भार भिन्न होने से ये अलग चल सकते हैं  |  ✓

✗ 130 सूचकांक का अर्थ कीमतें 130 प्रतिशत बढ़ीं | इसका अर्थ कीमतें आधार वर्ष से 30 प्रतिशत ऊपर हैं  |  ✓

Ek nazar me

  • सूचकांक 100 रखे आधार वर्ष के सापेक्ष परिवर्तन मापता है।
  • सामान्य आधार वर्ष और सही भार अनिवार्य हैं।
  • WPI थोक वस्तुएं; CPI घरेलू खुदरा टोकरी समेटता है।
  • सूचकांक महंगाई भत्ता तय करते और मौद्रिक नीति को दिशा देते हैं।

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