मौर्यों का उदय और स्रोत
NCERT Class 12 - Themes in Indian History Part I, Chapter 2
मौर्यों का उदय और स्रोत
लगभग 321 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित मौर्य साम्राज्य पहला ऐसा साम्राज्य था जिसने लगभग पूरे उपमहाद्वीप को एक प्रशासन के नीचे लाया। यह पहला भारतीय वंश भी है जिसके लिए अभिलेख, विदेशी विवरण और राजनीति ग्रंथ तीनों उपलब्ध हैं।
स्रोत
- कौटिल्य का अर्थशास्त्र, जिन्हें चाणक्य या विष्णुगुप्त भी कहते हैं - राजस्व, गुप्तचर, विधि और युद्ध का शासन ग्रंथ।
- पाटलिपुत्र में सेल्यूकसी राजदूत मेगस्थनीज की इंडिका; मूल ग्रंथ लुप्त है और केवल बाद के यूनानी लेखकों के उद्धरणों में बचा है।
- अशोक के अभिलेख, जो चट्टानों, स्तंभों और गुफा भित्तियों पर खुदे हैं - सबसे विश्वसनीय स्रोत, क्योंकि ये समकालीन हैं।
- साहित्यिक ग्रंथ - विशाखदत्त का मुद्राराक्षस, बौद्ध दिव्यावदान और महावंश, जैन परिशिष्टपर्वन, और पुराण।
- अभिलेखों की ब्राह्मी लिपि को 1837 में जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा, जिससे अशोक आधुनिक इतिहास के सामने आए।
चंद्रगुप्त मौर्य
- उसने कौटिल्य के मार्गदर्शन में घनानंद को उखाड़ फेंका और पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया।
- लगभग 305 ईसा पूर्व में उसने सेल्यूकस निकेटर को हराया। संधि में सेल्यूकस ने अराकोसिया, गेड्रोसिया, एरिया और पैरोपनिसडाई के क्षेत्र दिए - मोटे तौर पर पूर्वी अफगानिस्तान और बलूचिस्तान - और बदले में 500 युद्ध हाथी लिए।
- इसी संधि के बाद मेगस्थनीज राजदूत बनकर उसके दरबार में आया।
- जैन परंपरा के अनुसार अंतिम वर्षों में वह जैन बना, भद्रबाहु के साथ कर्नाटक के श्रवणबेलगोला गया और सल्लेखना से देह त्यागी।
- यूनानी लेखक उसे सैंड्रोकोट्स कहते हैं, और इसी पहचान ने प्राचीन भारत की तिथि श्रृंखला तय की।
बिंदुसार
- चंद्रगुप्त का पुत्र, जिसने लगभग 297 से 273 ईसा पूर्व तक शासन किया।
- यूनानी स्रोत उसे अमित्रोकेट्स कहते हैं, जो अमित्रघात यानी शत्रुओं का नाश करने वाला से बना है।
- उसने साम्राज्य को अक्षुण्ण रखा और दक्कन तक नियंत्रण बढ़ाया माना जाता है, हालांकि कलिंग बाहर ही रहा।
- उसका झुकाव आजीवक संप्रदाय की ओर था, और सीरिया के एंटिओकस प्रथम ने डाइमेकस को राजदूत भेजा।
- उसके शासन में तक्षशिला का विद्रोह दिखाता है कि उत्तर-पश्चिम को संभालना कठिन था।
| स्रोत | लेखक या प्रकृति | क्या बताता है |
|---|---|---|
| अर्थशास्त्र | कौटिल्य | प्रशासन, राजस्व, गुप्तचर, विधि |
| इंडिका | मेगस्थनीज | पाटलिपुत्र, समाज, सेना, नगर शासन |
| अभिलेख | अशोक | धम्म, लोक कल्याण, राजकीय नीति |
| मुद्राराक्षस | विशाखदत्त | नंदों का पतन, दरबारी षड्यंत्र |
| महावंश | श्रीलंकाई वृत्तांत | अशोक के बौद्ध धर्म प्रचार मिशन |
परीक्षा में कैसे आता है
स्रोत और लेखक का सुमेलित कीजिए प्रश्न लगभग निश्चित है। तथ्यात्मक प्रश्न पूछते हैं कि ब्राह्मी किसने पढ़ी, यूनानी बिंदुसार को क्या कहते थे, और सेल्यूकस से कौन लड़ा। कथन-आधारित प्रश्न जांचते हैं कि अशोक से पहले कलिंग साम्राज्य में था या नहीं।
UPSC / State PSC के लिए
अर्थशास्त्र को सावधानी से लीजिए - इसकी तिथि विवादित है और यह आदर्श राज्य का वर्णन करता है, जरूरी नहीं कि मौर्य व्यवहार का। अभिलेख ही एकमात्र कड़ाई से समकालीन प्रमाण हैं, इसलिए अच्छा उत्तर स्रोतों को तौलता है, सबको बराबर विश्वसनीय मानकर उद्धृत नहीं करता।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ इंडिका कौटिल्य ने लिखी | ✓ इंडिका मेगस्थनीज की है; अर्थशास्त्र कौटिल्य का
✗ चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस को क्षेत्र दिए | ✓ सेल्यूकस ने क्षेत्र दिए और 500 हाथी लिए
✗ अशोक ने कलिंग इसलिए जीता कि पिता ने उसे खोया था | ✓ कलिंग अशोक से पहले कभी साम्राज्य में था ही नहीं
एक नजर में
- मौर्य साम्राज्य की स्थापना लगभग 321 ईसा पूर्व, चंद्रगुप्त मौर्य ने कौटिल्य की सहायता से की।
- स्रोत - अर्थशास्त्र, इंडिका, अशोक के अभिलेख, मुद्राराक्षस, पुराण, बौद्ध और जैन ग्रंथ।
- जेम्स प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी पढ़ी और अभिलेख सुलभ कराए।
- चंद्रगुप्त ने लगभग 305 ईसा पूर्व सेल्यूकस को हराया; चार क्षत्रपी मिलीं, 500 हाथी दिए।
- यूनानी नाम सैंड्रोकोट्स ने प्राचीन भारत की तिथि श्रृंखला तय की।
- बिंदुसार, जिसे अमित्रोकेट्स कहा गया, ने लगभग 297-273 ईसा पूर्व शासन किया।
