परावर्तन और दर्पण
NCERT कक्षा 10 • Science • अध्याय "Light Reflection and Refraction" | NCERT कक्षा 8 • Science • अध्याय "Light"
परावर्तन और दर्पण
प्रकाश सरल रेखा में चलता है और ऊर्जा का वह रूप है जिससे हमें दिखाई देता है। जब प्रकाश किसी सतह पर पड़कर उसी माध्यम में लौट आता है तो उस प्रभाव को परावर्तन कहते हैं, और यही दर्पण, पेरिस्कोप तथा वाहनों के पश्च दृश्य तंत्र को संभव बनाता है।
परावर्तन के नियम और समतल दर्पण
- पहला नियम कहता है कि आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है।
- दूसरा नियम कहता है कि आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।
- नियमित परावर्तन चिकनी सतह पर होता है और स्पष्ट प्रतिबिंब देता है; खुरदरी सतह पर विसरित परावर्तन प्रकाश को बिखेर देता है।
- समतल दर्पण ऐसा प्रतिबिंब बनाता है जो आभासी, सीधा और समान आकार का हो तथा दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर हो जितनी वस्तु आगे है।
- समतल दर्पण के प्रतिबिंब में पार्श्व परिवर्तन होता है, इसीलिए वाहनों पर AMBULANCE शब्द उलटा लिखा जाता है।
- वास्तविक प्रतिबिंब पर्दे पर लिया जा सकता है; आभासी प्रतिबिंब नहीं।
गोलीय दर्पण और उनके उपयोग
- अवतल दर्पण भीतर की ओर मुड़ा होता है और समांतर किरणों को अपने मुख्य फोकस पर अभिसरित करता है।
- वस्तु बहुत पास हो तो अवतल दर्पण बड़ा सीधा आभासी प्रतिबिंब देता है, और फोकस से आगे रखने पर वास्तविक उल्टा प्रतिबिंब।
- यह दाढ़ी बनाने के दर्पण, दंत चिकित्सक के दर्पण, टॉर्च और हेडलाइट परावर्तक तथा सौर कुकर में काम आता है।
- उत्तल दर्पण बाहर की ओर मुड़ा होता है और समांतर किरणों को अपसरित करता है, इसलिए फोकस आभासी होता है।
- उत्तल दर्पण सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब देता है तथा विस्तृत दृश्य क्षेत्र समेटता है।
- यह वाहन के पश्च दृश्य दर्पण तथा दुकानों और सड़क मोड़ों पर निगरानी में काम आता है।
- गोलीय दर्पण की फोकस दूरी उसकी वक्रता त्रिज्या की आधी होती है।
| दर्पण | प्रतिबिंब की प्रकृति | सामान्य उपयोग |
|---|---|---|
| समतल | आभासी, सीधा, समान आकार | घरेलू दर्पण |
| अवतल | दूरी के अनुसार वास्तविक या आभासी | हेडलाइट, दाढ़ी दर्पण |
| उत्तल | सदैव आभासी, सीधा, छोटा | पश्च दृश्य दर्पण |
पार्श्व परिवर्तन — समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब का बाएं से दाएं उलट जाना।
Exam me kaise aata hai
- पश्च दृश्य दर्पण के रूप में कौन सा दर्पण प्रयुक्त होता है — उत्तल दर्पण
- टॉर्च परावर्तक में कौन सा दर्पण होता है — अवतल दर्पण
- समतल दर्पण में बाएं-दाएं उलटना कहलाता है — पार्श्व परिवर्तन
- फोकस दूरी वक्रता त्रिज्या की कितनी होती है — आधी
UPSC/State PSC ke liye
- वाहनों में उत्तल दर्पण इसलिए चुना जाता है कि वह सदैव सीधा प्रतिबिंब और अधिक विस्तृत दृश्य क्षेत्र देता है, भले प्रतिबिंब छोटा हो।
- विसरित परावर्तन के कारण ही हमें अप्रकाशमान वस्तुएं हर दिशा से दिखती हैं, केवल एक रेखा पर नहीं।
Yahan confuse hote hain
✗ समतल दर्पण वास्तविक प्रतिबिंब देता है | समतल दर्पण आभासी प्रतिबिंब देता है | ✓
✗ उत्तल दर्पण वास्तविक प्रतिबिंब दे सकता है | उत्तल दर्पण सदैव आभासी प्रतिबिंब देता है | ✓
✗ अवतल और उत्तल दोनों प्रकाश अभिसरित करते हैं | अवतल अभिसरित; उत्तल अपसरित करता है | ✓
Ek nazar me
- आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर, और दोनों किरणें अभिलंब के साथ एक तल में।
- समतल दर्पण आभासी, सीधा, समान आकार का प्रतिबिंब पार्श्व परिवर्तन के साथ देता है।
- अवतल अभिसरित करता है और हेडलाइट तथा सौर कुकर में लगता है।
- उत्तल अपसरित करता है, सदैव छोटा सीधा प्रतिबिंब देता और पश्च दृश्य दर्पण बनता है।
